नागालैंड: मोकोकचुंग में जहरीली शराब से 8 की मौत, 6 गिरफ्तार; SIT जाँच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में जहरीली शराब पीने से संदिग्ध मौतों का आँकड़ा 8 तक पहुँच गया है। 25 सितंबर 2026 को मैंगकोलेम्बा और अलीबा गाँव में चार और लोगों की जान जाने के बाद पूरे जिले में प्रशासनिक हड़कंप मच गया। पुलिस ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और अवैध शराब की आपूर्ति श्रृंखला का भंडाफोड़ करने में जुटी है।
मौतों का सिलसिला और घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मौतों का यह सिलसिला 19 सितंबर 2026 से शुरू हुआ, जब पहली मृत्यु दर्ज की गई। इसके बाद 22, 23 और 24 सितंबर को भी मौतें हुईं, और 25 सितंबर को चार और लोगों की जान चली गई। सभी 8 मृतकों की मौतें एक ही भौगोलिक क्षेत्र में हुई हैं और सभी को नियमित शराब पीने की आदत थी।
मोकोकचुंग के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 25 सितंबर को मैंगकोलेम्बा में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें 9वीं एनएपी (आईआर) बटालियन का एक जवान भी शामिल था, जो अखोया गाँव का निवासी था। दूसरा मृतक खार गाँव का था। दोनों को मैंगकोलेम्बा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ा।
आदिवासी दंपति की भी मौत
ओंगपांगकोंग सब-डिवीजन के अलीबा गाँव में एक आदिवासी दंपति की भी 25 सितंबर को मौत हो गई। यह जोड़ा खेत में मजदूरी करता था। सूचना मिलते ही एसडीपीओ जरेनी यांथन के नेतृत्व में पुलिस टीम गाँव पहुँची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शराब बेचने वाले मुख्य संदिग्ध की पहचान कर ली है, लेकिन वह फिलहाल फरार है।
मैंगकोलेम्बा टाउन काउंसिल के चेयरमैन सुपोंगत्सुंगबा ने बताया कि 9वीं एनएपी बटालियन के दो जवान एक साथ शराब पी रहे थे। एक की मौत पहले हुई और दूसरे की एक दिन बाद। दोनों की मौतें रात 1 से 2 बजे के बीच हुईं — एक जवान को रात 1 बजे अस्पताल लाया गया और मात्र 15-20 मिनट के भीतर उसकी मृत्यु हो गई।
प्रशासन की कार्रवाई और SIT गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए मोकोकचुंग के एडिशनल एसपी की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। प्रशासन, पुलिस, टाउन काउंसिल और स्थानीय संगठन वात्सु ने संयुक्त रूप से मैंगकोलेम्बा में छापेमारी कर कई स्थानों से अवैध शराब जब्त की। 24 सितंबर को मोकोकचुंग शहर में भी कई जगह छापे मारे गए।
इस मामले में मंगकोलेम्बा थाने में केस नंबर 002/2026 दर्ज किया गया है, जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और नागालैंड शराब पूर्ण निषेध अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज है।
फॉरेंसिक जाँच और आगे की कार्रवाई
सभी 8 मृतकों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। विसरा सैंपल और जब्त की गई शराब के नमूने वैज्ञानिक जाँच के लिए गुवाहाटी स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे जाएँगे। पुलिस का कहना है कि FSL रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शराब में किस जहरीले पदार्थ की मिलावट की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब नागालैंड में 1989 से शराबबंदी लागू है, फिर भी अवैध शराब की तस्करी राज्य में लगातार जारी है। फरार मुख्य संदिग्ध की गिरफ्तारी और फॉरेंसिक जाँच रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करेगी।