औरंगाबाद में फर्जी आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी: व्यापारी से 47 हजार की धोखाधड़ी
सारांश
Key Takeaways
- फर्जी आईपीएस अधिकारी द्वारा ठगी का मामला
- व्यापारी से 47 हजार रुपये की ठगी
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई
- आरोपी के पास से फर्जी दस्तावेज बरामद
- संभावित गिरोह की जांच चल रही है
औरंगाबाद, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति स्वयं को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करता था।
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि दाउदनगर शहर के वार्ड संख्या 10, छत्तर दरवाजा निवासी व्यवसायी राकेश कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक व्यक्ति ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर उनसे 47 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए और इसके बाद 1 लाख 20 हजार रुपए की और मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दाउदनगर के हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के निवासी राजेश शुक्ला के रूप में की गई है।
गिरफ्तारी के बाद व्यवसायी ने पुलिस को एक सूटकेस सौंपा, जिसमें कई फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र बरामद हुए। बरामद सामग्री में आईपीएस के नाम से चार फर्जी आई कार्ड, खाकी रंग की पुलिस टोपी जिस पर बैज लगा हुआ है, सीआईए, एनआईए और पुलिस मुखबिर के नाम से बने फर्जी पहचान पत्र, और एक सफेद शर्ट जिस पर ‘एनआईए राजेश शुक्ला’ लिखा हुआ है, शामिल हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस इस पूरे मामले में शामिल संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि आरोपी अकेला नहीं, बल्कि किसी संगठित गिरोह के साथ मिलकर इस प्रकार की ठगी को अंजाम दे रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच में जुटी है और अन्य संभावित पीड़ितों की भी तलाश की जा रही है।