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बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव: शनिवार से दक्षिण बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, कोलकाता भी प्रभावित

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बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव: शनिवार से दक्षिण बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, कोलकाता भी प्रभावित

सारांश

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण अब डिप्रेशन बनने की राह पर है। शनिवार से दक्षिण बंगाल और कोलकाता में भारी बारिश का दौर शुरू होगा, जबकि उत्तर बंगाल पहले ही भूस्खलन और बाढ़ झेल चुका है। मौसम विभाग की यह चेतावनी प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा है।

मुख्य बातें

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने 1 जुलाई को चेतावनी जारी की कि बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव जल्द डिप्रेशन बन सकता है।
3 जुलाई तक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना।
शनिवार से दक्षिण बंगाल में भारी बारिश; रविवार को कोलकाता , हावड़ा , दक्षिण 24 परगना , उत्तर 24 परगना , बांकुरा और पुरुलिया में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान।
सोमवार को पश्चिम मिदनापुर , झाड़ग्राम , पुरुलिया और बांकुरा में बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी।
उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग , जलपाईगुड़ी , अलीपुरद्वार में पहले ही भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति बन चुकी है।
कोलकाता में अधिकतम तापमान 31.2°C — सामान्य से 1.4°C अधिक।

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के चलते दक्षिण बंगाल के कई जिलों में शनिवार, 5 जुलाई से भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कोलकाता के अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने बुधवार, 1 जुलाई को यह चेतावनी जारी की। मौसम विभाग के अनुसार, यह निम्न दबाव जल्द ही डिप्रेशन का रूप ले सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

मौसम प्रणाली की वर्तमान स्थिति

आरएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही, दक्षिण-पश्चिम मानसून अक्ष वर्तमान में पंजाब से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है।

अधिकारी के अनुसार, 'बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में जलवाष्प का प्रवाह जारी है, जिससे गरज के साथ बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बन गई हैं। परिणामस्वरूप अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में वर्षा जारी रहेगी।'

जिलेवार बारिश का पूर्वानुमान

उत्तर बंगाल के पाँच जिलों में से दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में बुधवार को भारी बारिश की संभावना है। शेष जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ और गरज के साथ बारिश हो सकती है।

दक्षिण बंगाल में फिलहाल छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश जारी है। रविवार को कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, बांकुरा और पुरुलिया जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। सोमवार को पश्चिम मिदनापुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुरा में बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी की गई है।

उत्तर बंगाल में बाढ़ और भूस्खलन का संकट

गौरतलब है कि मंगलवार तक उत्तरी बंगाल के जिलों में लगातार भारी बारिश से कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई दिनों की अनवरत वर्षा ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। अब उत्तर बंगाल में मौसम थोड़ा सुधरने के बाद दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता बढ़ने की आशंका है — यह बदलाव मौसम प्रणाली के दक्षिण की ओर खिसकने का संकेत है।

कोलकाता में तापमान की स्थिति

मंगलवार को कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस कम है। फिलहाल शहर में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है।

आगे क्या होगा

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यदि निम्न दबाव का क्षेत्र 3 जुलाई तक डिप्रेशन में बदलता है, तो दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता अनुमान से अधिक हो सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जल निकासी और आपदा प्रबंधन की तैयारी सवालों के घेरे में रहती है। कोलकाता जैसे घनी आबादी वाले शहर में भारी बारिश का अर्थ है जलभराव, यातायात ठप और निचले इलाकों में विस्थापन — जो हर साल की कहानी बन चुकी है। चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं; असली जवाबदेही जमीनी तैयारी में दिखनी चाहिए।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का दक्षिण बंगाल पर क्या असर होगा?
मौसम विभाग के अनुसार, यह निम्न दबाव डिप्रेशन में बदल सकता है, जिससे शनिवार से दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। कोलकाता, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना सहित कई जिले प्रभावित होंगे।
कोलकाता में भारी बारिश कब से शुरू होगी?
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, कोलकाता में शनिवार से बारिश की तीव्रता बढ़ेगी और रविवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। फिलहाल शहर में रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही है।
उत्तर बंगाल में मौजूदा स्थिति क्या है?
मंगलवार तक उत्तर बंगाल के जिलों में लगातार भारी बारिश से दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। बुधवार को इन तीन जिलों में अभी भी भारी बारिश की संभावना है।
3 जुलाई के बाद मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है। इससे सोमवार को पश्चिम मिदनापुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुरा में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव में क्या अंतर है?
चक्रवाती परिसंचरण एक प्रारंभिक मौसमी प्रणाली है जिसमें हवाएँ एक केंद्र के चारों ओर घूमती हैं। जब यह और तीव्र होती है तो निम्न दबाव क्षेत्र बनता है, और आगे और तीव्र होने पर डिप्रेशन — जो अधिक संगठित और भारी वर्षा कराने में सक्षम होता है।
राष्ट्र प्रेस
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