भाजपा ने कर्नाटक के 'कचरे से आजादी' अभियान पर उठाए सवाल, बेंगलुरु में गड्ढों से मौतों का मुद्दा उठाया
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 1 अगस्त को राज्य की कांग्रेस सरकार के नवलॉन्च 'फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट' (कचरे से आजादी) अभियान पर तीखा हमला बोला और माँग की कि सरकार पहले बेंगलुरु की सड़कों पर जानलेवा गड्ढों की समस्या का समाधान करे। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार प्रचार-प्रसार को जनसुरक्षा से ऊपर रख रही है।
मुख्य घटनाक्रम
एस्टीम मॉल के निकट मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने शनिवार को यह सफाई अभियान औपचारिक रूप से लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य शहर में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता को बेहतर बनाना है। इसी अवसर पर भाजपा ने पलटवार करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।
विपक्ष के नेता अशोक के आरोप
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने एक बयान में कहा, 'तुरंत बेंगलुरू साफ' तो ठीक है, लेकिन आप 'अभी गड्ढे भरें बेंगलुरु' अभियान कब शुरू करेंगे? बेंगलुरु को गड्ढों से आजादी कब मिलेगी?'
अशोक ने आरोप लगाया कि डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने से पूर्व तीन वर्षों तक बेंगलुरु विकास मंत्री रहे और इस दौरान सड़क मरम्मत पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं सुधरा।
गड्ढे बने 'मौत का जाल' — भाजपा का दावा
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मानसून के दौरान बेंगलुरु की सड़कों पर गड्ढे 'मौत का जाल' बन जाते हैं, जिनसे दुर्घटनाएँ, चोटें और जानें जाती हैं। उनके अनुसार, वाहन चालकों को गड्ढों से बचकर निकलने में भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है, जबकि दोपहिया वाहन सवार प्रतिदिन असुरक्षित सड़कों पर जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
सरकार की प्राथमिकता पर सवाल
अशोक ने कहा, 'बेंगलुरु को सुरक्षित सड़कों की जरूरत है, पब्लिसिटी कैंपेन की नहीं।' उन्होंने माँग की कि सरकार दिखावटी प्रचार अभियानों की जगह शहरभर में गड्ढे भरने के ठोस काम पर ध्यान केंद्रित करे।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बेंगलुरु में मानसून की बारिश जारी है और सड़क सुरक्षा एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। भाजपा के इस हमले के बाद कांग्रेस सरकार पर दोनों मोर्चों — स्वच्छता और सड़क अवसंरचना — पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है।