सिलचर में पुलिस छापेमारी: 8,000 याबा टैबलेट और 749 ग्राम हेरोइन बरामद, दो ठिकाने ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
असम के सिलचर में पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की और 8,000 संदिग्ध याबा टैबलेट तथा कुल 748.67 ग्राम संदिग्ध हेरोइन जब्त की। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई और बरामद सामान की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
पहला ऑपरेशन: रंगपुर पार्ट-1
सिलचर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले रंगपुर पार्ट-1 इलाके में पुलिस की एक टीम ने हमीदा बेगम के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहाँ से 8,000 संदिग्ध याबा टैबलेट और लगभग 739 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के अनुसार हेरोइन को 14 साबुन के डिब्बों में छिपाकर रखा गया था, जो तस्करों की नई रणनीति का संकेत देता है।
दूसरा ऑपरेशन: वॉटर वर्क्स रोड
उसी समय पुलिस की दूसरी टीम ने वॉटर वर्क्स रोड इलाके में सीमा बेगम लस्कर के घर की तलाशी ली। यहाँ से साबुन के डिब्बे में पैक 7.21 ग्राम संदिग्ध हेरोइन और 88 छोटी शीशियों में रखी 2.46 ग्राम हेरोइन — यानी कुल 9.67 ग्राम हेरोइन — बरामद की गई। दोनों ठिकानों से खाली शीशियाँ, काले पॉलीथीन बैग और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई है।
तस्करी नेटवर्क की आशंका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद पैकेजिंग सामग्री से यह आशंका बलवती होती है कि आरोपी नशीले पदार्थों को छोटी मात्रा में बाँटकर खुदरा स्तर पर बेच रहे थे। शुरुआती जाँच में इसके पीछे एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क के होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहाँ से लाई गई थी और किन इलाकों में सप्लाई की जानी थी।
असम में ड्रग्स विरोधी अभियान
गौरतलब है कि असम पुलिस ने हाल के महीनों में नशा तस्करी के खिलाफ अपना अभियान काफी तेज़ किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की सीमाएँ म्यांमार से लगती हैं, जो याबा टैबलेट के प्रमुख स्रोत देशों में से एक माना जाता है। लगातार कार्रवाइयों के बावजूद तस्कर साबुन के डिब्बों जैसी घरेलू वस्तुओं में नशे की खेप छिपाने के नए तरीके अपनाते रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सिलचर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नशा आपूर्ति श्रृंखला की जड़ तक पहुँचने की कोशिश की जाएगी।