29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मिजोरम में असम राइफल्स का बड़ा ऑपरेशन: ₹11.25 करोड़ की विदेशी सिगरेट जब्त, आईईडी बरामद और म्यांमार का संदिग्ध उग्रवादी गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मिजोरम में असम राइफल्स का बड़ा ऑपरेशन: ₹11.25 करोड़ की विदेशी सिगरेट जब्त, आईईडी बरामद और म्यांमार का संदिग्ध उग्रवादी गिरफ्तार

सारांश

असम राइफल्स ने मिजोरम में दो अलग-अलग संयुक्त अभियानों में ₹11.25 करोड़ की विदेशी सिगरेट जब्त की, एक शक्तिशाली आईईडी बरामद की और म्यांमार के संदिग्ध उग्रवादी येनिंग कु को गिरफ्तार किया — भारत-म्यांमार सीमा पर बढ़ती तस्करी और सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह बड़ी कार्रवाई है।

मुख्य बातें

असम राइफल्स और डीआरआई ने आइजोल जिले के जेमाबॉक नॉर्थ से ₹11,25,21,600 मूल्य की 46,88,400 विदेशी सिगरेट जब्त कीं।
कुल 467 कार्टन और दो ढीले कार्टन में 7 किस्मों की तंबाकू उत्पाद बरामद हुए; एक कथित तस्कर गिरफ्तार।
असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस ने सेलिंग क्षेत्र से एक शक्तिशाली आईईडी बरामद की।
म्यांमार के संदिग्ध उग्रवादी येनिंग कु को गिरफ्तार किया गया; उसके पास एंटीना उपकरण और उग्रवादी वर्दी से जुड़े सामान मिले।
सिगरेट खेप भारत-म्यांमार सीमा से लगे चंपाई जिले के रास्ते लाई गई थी।

असम राइफल्स ने मिजोरम में सुरक्षा और जाँच एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए गए संयुक्त अभियानों में ₹11.25 करोड़ से अधिक मूल्य की अवैध विदेशी सिगरेट जब्त की है। इसके साथ ही एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया गया और म्यांमार के एक संदिग्ध उग्रवादी सहित एक कथित तस्कर को हिरासत में लिया गया। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, ये कार्रवाइयाँ 13 जून को आइजोल और उसके आसपास के क्षेत्रों में अंजाम दी गईं।

तस्करी का भंडाफोड़: जेमाबॉक नॉर्थ ऑपरेशन

रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, आइजोल जिले के जेमाबॉक नॉर्थ इलाके में तस्करी की सिगरेट के भंडारण की खुफिया सूचना मिलने पर असम राइफल्स और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने संयुक्त अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, यह खेप भारत-म्यांमार सीमा से लगे चंपाई जिले के रास्ते भारत में लाई गई थी और जेमाबॉक नॉर्थ स्थित एक किराए के मकान में छिपाई गई थी।

संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान एक बंद कमरे से भारी मात्रा में अवैध विदेशी सिगरेट बरामद हुई। कुल 467 कार्टन और दो ढीले कार्टन — यानी 46,88,400 सिगरेट — जब्त की गईं, जिनमें तंबाकू उत्पादों की सात अलग-अलग किस्में शामिल थीं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत ₹11,25,21,600 आँकी गई है।

कार्रवाई के दौरान सिगरेट तस्करी में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया। उसे बरामद सामान सहित आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए डीआरआई के हवाले कर दिया गया।

आईईडी बरामदगी और म्यांमार के संदिग्ध उग्रवादी की गिरफ्तारी

एक अन्य संयुक्त अभियान में असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस ने आइजोल जिले के सेलिंग क्षेत्र से एक शक्तिशाली आईईडी बरामद की। इस दौरान येनिंग कु नामक म्यांमार के एक संदिग्ध उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री की अवैध ढुलाई करने की कोशिश में था।

तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक एंटीना उपकरण और एक भूमिगत उग्रवादी संगठन की वर्दी से जुड़े कई सामान भी बरामद किए गए। गिरफ्तार संदिग्ध और आईईडी सहित अन्य बरामद सामान को आगे की जाँच के लिए आइजोल पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।

भारत-म्यांमार सीमा: तस्करी का संवेदनशील गलियारा

गौरतलब है कि म्यांमार का चिन राज्य लंबे समय से मादक पदार्थों, विस्फोटकों, दुर्लभ वन्यजीवों और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी का प्रमुख मार्ग माना जाता रहा है। मिजोरम के चंपाई, सियाहा, लॉन्गतलाई, हनाहथियाल, सैतुअल और सेरछिप जैसे सीमावर्ती जिलों के रास्ते अवैध सामान भारत में पहुँचाया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर की सीमाओं पर सुरक्षा बलों की चौकसी को और कड़ा किया जा रहा है।

सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता

अधिकारियों ने कहा कि ये सफल अभियान भारत-म्यांमार सीमा पर तस्करी, अवैध गतिविधियों और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले नेटवर्क के खिलाफ असम राइफल्स की सतर्कता और खुफिया-आधारित कार्रवाई को दर्शाते हैं। बल पूर्वोत्तर के सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में इन मामलों की गहन जाँच से और बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक ही दिन — भारत-म्यांमार सीमा की बहुआयामी सुरक्षा चुनौती को उजागर करती है। चिन राज्य से आने वाला तस्करी का यह नेटवर्क केवल आर्थिक अपराध नहीं है; आईईडी और उग्रवादी वर्दी की बरामदगी यह संकेत देती है कि तस्करी के रास्ते सशस्त्र तत्वों की आवाजाही भी हो रही है। सवाल यह है कि क्या ये अलग-थलग घटनाएँ हैं या किसी बड़े नेटवर्क की कड़ियाँ — और क्या केवल बरामदगी से इस नेटवर्क की जड़ें काटी जा सकती हैं, या इसके लिए सीमा-प्रबंधन नीति में संरचनात्मक बदलाव की जरूरत है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम राइफल्स ने मिजोरम में कितनी विदेशी सिगरेट जब्त की?
असम राइफल्स और डीआरआई की संयुक्त टीम ने आइजोल जिले के जेमाबॉक नॉर्थ से कुल 46,88,400 विदेशी सिगरेट जब्त कीं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत ₹11,25,21,600 आँकी गई है। इनमें सात अलग-अलग किस्मों के तंबाकू उत्पाद शामिल थे।
म्यांमार का संदिग्ध उग्रवादी येनिंग कु कहाँ से गिरफ्तार हुआ?
येनिंग कु को आइजोल जिले के सेलिंग क्षेत्र से असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया। वह कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री की अवैध ढुलाई की कोशिश में था और उसके पास एंटीना उपकरण तथा उग्रवादी संगठन की वर्दी से जुड़े सामान मिले।
मिजोरम में तस्करी की सिगरेट किस रास्ते से आई थी?
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, यह खेप भारत-म्यांमार सीमा से लगे चंपाई जिले के रास्ते भारत में लाई गई और आइजोल के जेमाबॉक नॉर्थ स्थित एक किराए के मकान में छिपाई गई थी। म्यांमार का चिन राज्य इस तस्करी मार्ग का प्रमुख स्रोत माना जाता है।
गिरफ्तार तस्कर और उग्रवादी को किसके हवाले किया गया?
सिगरेट तस्करी में गिरफ्तार कथित तस्कर को बरामद सामान सहित डीआरआई के हवाले किया गया। वहीं, संदिग्ध उग्रवादी येनिंग कु और आईईडी सहित अन्य बरामद सामान को आगे की जाँच के लिए आइजोल पुलिस स्टेशन को सौंपा गया।
भारत-म्यांमार सीमा पर तस्करी की समस्या कितनी गंभीर है?
म्यांमार का चिन राज्य लंबे समय से मादक पदार्थों, विस्फोटकों, दुर्लभ वन्यजीवों और प्रतिबंधित सामानों की तस्करी का प्रमुख मार्ग रहा है। मिजोरम के चंपाई, सियाहा, लॉन्गतलाई, हनाहथियाल, सैतुअल और सेरछिप जैसे सीमावर्ती जिले इस अवैध नेटवर्क के प्रमुख प्रवेश बिंदु माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले