27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बदरपुर रेलवे स्टेशन पर ₹55.84 लाख की हेरोइन बरामद, तस्कर मो. ताजउद्दीन गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बदरपुर रेलवे स्टेशन पर ₹55.84 लाख की हेरोइन बरामद, तस्कर मो. ताजउद्दीन गिरफ्तार

सारांश

असम के बदरपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपीएफ ने साबुन के डिब्बों में छिपाई गई ₹55.84 लाख की हेरोइन पकड़ी। 41 वर्षीय कैरियर मो. ताजउद्दीन गिरफ्तार; कथित सरगना जसीम की तलाश जारी। सीमावर्ती रेल मार्गों पर नशा-तस्करी की यह घटना असम पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

मुख्य बातें

बदरपुर रेलवे स्टेशन पर 10 जून 2026 की रात जीआरपीएफ ने ₹55.84 लाख मूल्य की संदिग्ध हेरोइन बरामद की।
बरामद हेरोइन का वजन 279.21 ग्राम ; साबुन के 22 डिब्बों में छिपाकर रखी गई थी।
ताजउद्दीन (41 वर्ष) , श्रीभूमि जिले के मालिया गांव का निवासी।
कथित तौर पर आरोपी बदरपुर निवासी जसीम के लिए कैरियर का काम कर रहा था; मेहनताना ₹10,000 तय था।
खेप बदरपुर से भंगा पहुंचाई जानी थी; एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जांच जारी।

असम के बदरपुर रेलवे स्टेशन पर 10 जून 2026 की देर रात रेलवे पुलिस बल (जीआरपीएफ) ने एक विशेष निगरानी अभियान के दौरान ₹55.84 लाख मूल्य की संदिग्ध हेरोइन जब्त की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। बरामद नशीले पदार्थ का कुल वजन 279.21 ग्राम बताया गया है। यह कार्रवाई असम में नशा-तस्करी विरोधी अभियान की कड़ी में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

कैसे हुई बरामदगी

जीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 11:20 बजे टीम प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस के आगमन से पूर्व एक संदिग्ध व्यक्ति नज़र आया, जिसके कंधे पर बैकपैक था। पुलिसकर्मियों को देखते ही वह घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा।

सतर्क जवानों ने स्थानीय लोगों की सहायता से उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। इसके बाद स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में और एनडीपीएस अधिनियम के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बैकपैक की तलाशी ली गई।

साबुन के डिब्बों में छिपाई थी हेरोइन

तलाशी के दौरान बैकपैक से साबुन के 22 डिब्बे बरामद हुए। जांच में इन डिब्बों के भीतर संदिग्ध हेरोइन छिपी पाई गई। जीआरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, इन डिब्बों से निकाले गए मादक पदार्थ का कुल वजन 279.21 ग्राम था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹55.84 लाख आंकी गई है।

आरोपी की पहचान और कबूलनामा

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 41 वर्षीय मो. ताजउद्दीन के रूप में हुई है। वह श्रीभूमि जिले के नीलांबाजार थाना क्षेत्र के मालिया गांव का निवासी है और मो. अब्दुल्ला का पुत्र बताया गया है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह बदरपुर निवासी जसीम नामक व्यक्ति के लिए बतौर कैरियर काम कर रहा था और इसके एवज में उसे ₹10,000 मिलने थे। उसने कथित तौर पर बताया कि हेरोइन की यह खेप बदरपुर से भंगा पहुंचाई जानी थी, जहां किसी अन्य व्यक्ति को यह बैग सौंपा जाना था।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

जीआरपीएफ ने आरोपी मो. ताजउद्दीन के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आपूर्ति श्रृंखला में शामिल अन्य लोगों, विशेषकर कथित सरगना जसीम की तलाश में जांच जारी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब असम में नशा-तस्करी के विरुद्ध अभियान को और तेज किया गया है तथा बांग्लादेश सीमा से लगे रेलवे मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आपूर्ति श्रृंखला के ऊपर बैठे कथित सरगना — जैसे इस मामले में जसीम — अक्सर बचे रह जाते हैं। जब तक जांच केवल निचले पायदान के वाहकों तक सीमित रहती है, तस्करी नेटवर्क की कमर नहीं टूटेगी। बांग्लादेश सीमा से लगे इस रेल गलियारे पर निगरानी बढ़ाना ज़रूरी है, पर उतना ही ज़रूरी है इन नेटवर्कों की वित्तीय जड़ों तक पहुंचना।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बदरपुर रेलवे स्टेशन पर क्या बरामद हुआ?
जीआरपीएफ ने 10 जून 2026 की रात बदरपुर रेलवे स्टेशन पर साबुन के 22 डिब्बों में छिपाई गई 279.21 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹55.84 लाख बताई गई है।
गिरफ्तार तस्कर कौन है और उसका क्या काम था?
गिरफ्तार आरोपी 41 वर्षीय मो. ताजउद्दीन है, जो श्रीभूमि जिले के मालिया गांव का निवासी है। कथित तौर पर वह बदरपुर निवासी जसीम नामक व्यक्ति के लिए कैरियर का काम कर रहा था और हेरोइन की खेप बदरपुर से भंगा पहुंचाने वाला था।
पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
जीआरपीएफ की टीम प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर निगरानी कर रही थी, तभी आरोपी पुलिसकर्मियों को देखकर घबरा गया और भागने लगा। स्थानीय लोगों की मदद से जवानों ने उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया।
आरोपी के खिलाफ कौन-सा मामला दर्ज हुआ है?
जीआरपीएफ ने मो. ताजउद्दीन के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जांच जारी है और कथित सरगना जसीम की तलाश की जा रही है।
असम में रेलवे मार्गों से नशा-तस्करी की यह कितनी बड़ी समस्या है?
असम, विशेषकर बांग्लादेश सीमा से लगे कछार और श्रीभूमि जिलों में रेलवे मार्गों का उपयोग नशा-तस्करी के लिए बार-बार किया जाता रहा है। जीआरपीएफ और अन्य एजेंसियां इन मार्गों पर नियमित अभियान चला रही हैं, लेकिन तस्करी नेटवर्क की जड़ें गहरी बताई जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले