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ओडिशा में खाद्य सुरक्षा अभियान: 30 जिलों में छापेमारी, 3,605 किलो मिलावटी मिठाइयाँ जब्त

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ओडिशा में खाद्य सुरक्षा अभियान: 30 जिलों में छापेमारी, 3,605 किलो मिलावटी मिठाइयाँ जब्त

सारांश

त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरी पर लगाम कसते हुए ओडिशा ने 30 जिलों और 6 नगर निगमों में एक साथ छापेमारी की। तीन दिनों में 3,605 किलो खराब मिठाइयाँ नष्ट, 475 नमूने जाँच के लिए भेजे और ₹2,84,500 जुर्माना — यह राज्य की खाद्य निगरानी की अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाइयों में से एक है।

मुख्य बातें

25 से 27 अगस्त 2026 के बीच ओडिशा के 30 जिलों और 6 नगर निगमों में खाद्य सुरक्षा छापेमारी की गई।
3,605 किलोग्राम खराब मिठाइयाँ और बासी खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई।
रासायनिक जाँच के लिए 475 संदिग्ध नमूने एकत्र किए गए।
दुकान मालिकों पर ₹2,84,500 जुर्माना लगाया गया; 189 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी।
अभियान के लिए 61 खाद्य सुरक्षा टीमें गठित; गृह विभाग और शहरी निकायों का संयुक्त समन्वय।
नोटिस पाने वाले प्रतिष्ठानों का जवाब मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

ओडिशा के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के निर्देश पर 25 से 27 अगस्त 2026 के बीच राज्य के 30 जिलों और छह नगर निगमों में खाद्य सुरक्षा की व्यापक छापेमारी की गई, जिसमें 3,605 किलोग्राम खराब मिठाइयाँ और बासी खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। लगातार बारिश और त्योहारों के मौसम में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है।

छापेमारी का दायरा और कार्रवाई

राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. पोमा टुडु द्वारा शुक्रवार, 28 अगस्त को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सभी शहरी निकायों, ग्रोथ सेंटरों और ग्रामीण बाजारों में छापेमारी के निर्देश दिए गए। इस अभियान में भुवनेश्वर नगर निगम (BMC), कटक नगर निगम (CMC), राउरकेला नगर निगम (RMC), पुरी नगर निगम, संबलपुर नगर निगम (SMC) और बेरहामपुर नगर निगम (BEMC) को शामिल किया गया।

संयुक्त छापेमारी टीमों ने रासायनिक जाँच के लिए 475 संदिग्ध नमूने एकत्र किए। दुकान मालिकों पर कुल ₹2,84,500 का जुर्माना लगाया गया और 189 खाद्य प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए।

अंतर-विभागीय समन्वय

अधिकारियों के अनुसार, गृह विभाग, आवास और शहरी विकास विभाग तथा शहरी स्थानीय निकायों के बीच घनिष्ठ समन्वय से यह संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के लिए राज्यभर में 61 खाद्य सुरक्षा टीमें गठित की गई हैं। गौरतलब है कि त्योहारी सीजन में मिलावटी मिठाइयों की शिकायतें हर वर्ष बढ़ती हैं, जिसे देखते हुए इस बार पहले से ही सख्त निगरानी शुरू की गई है।

आगे की कानूनी कार्रवाई

राज्य मुख्यालय में खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी डॉ. प्रतीक्षा महापात्रा ने बताया कि जाँच रिपोर्ट और नोटिस पाने वाले प्रतिष्ठानों से जवाब मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. टुडु ने सभी जिला टीमों को निर्देश दिया है कि नियम-पालन की गतिविधियाँ निरंतर जारी रहें और उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आम जनता के लिए सरकारी सलाह

राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे खाद्य उत्पाद खरीदने से पहले उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता और लेबलिंग की जाँच अवश्य करें। आने वाले दिनों में प्रतिष्ठानों और विक्रेताओं को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है — यह संकेत है कि अभियान त्योहारी सीजन के अंत तक जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 475 नमूनों की जाँच रिपोर्ट और 189 नोटिसों का अनुपालन कितनी तेज़ी से होगा — क्योंकि भारत में खाद्य सुरक्षा अभियान अक्सर जब्ती की सुर्खियों के बाद ठंडे पड़ जाते हैं। राज्य में 61 टीमों का गठन और अंतर-विभागीय समन्वय संस्थागत गंभीरता दर्शाता है, लेकिन जुर्माने की राशि — ₹2,84,500 — इतने बड़े अभियान के लिए अपेक्षाकृत कम है, जो दीर्घकालिक निरोध के रूप में पर्याप्त नहीं हो सकती। त्योहारी सीजन में उपभोक्ता सुरक्षा की असली परीक्षा छापेमारी की संख्या नहीं, बल्कि दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध अंतिम कानूनी परिणाम होंगे।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में खाद्य सुरक्षा छापेमारी क्यों की गई?
लगातार बारिश और त्योहारों के मौसम में मिलावटी तथा असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. पोमा टुडु के आदेश पर 25 से 27 अगस्त 2026 के बीच 30 जिलों और 6 नगर निगमों में छापेमारी हुई।
छापेमारी में क्या-क्या जब्त किया गया?
तीन दिनों की छापेमारी में 3,605 किलोग्राम खराब मिठाइयाँ और बासी खाना जब्त कर नष्ट किया गया। इसके अलावा रासायनिक जाँच के लिए 475 संदिग्ध नमूने एकत्र किए गए।
दुकान मालिकों पर क्या कार्रवाई हुई?
दुकान मालिकों पर कुल ₹2,84,500 का जुर्माना लगाया गया और 189 खाद्य प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। जाँच रिपोर्ट और नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किन नगर निगमों में यह अभियान चला?
भुवनेश्वर नगर निगम (BMC), कटक नगर निगम (CMC), राउरकेला नगर निगम (RMC), पुरी नगर निगम, संबलपुर नगर निगम (SMC) और बेरहामपुर नगर निगम (BEMC) — इन छह नगर निगमों में छापेमारी की गई।
उपभोक्ता त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें?
राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे खाद्य उत्पाद खरीदने से पहले उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता और लेबलिंग की जाँच करें। संदिग्ध खाद्य सामग्री की शिकायत स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दी जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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