बेंगलुरु के 8 क्लबों में खाद्य सुरक्षा जांच: कॉकरोच, गंदगी मिली; मंत्री यूटी खादर ने कहा — जल्द आएंगी नई गाइडलाइंस
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यूटी खादर के निर्देश पर फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार रात बेंगलुरु के आठ प्रमुख क्लबों में खाद्य सुरक्षा की विशेष जांच की, जिसमें कॉकरोच का संक्रमण, किचन में गंदगी और लेबलिंग उल्लंघन सहित कई गंभीर खामियाँ सामने आईं। बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) सीमा के भीतर आने वाले इन क्लबों को नोटिस जारी किए गए और पीने के पानी व कुकिंग ऑयल के सैंपल सरकारी लेबोरेटरी भेजे गए।
किन क्लबों में हुई जांच
जांच के दायरे में आने वाले आठ क्लब हैं — बॉरिंग क्लब, सेंचुरी क्लब, केएससीए क्लब, कैथोलिक क्लब, टेनिस क्लब, विजयनगर क्लब, महालक्ष्मी लेआउट क्लब और मल्लेश्वरम क्लब। यह जांच फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रूल्स, 2011 के तहत की गई।
मुख्य उल्लंघन और नोटिस
बॉरिंग क्लब और सेंचुरी क्लब में खाना रखने की जगहों पर कॉकरोच और गंदगी पाई गई, जिसके लिए दोनों को नोटिस जारी किए गए। कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) क्लब में उल्लंघनों की सूची सबसे लंबी रही — इसमें साफ-सफाई की कमी, प्लास्टिक कटिंग बोर्ड का उपयोग, रुका हुआ ड्रेनेज सिस्टम, फ्रोजन-स्टोरेज क्षेत्र में अव्यवस्था, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री का अनुचित भंडारण तथा बर्तन धोने की जगह पर गर्म पानी की अनुपलब्धता शामिल थी।
कैथोलिक क्लब में लेबलिंग उल्लंघन, कॉकरोच और सफाई की कमियों के अलावा एक्सपायर हो चुके मशरूम उत्पाद के दस पैकेट भी बरामद किए गए। टेनिस क्लब में खाना संभालने वाले कर्मचारियों के पास अनिवार्य मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं थे। विजयनगर क्लब और महालक्ष्मी लेआउट क्लब में लेबलिंग व सफाई संबंधी उल्लंघन मिले। मल्लेश्वरम क्लब में कॉकरोच का संक्रमण, स्वच्छता में कमी और खाद्य भंडारण की समस्याएँ पाई गईं।
मंत्री यूटी खादर का बयान
बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य, अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ मंत्री यूटी खादर ने क्लब प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी प्राथमिकता किचन की स्वच्छता होनी चाहिए, न कि यह निगरानी करना कि परिसर में आने वाले लोगों ने पैंट पहनी है या लुंगी, जूते पहने हैं या चप्पल। उन्होंने कहा कि मालिकों, सचिवों और प्रबंधन को ड्रेस कोड की बजाय फूड सेफ्टी को प्राथमिकता देनी चाहिए। खादर ने यह भी घोषणा की कि सरकार जल्द ही किचन स्वच्छता और सुरक्षा के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी करेगी।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने जांच के दौरान पीने के पानी और कुकिंग ऑयल के सैंपल लेकर उन्हें सरकारी फूड लेबोरेटरी भेजा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लेबोरेटरी रिपोर्ट आने के बाद फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट जारी की है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि कर्नाटक सरकार सार्वजनिक स्थलों पर खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर अब अधिक सख्त रुख अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।