28 अगस्त 2026
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सिलचर में पुलिस छापेमारी: 8,000 याबा टैबलेट और 749 ग्राम हेरोइन बरामद, दो ठिकाने ध्वस्त

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सिलचर में पुलिस छापेमारी: 8,000 याबा टैबलेट और 749 ग्राम हेरोइन बरामद, दो ठिकाने ध्वस्त

सारांश

असम के सिलचर में पुलिस ने एक साथ दो ठिकानों पर छापेमारी कर 8,000 याबा टैबलेट और करीब 749 ग्राम हेरोइन बरामद की — साबुन के डिब्बों में छिपाकर। यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते ड्रग तस्करी नेटवर्क की गहरी जड़ों की ओर इशारा करती है।

मुख्य बातें

सिलचर पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
रंगपुर पार्ट-1 में हमीदा बेगम के घर से 8,000 याबा टैबलेट और 739 ग्राम हेरोइन — 14 साबुन के डिब्बों में छिपाकर — बरामद हुई।
वॉटर वर्क्स रोड पर सीमा बेगम लस्कर के घर से 88 शीशियों सहित कुल 9.67 ग्राम हेरोइन जब्त की गई।
बरामद पैकेजिंग सामग्री से खुदरा स्तर पर नशा वितरण नेटवर्क के संचालन की आशंका।
बरामद सामान की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है; आपूर्ति स्रोत की जाँच जारी।

असम के सिलचर में पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की और 8,000 संदिग्ध याबा टैबलेट तथा कुल 748.67 ग्राम संदिग्ध हेरोइन जब्त की। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई और बरामद सामान की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।

पहला ऑपरेशन: रंगपुर पार्ट-1

सिलचर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले रंगपुर पार्ट-1 इलाके में पुलिस की एक टीम ने हमीदा बेगम के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहाँ से 8,000 संदिग्ध याबा टैबलेट और लगभग 739 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के अनुसार हेरोइन को 14 साबुन के डिब्बों में छिपाकर रखा गया था, जो तस्करों की नई रणनीति का संकेत देता है।

दूसरा ऑपरेशन: वॉटर वर्क्स रोड

उसी समय पुलिस की दूसरी टीम ने वॉटर वर्क्स रोड इलाके में सीमा बेगम लस्कर के घर की तलाशी ली। यहाँ से साबुन के डिब्बे में पैक 7.21 ग्राम संदिग्ध हेरोइन और 88 छोटी शीशियों में रखी 2.46 ग्राम हेरोइन — यानी कुल 9.67 ग्राम हेरोइन — बरामद की गई। दोनों ठिकानों से खाली शीशियाँ, काले पॉलीथीन बैग और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई है।

तस्करी नेटवर्क की आशंका

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद पैकेजिंग सामग्री से यह आशंका बलवती होती है कि आरोपी नशीले पदार्थों को छोटी मात्रा में बाँटकर खुदरा स्तर पर बेच रहे थे। शुरुआती जाँच में इसके पीछे एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क के होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहाँ से लाई गई थी और किन इलाकों में सप्लाई की जानी थी।

असम में ड्रग्स विरोधी अभियान

गौरतलब है कि असम पुलिस ने हाल के महीनों में नशा तस्करी के खिलाफ अपना अभियान काफी तेज़ किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की सीमाएँ म्यांमार से लगती हैं, जो याबा टैबलेट के प्रमुख स्रोत देशों में से एक माना जाता है। लगातार कार्रवाइयों के बावजूद तस्कर साबुन के डिब्बों जैसी घरेलू वस्तुओं में नशे की खेप छिपाने के नए तरीके अपनाते रहे हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सिलचर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नशा आपूर्ति श्रृंखला की जड़ तक पहुँचने की कोशिश की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और केवल छापेमारी से नेटवर्क की जड़ें नहीं कटतीं। असली सवाल यह है कि क्या जाँच आपूर्ति श्रृंखला के शीर्ष तक पहुँचेगी या केवल खुदरा वितरकों पर रुक जाएगी — जो अब तक का सामान्य पैटर्न रहा है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिलचर में पुलिस ने क्या बरामद किया?
28 अगस्त 2026 को सिलचर पुलिस ने दो ठिकानों पर छापेमारी में 8,000 संदिग्ध याबा टैबलेट और कुल करीब 748.67 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की। हेरोइन को साबुन के डिब्बों और छोटी शीशियों में छिपाकर रखा गया था।
सिलचर ड्रग छापेमारी में किन लोगों के घर पर कार्रवाई हुई?
पुलिस ने रंगपुर पार्ट-1 में हमीदा बेगम और वॉटर वर्क्स रोड पर सीमा बेगम लस्कर के घरों पर छापे मारे। दोनों ठिकानों से नशीले पदार्थ और पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई है।
याबा टैबलेट क्या होती है और यह असम में क्यों आती है?
याबा एक सिंथेटिक नशीली दवा है जिसमें मेथाम्फेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। असम की म्यांमार से लगती सीमा इसे तस्करी का प्रमुख मार्ग बनाती है, और यह दवा पूर्वोत्तर भारत में तेज़ी से फैल रही है।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
पुलिस ने दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
असम में ड्रग्स के खिलाफ अभियान कितना प्रभावी रहा है?
असम पुलिस ने हाल के महीनों में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज़ की है, फिर भी तस्कर घरेलू वस्तुओं में नशे की खेप छिपाने के नए तरीके अपनाते रहे हैं। सिलचर पुलिस ने कहा है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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