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नागालैंड: मोकोकचुंग में जहरीली शराब से 8 की मौत, 6 गिरफ्तार; SIT जाँच शुरू

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नागालैंड: मोकोकचुंग में जहरीली शराब से 8 की मौत, 6 गिरफ्तार; SIT जाँच शुरू

सारांश

शराबबंदी वाले नागालैंड में जहरीली शराब ने मोकोकचुंग में 8 लोगों की जान ले ली — मृतकों में एक सशस्त्र बटालियन का जवान और एक आदिवासी दंपति भी शामिल हैं। 19 सितंबर से शुरू हुआ यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, SIT जाँच शुरू और मुख्य संदिग्ध अभी फरार।

मुख्य बातें

नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में जहरीली शराब से अब तक 8 लोगों की मौत; मौतों का सिलसिला 19 सितंबर 2026 से शुरू।
25 सितंबर को मैंगकोलेम्बा और अलीबा गाँव में चार और मौतें — मृतकों में 9वीं एनएपी बटालियन का एक जवान और एक आदिवासी दंपति शामिल।
पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया; मुख्य संदिग्ध शराब विक्रेता अभी फरार ।
एडिशनल एसपी की अध्यक्षता में SIT गठित; केस भारतीय न्याय संहिता धारा 105 और नागालैंड शराब पूर्ण निषेध अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज।
विसरा सैंपल और जब्त शराब FSL गुवाहाटी भेजे जाएँगे; फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिलावट की पुष्टि होगी।

नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में जहरीली शराब पीने से संदिग्ध मौतों का आँकड़ा 8 तक पहुँच गया है। 25 सितंबर 2026 को मैंगकोलेम्बा और अलीबा गाँव में चार और लोगों की जान जाने के बाद पूरे जिले में प्रशासनिक हड़कंप मच गया। पुलिस ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और अवैध शराब की आपूर्ति श्रृंखला का भंडाफोड़ करने में जुटी है।

मौतों का सिलसिला और घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, मौतों का यह सिलसिला 19 सितंबर 2026 से शुरू हुआ, जब पहली मृत्यु दर्ज की गई। इसके बाद 22, 23 और 24 सितंबर को भी मौतें हुईं, और 25 सितंबर को चार और लोगों की जान चली गई। सभी 8 मृतकों की मौतें एक ही भौगोलिक क्षेत्र में हुई हैं और सभी को नियमित शराब पीने की आदत थी।

मोकोकचुंग के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 25 सितंबर को मैंगकोलेम्बा में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें 9वीं एनएपी (आईआर) बटालियन का एक जवान भी शामिल था, जो अखोया गाँव का निवासी था। दूसरा मृतक खार गाँव का था। दोनों को मैंगकोलेम्बा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ा।

आदिवासी दंपति की भी मौत

ओंगपांगकोंग सब-डिवीजन के अलीबा गाँव में एक आदिवासी दंपति की भी 25 सितंबर को मौत हो गई। यह जोड़ा खेत में मजदूरी करता था। सूचना मिलते ही एसडीपीओ जरेनी यांथन के नेतृत्व में पुलिस टीम गाँव पहुँची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शराब बेचने वाले मुख्य संदिग्ध की पहचान कर ली है, लेकिन वह फिलहाल फरार है।

मैंगकोलेम्बा टाउन काउंसिल के चेयरमैन सुपोंगत्सुंगबा ने बताया कि 9वीं एनएपी बटालियन के दो जवान एक साथ शराब पी रहे थे। एक की मौत पहले हुई और दूसरे की एक दिन बाद। दोनों की मौतें रात 1 से 2 बजे के बीच हुईं — एक जवान को रात 1 बजे अस्पताल लाया गया और मात्र 15-20 मिनट के भीतर उसकी मृत्यु हो गई।

प्रशासन की कार्रवाई और SIT गठन

घटना की गंभीरता को देखते हुए मोकोकचुंग के एडिशनल एसपी की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। प्रशासन, पुलिस, टाउन काउंसिल और स्थानीय संगठन वात्सु ने संयुक्त रूप से मैंगकोलेम्बा में छापेमारी कर कई स्थानों से अवैध शराब जब्त की। 24 सितंबर को मोकोकचुंग शहर में भी कई जगह छापे मारे गए।

इस मामले में मंगकोलेम्बा थाने में केस नंबर 002/2026 दर्ज किया गया है, जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और नागालैंड शराब पूर्ण निषेध अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज है।

फॉरेंसिक जाँच और आगे की कार्रवाई

सभी 8 मृतकों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। विसरा सैंपल और जब्त की गई शराब के नमूने वैज्ञानिक जाँच के लिए गुवाहाटी स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे जाएँगे। पुलिस का कहना है कि FSL रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शराब में किस जहरीले पदार्थ की मिलावट की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब नागालैंड में 1989 से शराबबंदी लागू है, फिर भी अवैध शराब की तस्करी राज्य में लगातार जारी है। फरार मुख्य संदिग्ध की गिरफ्तारी और फॉरेंसिक जाँच रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मोकोकचुंग जैसी त्रासदी यह सवाल उठाती है कि तीन दशकों से अधिक की प्रतिबंध नीति अवैध आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में क्यों नाकाम रही है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है — उत्तर-पूर्व के कई प्रतिबंधित राज्यों में बार-बार जहरीली शराब की घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि प्रतिबंध बिना प्रभावी जमीनी निगरानी के केवल कागज पर रहता है। एक सशस्त्र बल के जवान की मौत इस मामले को सुरक्षा तंत्र की विफलता का भी आयाम देती है। FSL रिपोर्ट और SIT की जाँच तभी सार्थक होगी जब आपूर्ति नेटवर्क की जड़ तक पहुँचा जाए, न कि केवल खुदरा स्तर पर गिरफ्तारियाँ की जाएँ।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड के मोकोकचुंग में जहरीली शराब से कितने लोगों की मौत हुई?
मोकोकचुंग जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 8 लोगों की संदिग्ध मौत हो चुकी है। मौतों का सिलसिला 19 सितंबर 2026 से शुरू हुआ और 25 सितंबर को मैंगकोलेम्बा व अलीबा गाँव में चार और मौतें दर्ज की गईं।
मोकोकचुंग जहरीली शराब कांड में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने अब तक इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य संदिग्ध शराब विक्रेता की पहचान हो चुकी है, लेकिन वह अभी फरार है।
नागालैंड में शराब पर प्रतिबंध होते हुए भी यह कैसे हुआ?
नागालैंड में नागालैंड शराब पूर्ण निषेध अधिनियम, 1989 के तहत शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब की तस्करी और बिक्री का नेटवर्क सक्रिय है, जो इस त्रासदी की वजह बना।
मोकोकचुंग जहरीली शराब कांड की जाँच कौन कर रहा है?
मोकोकचुंग के एडिशनल एसपी की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। विसरा सैंपल और जब्त शराब को गुवाहाटी की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा जाएगा, जिसकी रिपोर्ट से मिलावटी पदार्थ की पुष्टि होगी।
इस घटना में कौन-से कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज हुआ है?
मंगकोलेम्बा थाने में केस नंबर 002/2026 दर्ज किया गया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और नागालैंड शराब पूर्ण निषेध अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
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