कर्नाटक में बेरोजगारी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, भाजपा ने बढ़ाया दबाव

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कर्नाटक में बेरोजगारी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, भाजपा ने बढ़ाया दबाव

सारांश

कर्नाटक के धारवाड़ में छात्रों का प्रदर्शन, भाजपा ने बेरोजगार युवाओं का समर्थन किया। सरकार पर खाली पदों को भरने का दबाव। क्या सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी?

Key Takeaways

  • कर्नाटक में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन
  • सरकारी पदों की भर्ती में देरी
  • भाजपा का समर्थन
  • आर. अशोक द्वारा गंभीर आरोप
  • भर्ती प्रक्रिया की तात्कालिकता

धारवाड़, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के धारवाड़ में मंगलवार को सरकारी विभागों में रिक्त पदों को तात्कालिक रूप से भरने की मांग के लिए हजारों छात्रों और बेरोजगार युवाओं ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में अखिल कर्नाटक राज्य छात्र संघ (एकेएसएसए) के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। वहीं, विपक्षी दल भाजपा ने भी बेरोजगार युवाओं के समर्थन में प्रदर्शन का आह्वान कर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी के कारण लाखों शिक्षित युवा रोजगार से वंचित हैं। उनका कहना है कि विभिन्न विभागों में लंबे समय से पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती की अधिसूचना जारी नहीं कर रही।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड को हटाकर जयनगर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

एकेएसएसए ने कई दिनों से पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन किसी कारणवश अनुमति नहीं मिली। इसके बाद संगठन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने पुलिस के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदर्शन की अनुमति दी। हालांकि, संगठन ने भाजपा के आह्वान के बाद आंदोलन को तेज कर दिया।

इस मुद्दे पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने चित्रदुर्ग में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में इस समय 2.5 लाख से अधिक सरकारी पद खाली हैं। वित्त विभाग ने लगभग छह महीने पहले 65 हजार पदों पर भर्ती की मंजूरी भी दे दी थी, लेकिन अब तक इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।

अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार बेरोजगारी दूर करने के बजाय आंतरिक राजनीतिक मुद्दों में उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 20 हजार युवा इस प्रदर्शन में शामिल हैं और यदि भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि सभी रिक्त पदों पर बिना देरी भर्ती अधिसूचना जारी कर योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं।

Point of View

और छात्रों का यह प्रदर्शन सरकार पर दबाव बनाने का एक प्रयास है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस स्थिति का कैसे समाधान करती है।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

कर्नाटक में छात्रों का प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
छात्रों का प्रदर्शन सरकारी विभागों में खाली पदों को तुरंत भरने की मांग को लेकर हो रहा है।
भाजपा का इस प्रदर्शन में भूमिका क्या है?
भाजपा ने बेरोजगार युवाओं के समर्थन में प्रदर्शन का आह्वान किया है।
क्या प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी?
हाँ, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
आर. अशोक ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
आर. अशोक ने कहा कि कर्नाटक में 2.5 लाख से अधिक सरकारी पद खाली हैं और भर्ती प्रक्रिया में देरी हो रही है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सभी रिक्त पदों पर भर्ती अधिसूचना जारी की जाए।
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