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असम के कछार जिले में ₹1.31 करोड़ की खसखस जब्त, असम राइफल्स और DRI के संयुक्त अभियान में दो गिरफ्तार

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असम के कछार जिले में ₹1.31 करोड़ की खसखस जब्त, असम राइफल्स और DRI के संयुक्त अभियान में दो गिरफ्तार

सारांश

असम के कछार जिले में सिलचर बाईपास रोड पर एक ट्रक से ₹1.31 करोड़ की 8,764 किलोग्राम खसखस बरामद — असम राइफल्स और DRI का संयुक्त अभियान, दो गिरफ्तार। पूर्वोत्तर में तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई।

मुख्य बातें

असम राइफल्स और DRI की संयुक्त टीम ने कछार जिले के सिलचर बाईपास रोड पर 8,764 किलोग्राम खसखस जब्त की।
जब्त खेप का अवैध बाज़ार में अनुमानित मूल्य ₹1.31 करोड़ है।
सिलचर के दो निवासियों को गिरफ्तार किया गया; एक टाटा ट्रक और दो मोबाइल फोन भी जब्त।
बरामद सामग्री और गिरफ्तार व्यक्तियों को आगे की जाँच के लिए DRI को सौंपा गया।
जाँचकर्ता खेप के स्रोत, गंतव्य और पूर्वोत्तर के बड़े तस्करी नेटवर्क से संभावित संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं।

असम राइफल्स और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की संयुक्त टीम ने असम के कछार जिले में 8,764 किलोग्राम खसखस (अफीम के बीज) की एक बड़ी खेप जब्त की है, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹1.31 करोड़ बताई गई है। 21 जून को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में सिलचर के दो निवासियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

अभियान का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान कछार जिले से होकर की जा रही तस्करी से संबंधित विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था। शनिवार देर शाम असम राइफल्स और DRI की संयुक्त टीम ने सिलचर बाईपास रोड पर एक वाहन को रोका और जाँच में एक टाटा ट्रक में छुपाकर ले जाई जा रही 8,764 किलोग्राम खसखस बरामद की।

गिरफ्तार दोनों व्यक्ति सिलचर के निवासी बताए गए हैं। टीम ने ट्रक के अलावा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए, जो जाँच में अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं।

जब्त सामग्री और कानूनी कार्रवाई

बरामद खसखस, गिरफ्तार व्यक्तियों और अन्य जब्त वस्तुओं को आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए DRI को सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त खेप का अवैध बाज़ार में अनुमानित मूल्य ₹1.31 करोड़ है। जाँचकर्ता अब खेप के स्रोत और गंतव्य की पड़ताल कर रहे हैं।

पूर्वोत्तर में तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा

असम राइफल्स ने कहा कि वह पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क को बाधित करने के लिए DRI और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब हाल के महीनों में नियमित खुफिया-आधारित अभियानों के परिणामस्वरूप पूर्वोत्तर में कई बड़ी बरामदगियाँ हो चुकी हैं, जिससे तस्करी गिरोहों को करारा झटका लगा है।

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत म्यांमार से लगी सीमा के कारण मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक संवेदनशील गलियारा माना जाता है। कछार जिले की भौगोलिक स्थिति — जो बांग्लादेश सीमा के निकट है — इसे तस्करों के लिए एक प्रमुख पारगमन मार्ग बनाती है।

आगे की जाँच

जाँचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि यह खेप कहाँ से आई और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। साथ ही, पूर्वोत्तर में सक्रिय बड़े तस्करी नेटवर्क से इस खेप के संभावित संबंधों की भी जाँच की जा रही है। इस ताज़ा कार्रवाई को अधिकारियों ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाती हैं कि म्यांमार-बांग्लादेश सीमा से लगे इस गलियारे में तस्करी नेटवर्क अभी भी सक्रिय और संगठित है। असल सवाल यह है कि बार-बार की जाने वाली इन बरामदगियों के बावजूद आपूर्ति श्रृंखला क्यों नहीं टूट रही। जब तक जाँच एजेंसियाँ केवल वाहक को पकड़ने तक सीमित रहती हैं और नेटवर्क के सरगनाओं तक नहीं पहुँचतीं, तब तक ऐसी कार्रवाइयाँ प्रतीकात्मक सफलता से अधिक नहीं बन पातीं।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम के कछार जिले में क्या जब्त किया गया?
असम राइफल्स और DRI की संयुक्त टीम ने कछार जिले के सिलचर बाईपास रोड पर एक टाटा ट्रक से 8,764 किलोग्राम खसखस (अफीम के बीज) जब्त की, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹1.31 करोड़ है।
इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
इस अभियान के दौरान सिलचर के दो निवासियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार व्यक्तियों और जब्त सामग्री को आगे की जाँच के लिए DRI को सौंप दिया गया है।
यह अभियान कैसे शुरू हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान कछार जिले के रास्ते हो रही तस्करी से जुड़ी विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था। सूचना मिलते ही असम राइफल्स और DRI की संयुक्त टीम ने शनिवार देर शाम सिलचर बाईपास रोड पर वाहन को रोककर जाँच की।
अब आगे की जाँच में क्या होगा?
जाँचकर्ता खेप के स्रोत और अंतिम गंतव्य का पता लगाने में जुटे हैं। इसके साथ ही पूर्वोत्तर में सक्रिय बड़े तस्करी नेटवर्क से इस खेप के संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
पूर्वोत्तर भारत में तस्करी रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
असम राइफल्स ने कहा कि वह DRI और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क को बाधित करने के लिए निरंतर अभियान चला रही है। हाल के महीनों में खुफिया-आधारित अभियानों के ज़रिए कई बड़ी बरामदगियाँ हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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