तुर्किए का एफ-16 लड़ाकू विमान यालोवा में दुर्घटनाग्रस्त, पायलट ने सुरक्षित इजेक्ट किया
सारांश
मुख्य बातें
तुर्किए के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार, 12 अगस्त को पुष्टि की कि उत्तर-पश्चिमी प्रांत यालोवा में एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान तुर्किए वायुसेना का एफ-16 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के क्रैश होने से पूर्व पायलट ने सफलतापूर्वक इजेक्ट कर लिया और वह सुरक्षित है।
मुख्य घटनाक्रम
रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि विमान रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था। दुर्घटना के सटीक कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच शुरू कर दी गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटनास्थल पर बड़ी संख्या में एम्बुलेंस और मेडिकल रेस्क्यू टीमें तत्काल भेजी गईं।
तुर्किए के समाचार चैनल एनटीवी द्वारा प्रसारित लाइव फुटेज में मलबे से उठती आग की लपटें और घना काला धुआं दिखाई दिया, जो प्रांत के कई हिस्सों से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था।
पिछली दुर्घटना का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब तुर्किए की वायुसेना पहले भी इसी तरह की घटना झेल चुकी है। इससे पहले फरवरी में, पश्चिमी बालिकेसिर प्रांत में तुर्किए का एक अन्य एफ-16 फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें पायलट की मौत हो गई थी। रक्षा मंत्रालय ने 25 फरवरी को एक्स पर पोस्ट कर बताया था, 'स्थानीय समय के अनुसार 0056 बजे (2156 GMT), बालिकेसिर में 9वें मेन जेट बेस कमांड से उड़ान भरने वाले हमारे एफ-16 का रेडियो संपर्क और लोकेशन का पता नहीं चल पाया। तुरंत शुरू किए गए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के परिणामस्वरूप यह पता चला कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उसका मलबा मिल गया।' गौरतलब है कि यह वर्ष 2026 में तुर्किए वायुसेना की दूसरी एफ-16 दुर्घटना है।
क्षेत्रीय रक्षा परिदृश्य
7 अगस्त को सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के अनुसार तीनों देशों में से किसी एक के विरुद्ध कोई भी सशस्त्र हमला सभी के विरुद्ध हमला माना जाएगा। इस ऐतिहासिक समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने मक्का में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए।
हालाँकि, प्रत्येक देश द्वारा ली गई विशिष्ट प्रतिबद्धताओं के बारे में अब तक बहुत कम विवरण सार्वजनिक किए गए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि समझौते के तहत उन्हें एक-दूसरे की रक्षा के लिए किस हद तक ठोस सैन्य कार्रवाई करनी होगी।
क्या होगा आगे
तुर्किए का रक्षा मंत्रालय दुर्घटना की विस्तृत जाँच कर रहा है और जाँच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है। वर्ष 2026 में दो एफ-16 हादसों के बाद तुर्किए वायुसेना की प्रशिक्षण प्रक्रियाओं और विमान रखरखाव पर सवाल उठना स्वाभाविक है।