भावनगर जहरीली शराब कांड: 4 की मौत, 18 अस्पताल में भर्ती; MP से आई थी नकली शराब
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की मौत हो गई है और 18 अन्य को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, यह नकली शराब मध्य प्रदेश से अवैध रूप से लाकर भावनगर में बेची गई थी। घटना की सूचना 20 अगस्त को मिली, जबकि पहली मौत मंगलवार शाम को दर्ज की गई थी।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, 16 अगस्त को घोघा तालुका के खरकड़ी गांव में आयोजित एक पार्टी में अवैध शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। जिला प्रशासन को इसकी सूचना मंगलवार शाम करीब 6 बजे मिली। पहली मौत मंगलवार शाम हुई, मंगलवार रात एक और व्यक्ति ने दम तोड़ा, और बुधवार को दो अन्य लोगों की जान चली गई।
मृतकों में कार्तिक मकवाणा (40 वर्ष), उपेंद्र गोहिल (25 वर्ष) और घनश्यामसिंह जडेजा (50 वर्ष) की मौत जहरीली शराब से होने की पुष्टि हो चुकी है। चौथे मृतक नरेंद्र यादव की पोस्टमॉर्टम और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है। चारों मृतक भावनगर जिले के निवासी थे।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति
वर्तमान में 18 पीड़ितों का इलाज सर तख्तसिंहजी जनरल अस्पताल और चार निजी अस्पतालों सहित कुल पाँच अस्पतालों में चल रहा है। इनमें 2 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है, 4 आईसीयू में भर्ती हैं, 2 वेंटिलेटर पर हैं और 10 की हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इस कांड से कम से कम 22 लोग प्रभावित हुए हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक (DGP) जीएस मलिक ने कहा, "इस घटना में चार लोगों की मौत हुई है। राज्यभर की सभी पुलिस इकाइयों को व्यापक जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।" भावनगर पुलिस ने मंगलवार रात 4 संदिग्ध शराब तस्करों को हिरासत में लिया है, जिन पर मध्य प्रदेश से शराब लाकर जिले में बेचने का आरोप है।
भावनगर के पुलिस अधीक्षक नितेश पांडे ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी और शराब की सप्लाई चेन की जांच के लिए 16 पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इसके साथ ही अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है, क्योंकि आशंका है कि जहरीली शराब की सप्लाई इसी जिले से होकर गुजरी थी।
ड्राई स्टेट में शराब तस्करी की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि गुजरात एक ड्राई स्टेट है, जहाँ शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद अवैध शराब की तस्करी राज्य में एक गंभीर समस्या बनी हुई है। पीड़ितों ने एक लोकप्रिय ब्रांड के नाम से बेची जा रही नकली शराब का सेवन किया था, जो मेथनॉल या अन्य जहरीले रसायन से तैयार की गई हो सकती है — हालांकि टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट की पुष्टि अभी बाकी है।
यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। यह घटना राज्य में जहरीली शराब से होने वाली मौतों की श्रृंखला में एक और दुखद अध्याय जोड़ती है।
आगे की जांच
जांच एजेंसियाँ सप्लाई चेन की जड़ तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं। चौथे मृतक नरेंद्र यादव की टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मध्य प्रदेश पुलिस के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।