किशनगंज में ₹3 करोड़ की हेरोइन बरामद, पश्चिम बंगाल से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने 29 जून 2026 को मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 1.5 किलोग्राम हेरोइन जैसा प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹3 करोड़ बताई जा रही है। इस खेप को पश्चिम बंगाल के मालदा से बिहार के बहादुरगंज तक पहुँचाया जाना था।
कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल से अवैध मादक पदार्थ की एक बड़ी खेप किशनगंज लाई जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 खुसरू सिराज के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें जिला आसूचना इकाई, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और किशनगंज थाना पुलिस के जवान शामिल थे।
विशेष टीम ने किशनगंज थाना क्षेत्र के रामपुर चेक पोस्ट पर वाहन जाँच अभियान चलाया। इसी दौरान मालदा (पश्चिम बंगाल) से आई एक बस से दो युवक बैग लेकर उतरे और पहले से वहाँ मौजूद एक अन्य व्यक्ति से मिलने लगे। पुलिस को देखते ही तीनों भागने का प्रयास करने लगे, किंतु घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
बरामदगी और गिरफ्तारी
मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तलाशी लेने पर आरोपियों के बैग से 1.5 किलोग्राम हेरोइन जैसा मादक पदार्थ, चार मोबाइल फोन और ₹9,950 नकद बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बहादुरगंज थाना क्षेत्र के लोहागारा इस्तमा टोला निवासी फिरोज अंसारी (22 वर्ष), अमजद अंसारी उर्फ इस्मता उर्फ गामा (28 वर्ष) और रहीस अंसारी उर्फ सागर साह (23 वर्ष) के रूप में हुई।
गिरोह का नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक सुसंगठित सिंडिकेट के तहत मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी करते हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार पश्चिम बंगाल के मालदा और बिहार के किशनगंज जिले के कई अन्य तस्करों से जुड़े हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार-बंगाल सीमावर्ती ज़िलों में नशे की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
आगे की जाँच
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। मादक पदार्थ के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जाँच की जा रही है और तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति का पता लगाकर उसे जब्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी। किशनगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और NDPS अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।