कछार में ₹1.31 करोड़ के अफीम बीज जब्त, असम राइफल्स-डीआरआई की संयुक्त कार्रवाई में 2 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 21 जून 2026 को कछार जिले में एक संयुक्त अभियान के तहत 8,764 किलोग्राम अफीम के बीज जब्त किए, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹1.31 करोड़ बताई जा रही है। सिलचर बाईपास रोड पर शनिवार की देर शाम एक ट्रक को रोककर की गई इस कार्रवाई में दो स्थानीय निवासियों को हिरासत में लिया गया है।
अभियान का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर यह संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। सिलचर बाईपास रोड पर संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में अफीम के बीज छिपाए गए पाए गए। जब्त माल के साथ-साथ एक ट्रक और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए, जिनका उपयोग कथित तौर पर तस्करी नेटवर्क के संचालन में किया जा रहा था।
बरामद अफीम के बीजों को आगे की जाँच के लिए डीआरआई को सौंप दिया गया है, जबकि हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।
पूर्वोत्तर में तस्करी विरोधी अभियान की व्यापक तस्वीर
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर क्षेत्र में डीआरआई और असम राइफल्स मिलकर अवैध तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। गौरतलब है कि मई और जून 2026 के दौरान इसी समन्वित अभियान के तहत 71 लाख से अधिक विदेशी मूल की तस्करी की गई सिगरेट स्टिक जब्त की गई थीं, जिनकी बाज़ार कीमत करीब ₹14 करोड़ आँकी गई थी।
इसी क्रम में 11 जून 2026 को मिजोरम में असम राइफल्स की 34वीं बटालियन के सहयोग से 45 लाख से अधिक विदेशी सिगरेट स्टिक जब्त की गई थीं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। सिगरेट तस्करी मामले में अब तक कुल चार आरोपी हिरासत में लिए जा चुके हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने बताया कि असम राइफल्स और डीआरआई पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए नियमित रूप से संयुक्त अभियान चला रहे हैं। कछार में अफीम बीज की यह बरामदगी उस दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं के निकट होने के कारण ऐतिहासिक रूप से तस्करी के रास्ते के रूप में जाना जाता है, जिससे यहाँ निगरानी की चुनौती और भी बढ़ जाती है।
आगे की जाँच
जब्त अफीम के बीज और ट्रक डीआरआई की अभिरक्षा में हैं। दोनों हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी नेटवर्क की व्यापक जड़ों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।