क्या रफाल से कई मामलों में आगे है अमेरिकी फाइटर जेट एफ-16, फिर क्यों होते हैं क्रैश?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पोलैंड के रेडोम शहर में एक एअर शो के रिहर्सल के दौरान एक एफ-16 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट ने अपनी जान गंवा दी। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इस घटना की पुष्टि की। एफ-16 लड़ाकू विमान 30-31 अगस्त को होने वाले रेडोम एयर शो में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने वाला था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह सिंगल-इंजन जेट स्थानीय समयानुसार लगभग 19:30 बजे उड़ान भरने के बाद आसमान में कलाबाजी कर रहा था, जब अचानक यह जमीन से टकरा गया और इसमें आग लग गई तथा यह रनवे पर ही फिसलता चला गया।
यह पहली बार नहीं है कि अत्याधुनिक एफ-16 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो। इससे पहले भी अमेरिका, स्पेन, दक्षिण कोरिया, यूक्रेन, नीदरलैंड, बेल्जियम, मोरक्को, यमन, जॉर्डन, सीरिया जैसे कई देशों में एफ-16 के हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई पायलटों की जान जा चुकी है। 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद, जब भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक की थी, तब पाकिस्तान के एफ-16 का पीछा करते हुए भारतीय पायलट अभिनंदन वर्धमान ने इसे मार गिराने का दावा किया था।
1970 के दशक में अमेरिकी वायुसेना ने लाइटवेट फाइटर प्रोग्राम के अंतर्गत एफ-16 का निर्माण प्रारंभ किया था। यह हल्का और सस्ता होने के साथ-साथ एफ-16 की फेरी रेंज और स्पीड अन्य लड़ाकू विमानों से कहीं अधिक है। फिर ऐसे क्या कारण हैं कि पिछले पांच दशकों में इस अत्याधुनिक और भरोसेमंद एफ-16 के कई क्रैश हुए हैं।
अमेरिकी कंपनी जनरल डायनामिक्स ने 1974 में एफ-16 का निर्माण प्रारंभ किया। 1990 के दशक में मर्जर के बाद, कंपनी का नाम बदलकर लॉकहीड मार्टिन कर दिया गया। 4.5++ जेनरेशन का एफ-16 सबसे उन्नत तकनीक का माना जाता है, जिसमें लगभग 2,470 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड है, और यह लंबी दूरी की मिसाइलें ले जाने में सक्षम है। इसकी हथियार क्षमता 7,700 किलोग्राम है, जो मिराज 2000 से अधिक और रफाल से कम है।
फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट द्वारा निर्मित रफाल की हथियार ले जाने की क्षमता लगभग 9,500 किलोग्राम है। रफाल विमान की फेरी रेंज 3,700 किमी है, जो एफ-16 से कम है। एफ-16 के रखरखाव पर प्रति घंटा लगभग 25,000 डॉलर खर्च होते हैं, जबकि रफाल के रखरखाव पर 30 से 35 हजार डॉलर। स्पीड के मामले में, रफाल की स्पीड लगभग 2,200 किलोमीटर प्रति घंटे है।
पोलैंड में एफ-16 के क्रैश के कारणों की जांच शुरू हो गई है। हादसे में मारे गए पायलट मैसी क्राकोवियान एक अनुभवी पायलट थे। अब हम उन कारणों पर गौर करते हैं कि रफाल से कई मामलों में उन्नत एफ-16 लड़ाकू विमान के विभिन्न देशों में क्रैश होने के पीछे क्या कारण हैं।
कुछ पुराने एफ-16 मॉडल के इंजनों में खराबी होने के कारण क्रैश हुए हैं। इसके अलावा, हाइड्रोलिक सिस्टम की विफलता, नेविगेशन सिस्टम की समस्या, ऑटोमैटिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी, और ईंधन प्रणाली में खराबी भी क्रैश का कारण बनी हैं।
कुछ मिशनों में, पायलट ने कम ऊंचाई पर एफ-16 को मोड़ा, जिससे विमान जमीन से टकरा गया। युद्ध क्षेत्र में दुश्मन के मिसाइल या एंटी-एयरक्राफ्ट गन के हमले से भी एफ-16 गिर चुके हैं, जैसे कि सऊदी गठबंधन के दौरान यमन में एक घटना में एफ-16 क्रैश हुआ था, जिसमें पायलट की मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा, पक्षी के टकराने और खराब मौसम से भी लड़ाकू विमान को नुकसान हो सकता है।