13 अगस्त 2026
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मलेरकोटला में लड़कियों के लिए 5 मंजिला स्कूल का उद्घाटन, CM भगवंत मान ने बताया स्वतंत्रता दिवस का तोहफा

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मलेरकोटला में लड़कियों के लिए 5 मंजिला स्कूल का उद्घाटन, CM भगवंत मान ने बताया स्वतंत्रता दिवस का तोहफा

सारांश

मलेरकोटला में ₹6.34 करोड़ की लागत से बनी 5 मंजिला बालिका स्कूल इमारत — स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और बस सेवा के साथ — CM भगवंत मान का स्वतंत्रता दिवस से पहले बेटियों को तोहफा। 882 NEET और 361 JEE पास छात्रों का हवाला देते हुए पंजाब मॉडल को देश में नंबर वन बताया।

मुख्य बातें

CM भगवंत मान ने 12 अगस्त 2026 को मलेरकोटला में लड़कियों के लिए 5 मंजिला सरकारी स्कूल भवन का उद्घाटन किया।
भवन निर्माण की कुल लागत ₹6.34 करोड़ ; प्रक्रिया में ₹5.25 लाख की सरकारी बचत।
स्कूल में लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, कॉमन रूम और वॉशरूम की सुविधा।
राज्य में 882 सरकारी छात्रों ने NEET और 361 ने JEE उत्तीर्ण किया।
15,000 से अधिक छात्राओं को विशेष बस सेवा; 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस निर्माणाधीन।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 12 अगस्त 2026 को मलेरकोटला में लड़कियों के लिए निर्मित पाँच मंजिला सरकारी स्कूल भवन का उद्घाटन किया और इसे आगामी स्वतंत्रता दिवस पर बेटियों को समर्पित एक विशेष भेंट बताया। यह भवन ₹6.34 करोड़ की लागत से तैयार हुआ, और निर्माण प्रक्रिया में ₹5.25 लाख की सरकारी बचत भी दर्ज की गई।

नई इमारत में क्या-क्या सुविधाएँ हैं

नवनिर्मित स्कूल भवन में छात्राओं के लिए लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, कॉमन रूम और वॉशरूम जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन मलेरकोटला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सुगम पहुँच प्रदान करेगा।

पंजाब के शिक्षा मॉडल की उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री मान ने इस अवसर पर राज्य के शिक्षा मॉडल की उपलब्धियाँ भी गिनाईं। उनके अनुसार, 882 सरकारी स्कूल छात्रों ने NEET और 361 ने JEE उत्तीर्ण किया है। इसके अतिरिक्त, 15,000 से अधिक छात्राओं को विशेष बस सेवा दी जा रही है ताकि दूरी उनकी शिक्षा में बाधा न बने। राज्य में 118 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के बच्चों तक उच्च गुणवत्ता की शिक्षा पहुँचाना है।

पिछली सरकारों पर निशाना

मुख्यमंत्री मान ने पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल 'स्मार्ट स्कूल' के नाम पर स्कूल भवनों को रंग-रोगन तक सीमित रखा, जबकि मौजूदा सरकार ऐसा शिक्षा तंत्र खड़ा कर रही है जो ठोस परिणाम दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी स्थान दिलाया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश कर सकती है और लोगों से अपील की कि वे उकसावे में न आएँ।

मलेरकोटला का ऐतिहासिक महत्व

मुख्यमंत्री ने मलेरकोटला की ऐतिहासिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'मैं खुशकिस्मत हूँ कि मैं मलेरकोटला के ऐतिहासिक शहर में हूँ, जो एकता और प्यार की धरती है। पंजाब के लोग, और खासकर सिख समुदाय, मलेरकोटला के नवाब के उस नेक काम का कर्ज कभी नहीं चुका सकते, जिन्होंने सरहिंद में छोटे साहिबजादों की शहादत के खिलाफ आवाज उठाई थी।' उन्होंने राज्य सरकार की इस ऐतिहासिक शहर के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

आगे की राह

यह उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब सरकार राज्यभर में सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण की मुहिम चला रही है। स्कूल ऑफ एमिनेंस परियोजना के पूर्ण होने पर राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में भी उच्च स्तरीय शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जो विशेष रूप से बालिका शिक्षा को नई गति देंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ये परिणाम किस आधार पर मापे गए और क्या इनका स्वतंत्र सत्यापन हुआ है। ₹5.25 लाख की बचत का उल्लेख सराहनीय पारदर्शिता है, पर 118 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' की प्रगति और उनकी समयसीमा पर सरकार की ओर से ठोस जानकारी अभी भी अपेक्षित है। बालिका शिक्षा में निवेश निस्संदेह सकारात्मक कदम है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये सुविधाएँ दीर्घकालिक नामांकन और ड्रॉपआउट दरों पर क्या असर डालती हैं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मलेरकोटला में उद्घाटन किए गए बालिका स्कूल की खास बातें क्या हैं?
यह 5 मंजिला सरकारी स्कूल भवन ₹6.34 करोड़ की लागत से बना है और इसमें लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, कॉमन रूम और वॉशरूम जैसी आधुनिक सुविधाएँ हैं। यह मलेरकोटला और आसपास के गाँवों की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए बनाया गया है।
इस स्कूल भवन के निर्माण में कितनी लागत आई और क्या कोई बचत हुई?
स्कूल भवन ₹6.34 करोड़ की लागत से पूरा हुआ और निर्माण प्रक्रिया में सरकारी खजाने के ₹5.25 लाख बचाए गए। CM भगवंत मान ने इसे सरकारी धन के कुशल उपयोग का उदाहरण बताया।
पंजाब सरकार बालिका शिक्षा के लिए और क्या कदम उठा रही है?
राज्य सरकार 15,000 से अधिक छात्राओं को विशेष बस सेवा दे रही है और 118 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' बना रही है। इसके अलावा, सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने NEET और 361 ने JEE उत्तीर्ण किया है।
मलेरकोटला का ऐतिहासिक महत्व क्या है जिसका CM मान ने उल्लेख किया?
CM मान ने बताया कि मलेरकोटला एकता और प्रेम की धरती है। यहाँ के नवाब ने सरहिंद में छोटे साहिबजादों की शहादत के विरुद्ध आवाज उठाई थी, जिसे सिख समुदाय आज भी सम्मान की दृष्टि से देखता है।
'स्कूल ऑफ एमिनेंस' क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
'स्कूल ऑफ एमिनेंस' पंजाब सरकार की वह पहल है जिसके तहत 118 उच्च स्तरीय सरकारी स्कूल बनाए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच दिलाना है।
राष्ट्र प्रेस
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