'छात्रों की गूंज' पर भाजपा का पलटवार: रितेश तिवारी बोले — 'माँ का अपमान कर कोई महान नहीं बनता'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी तापमान तेज़ी से बढ़ गया है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री पर कथित तौर पर निशाना साधे जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 20 सितंबर 2026 को कोलकाता में कड़ी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पर व्यक्तिगत हमले करने का आरोप लगाया।
भाजपा विधायक रितेश तिवारी का बयान
कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा विधायक रितेश तिवारी ने कहा, 'राजनीति में व्यक्तिगत हमले से बचना चाहिए। पहले उनकी माँ को निशाना बनाया गया और फिर प्रधानमंत्री का कार्टून बनाया गया। किसी की माँ का अपमान करके या ऐसे व्यक्ति का अपमान करके, जिसका बेटा 25 साल तक देश का मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहा हो, आप महान नहीं बन सकते।'
तिवारी ने आगे कहा, 'कार्टून बनाकर आप प्रधानमंत्री को छोटा नहीं दिखा सकते। अगर विपक्ष के नेता को किसी की माँ के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करना सही लगता है, तो देश इस पर ध्यान देगा और फैसला करेगा।' यह ऐसे समय में आया है जब 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस गहरी हो रही है।
भाजपा नेता राजू बनर्जी का तीखा हमला
भाजपा नेता राजू बनर्जी ने राहुल गांधी पर और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, 'हम शुरू से ही कह रहे हैं कि उनकी जड़ें इटली में हैं। यहाँ भारत में हम भारत माता की पूजा करते हैं। हम हर माँ को भारत माता के समान मानते हैं। ऐसा काम वही कर सकता है जिसकी जड़ें इटली में हों।' बनर्जी ने दावा किया कि देश की जनता यह सब देख रही है और सबक सिखा रही है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी के कार्यक्रमों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध नया नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल में इस बार की तीव्रता राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय मानी जा रही है।
देबब्रत मजूमदार पर हमले की निंदा
इसी बीच, पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक देबब्रत मजूमदार पर हुए हमले को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी इस तरह के हमले का समर्थन नहीं करती और इसकी निंदा करती है। भाजपा लोकतंत्र और लोकतांत्रिक तरीकों में विश्वास रखती है।'
सुकांत मजूमदार ने यह भी कहा कि देबब्रत मजूमदार पहले भाजपा के साथ थे और बाद में TMC में चले गए। उन्होंने सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों के अनुसार काम करने का आह्वान किया।
आम जनता और राजनीतिक असर
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रम राहुल गांधी की युवा-केंद्रित राजनीति की रणनीति का हिस्सा हैं, जिन्हें भाजपा लगातार 'व्यक्तिगत हमले' के रूप में चित्रित कर रही है। पश्चिम बंगाल में TMC की सत्ता के बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों अपनी ज़मीन मज़बूत करने में जुटी हैं।
आगामी समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इन आरोपों का जवाब किस तरह देती है और क्या 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की श्रृंखला अन्य राज्यों में भी इसी तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म देती है।