हुगली नदी में कंटेनर जहाज की टक्कर: डायमंड हार्बर के नूरपुर फेरी घाट के पास किनारे से भिड़ा एमवी नवाता भूम
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर के निकट हुगली नदी में 12 अगस्त 2026 को एक बड़ी नौवहन दुर्घटना उस समय हुई जब सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज एमवी नवाता भूम नदी के तेज बहाव और संभावित स्टीयरिंग गियर खराबी के चलते नूरपुर फेरी घाट के पास किनारे से जा टकराया। अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, हालाँकि नदी का किनारा क्षतिग्रस्त हो गया और स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।
दुर्घटना का घटनाक्रम
जहाज मलेशिया के पोर्ट क्लैंग से कंटेनर लेकर कोलकाता बंदरगाह की ओर आ रहा था। कोलकाता से लगभग 50 किलोमीटर दक्षिण में डायमंड हार्बर के पास नदी के एक तीखे मोड़ पर मुड़ते समय जहाज का स्टीयरिंग गियर जाम हो गया और वह किनारे से टकरा गया। अधिकारियों ने बताया कि स्टीयरिंग में खराबी का अंदेशा होते ही जहाज के मास्टर ने लगातार हॉर्न बजाकर किनारे पर मौजूद लोगों को सचेत किया।
सौभाग्यवश, टक्कर के समय आसपास कोई फेरी नहीं थी — अधिकारियों ने माना कि यदि उस समय कोई फेरी होती तो वह कुचली जा सकती थी।
जहाज का विवरण
एमवी नवाता भूम की लंबाई 147.82 मीटर है और इसकी डेडवेट टनेज 13,852 टन है। यह सिंगापुर के ध्वज के तहत पंजीकृत है। जहाज पर सवार श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट अथॉरिटी (SMPA) के पायलट ने टक्कर के तुरंत बाद बंदरगाह प्राधिकरण से संपर्क किया। SMPA के पायलट हुगली में चलने वाले सभी बड़े जहाजों पर सवार होकर उन्हें संकरे नेविगेशन चैनल से सुरक्षित निकालने में सहायता करते हैं।
हुगली नदी की चुनौतियाँ
हुगली नदी अपने तीखे मोड़ों, उथले पानी और रेत के टीलों के लिए जानी जाती है, जो बड़े जहाजों के लिए नेविगेशन को विशेष रूप से जटिल बनाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्टीयरिंग गियर की यह समस्या अक्सर सिंगल-स्क्रू वाले जहाजों में देखी जाती है — विशेष रूप से तब, जब जहाज किसी मोड़ से निकलकर सीधा होने की कोशिश करता है। इस घटना में तेज जलधारा ने भी दुर्घटना में भूमिका निभाई होगी, ऐसा अधिकारियों का कहना है। गौरतलब है कि पूर्वी मिदनापुर जिले के जियोनखाली के पास इससे पहले भी इसी प्रकार की दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं।
बचाव एवं राहत कार्य
सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर टग नावें भेजी गई हैं और जहाज को किनारे से हटाने के लिए अगली ज्वार का इंतज़ार किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जहाज का मुख्य ढाँचा सुरक्षित है और टग की सहायता से इसे कोलकाता बंदरगाह तक सुरक्षित रूप से पहुँचाया जा सकता है।
आगे की कार्रवाई
SMPA अधिकारी दुर्घटना के कारणों की जाँच कर रहे हैं। स्टीयरिंग गियर की तकनीकी जाँच और जहाज के लॉग की समीक्षा अपेक्षित है। यह घटना हुगली नदी में नौवहन सुरक्षा प्रोटोकॉल और जहाजों की तकनीकी जाँच की प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।