प्रमोद तिवारी का पलटवार: 'छात्रों की गूंज' से भाजपा का दीया मद्धम, प्रल्हाद जोशी के आरोपों को बताया बेबुनियाद
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 20 सितंबर 2026 को इंदौर में आयोजित राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को ऐतिहासिक सफलता बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि छात्रों का उमड़ता उत्साह यह साबित करता है कि भाजपा का राजनीतिक दीया मद्धम पड़ने लगा है।
तिवारी ने 'छात्रों की गूंज' की सफलता पर क्या कहा
तिवारी ने कहा, 'राहुल गांधी की टिप्पणियों के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं। जिस तरह इंदौर के कार्यक्रम में छात्रों का हुजूम उमड़ रहा था और उससे भी बड़ी बात, जो उत्साह दिख रहा था, भाजपा का दीया मद्धम पड़ रहा है।' उन्होंने इस कार्यक्रम को शिक्षा और युवाओं की राजनीतिक जागरूकता का प्रतीक बताया। गौरतलब है कि इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुईं, जिसे कांग्रेस ने जमीनी समर्थन की निशानी बताया है।
प्रल्हाद जोशी के आरोपों पर तीखा जवाब
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने छात्रों के साथ संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माँ का अपमान किया। इस पर तिवारी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'ये लोग पागल हो गए हैं। छात्रों की गूंज की सफलता देखकर दिमाग चल गया है। शिक्षा मंत्री अशिक्षित जैसी बातें कर रहे हैं।'
तिवारी ने चुनौती देते हुए कहा, 'मैं चुनौती देता हूं कि प्रधानमंत्री जी की माँ का जिक्र कहाँ है? कहाँ महिलाओं के सम्मान के खिलाफ कुछ कहा? मैं राहुल गांधी के एक-एक शब्द की चुनौती देता हूं।' उन्होंने जोशी के आरोपों को राजनीतिक घबराहट का परिणाम बताया।
कांग्रेस का पलटवार — मोदी पर लगाए पुराने आरोप
तिवारी ने भाजपा पर ही महिलाओं के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा, 'राहुल गांधी की माँ का अपमान गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने किया था। उन्होंने शशि थरूर के बारे में टिप्पणी की थी। रेणुका चौधरी की एक खलनायक से तुलना की गई थी।' उन्होंने दावा किया कि वे ऐसे 10 मामले गिना सकते हैं जहाँ भाजपा नेताओं ने महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं।
तिवारी ने अंत में कहा, 'इसलिए प्रधानमंत्री अपनी भाषा संभालें। राहुल गांधी सबसे संभलकर और आचरण वाले एक नेता हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध और तेज हो गया है।
भाजपा की मूल शिकायत क्या थी
जोशी ने कार्यक्रम के बाद कहा था कि राहुल गांधी ने छात्रों के साथ संवाद का इस्तेमाल पीएम मोदी की दिवंगत माँ का मजाक उड़ाने के लिए किया। उन्होंने इसे 'बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी' करार दिया। भाजपा ने इस बयान को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश की है।
आगे क्या
यह राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में संसद और सार्वजनिक मंचों पर और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की श्रृंखला को अन्य राज्यों तक ले जाने की तैयारी में है, जबकि भाजपा इस मुद्दे पर सियासी दबाव बनाए रखने के संकेत दे रही है।