कर्नाटक में 72,000 सरकारी रिक्तियाँ भरी जाएंगी, उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 28 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े 72,000 पदों को भरने के लिए नोटिफिकेशन जारी किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि बैकलॉग रिक्तियों को भरने के लिए सरकारी स्तर पर बातचीत जारी है।
कहाँ और किस संदर्भ में हुई घोषणा
परमेश्वर बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स स्थित श्रृंगार पैलेस में कर्नाटक राज्य सरकार एससी/एसटी कर्मचारी समन्वय समिति द्वारा आयोजित छठे राज्य-स्तरीय 'ऐक्यता समावेशन' कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सरकारी कर्मचारियों की एकता और अधिकारों को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया था।
बैकलॉग रिक्तियों पर सरकार की स्थिति
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम. कृष्णा के कार्यकाल में लगातार प्रयासों के बाद बैकलॉग रिक्तियाँ पहले ही भरी जा चुकी थीं। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ शेष बैकलॉग रिक्तियों को भरने के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। परमेश्वर ने यह भी कहा कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने पर मुख्यमंत्री शिवकुमार सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गए हैं और इसे आने वाले दिनों में लागू किया जाएगा।
एससी/एसटी कर्मचारियों को परमेश्वर का संदेश
परमेश्वर ने 1.20 लाख से अधिक एससी/एसटी सरकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की ताकत को केवल सम्मेलनों तक सीमित न रखें, बल्कि अपनी माँगें निर्णय-निर्माताओं तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा, 'सरकारी एससी/एसटी कर्मचारियों का संगठन मजबूत होना चाहिए। उनकी आवाज फैसला लेने वालों तक पहुँचनी चाहिए।' उन्होंने समन्वय समिति की जमीन आवंटन की माँग पर भी सहमति जताई और कहा कि मंत्री केएच मुनियप्पा के साथ मिलकर इस दिशा में सहायता की जाएगी।
जाति भेदभाव और अंबेडकर की विरासत पर जोर
परमेश्वर ने बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सोच को केवल आरक्षण के माध्यम से नौकरी पाने तक सीमित नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने जाति-आधारित भेदभाव की घटनाओं पर चिंता जताई और याद दिलाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जिस मंच पर शामिल हुए थे, उसे बाद में शुद्धिकरण की रस्मों से गुज़रना पड़ा था। उन्होंने पूर्व उप-प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम का भी उल्लेख किया, जिन्हें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में मदन मोहन मालवीय की मूर्ति का उद्घाटन करने के बाद ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था।
आगे क्या होगा
72,000 पदों के लिए नोटिफिकेशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भर्ती की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है। बैकलॉग रिक्तियों पर मुख्यमंत्री शिवकुमार के साथ बातचीत और OPS लागू करने की दिशा में आने वाले हफ्तों में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब राज्य में सरकारी नौकरियों और आरक्षण नीति को लेकर एससी/एसटी समुदाय लंबे समय से सक्रिय है।