13 अगस्त 2026
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मालदा के कालियाचक में ₹4 करोड़ की ब्राउन शुगर बरामद, दो तस्कर 7 दिन की हिरासत में

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मालदा के कालियाचक में ₹4 करोड़ की ब्राउन शुगर बरामद, दो तस्कर 7 दिन की हिरासत में

सारांश

मालदा के कालियाचक में पुलिस ने रात एक बजे घेराबंदी कर ₹4 करोड़ की ब्राउन शुगर बरामद की और दो स्थानीय युवकों को दबोचा। अदालत ने 7 दिन की हिरासत मंजूर की है — पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ी खोजने में जुटी है।

मुख्य बातें

12 अगस्त 2026 की तड़के कालियाचक थाना पुलिस ने ₹4 करोड़ मूल्य की 2 किलो 850 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की।
गिरफ्तार आरोपी हैं — नूर आलम (21 वर्ष) और सारिकुल शेख (28 वर्ष) , दोनों किस्मतपुर गाँव, कालियाचक के निवासी।
मालदा जिला अदालत ने दोनों को 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा; पुलिस ने 10 दिन माँगे थे।
मामला NDPS Act, 1985 के तहत दर्ज; तस्करी नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखला की जाँच जारी।
SP अनुपम सिंह ने पूरे जिले में निरंतर निगरानी जारी रखने की पुष्टि की।

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी मादक पदार्थ तस्करी की कोशिश को 12 अगस्त 2026 की तड़के नाकाम कर दिया। सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 2 किलो 850 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ बताई जा रही है। दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार कर मालदा जिला अदालत ने उन्हें 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

कैसे हुई कार्रवाई

पुलिस को मंगलवार शाम सूचना मिली थी कि हारुचक मातियाली क्षेत्र से बड़ी खेप की तस्करी होने वाली है। इसके बाद सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को पूरे इलाके में तैनात किया गया। रात करीब एक बजे दो युवकों की गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं — पूछताछ में संतोषजनक जवाब न देने पर उनकी तलाशी ली गई, जिसमें उनके बैग से मादक पदार्थ बरामद हुआ।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय नूर आलम और 28 वर्षीय सारिकुल शेख के रूप में की है। दोनों कालियाचक थाना क्षेत्र के किस्मतपुर गाँव के श्रीरामपुर इलाके के निवासी हैं। उन्हें थाने लाकर प्रारंभिक पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।

अदालत में पेशी और हिरासत

दोनों आरोपियों को बुधवार को मालदा जिला अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने 10 दिनों की हिरासत की माँग की थी, लेकिन मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 7 दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर की। इस मामले में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

जाँच का दायरा

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ कहाँ से लाया गया, इसे कहाँ पहुँचाया जाना था और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है। मालदा जिले के पुलिस अधीक्षक अनुपम सिंह ने कहा, 'कालियाचक थाने की पुलिस ने लगभग तीन किलोग्राम मादक पदार्थ के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जिले में नशे के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पूरे जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है।'

आगे क्या होगा

7 दिनों की हिरासत अवधि में पुलिस तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने की कोशिश करेगी। गौरतलब है कि कालियाचक क्षेत्र लंबे समय से सीमापार मादक पदार्थ तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है, और यह इस क्षेत्र में हाल के महीनों में इस तरह की एक और बड़ी बरामदगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बार-बार की गिरफ्तारियाँ यह सवाल उठाती हैं कि आपूर्ति श्रृंखला के बड़े सरगना अब तक क्यों बेदाग हैं। पुलिस की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा हिरासत में मिली जानकारी से नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने की होगी। जब तक केवल 'मुलाजिम' पकड़े जाते रहेंगे और सरगना बाहर रहेंगे, तब तक ऐसी बरामदगियाँ तस्करी को रोकने की बजाय महज़ आँकड़ों की कवायद बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालदा के कालियाचक में कितनी ब्राउन शुगर बरामद हुई और उसकी कीमत क्या है?
पुलिस ने 2 किलो 850 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ बताई गई है। यह बरामदगी 12 अगस्त 2026 की तड़के कालियाचक थाना क्षेत्र में हुई।
गिरफ्तार तस्कर कौन हैं और उन्हें कितनी हिरासत मिली?
गिरफ्तार आरोपी नूर आलम (21 वर्ष) और सारिकुल शेख (28 वर्ष) हैं, जो कालियाचक के किस्मतपुर गाँव के निवासी हैं। मालदा जिला अदालत ने उन्हें 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है।
पुलिस ने यह कार्रवाई कैसे की?
मंगलवार शाम मिली गुप्त सूचना के आधार पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी हारुचक मातियाली इलाके में तैनात किए गए। रात करीब एक बजे दो संदिग्धों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उनके बैग से मादक पदार्थ मिला।
इस मामले में कौन-सी धारा लगाई गई है?
आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस तस्करी नेटवर्क के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
कालियाचक मादक पदार्थ तस्करी के लिए क्यों जाना जाता है?
कालियाचक क्षेत्र भौगोलिक रूप से सीमावर्ती इलाके के निकट है और लंबे समय से सीमापार मादक पदार्थ तस्करी के लिए संवेदनशील गलियारा माना जाता रहा है। यह हाल के महीनों में इस क्षेत्र में हुई एक और बड़ी बरामदगी है।
राष्ट्र प्रेस
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