पश्चिमी रेलवे अहमदाबाद डिवीजन में 8 लाख पौधे लगाएगा, गुजरात के मेगा वृक्षारोपण अभियान में बड़ी भागीदारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन ने 12 जुलाई 2026 को गुजरात में 10 रेलवे स्थानों पर एक बड़े वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य गुजरात सरकार के राज्यव्यापी 'मेगा वृक्षारोपण' अभियान के तहत 8 लाख से अधिक पौधे लगाना है। यह पहल रेलवे भूमि पर हरित आवरण बढ़ाने और स्थानीय पारिस्थितिकी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वन कवच योजना और पहला चरण
'वन कवच योजना' के अंतर्गत पहले चरण में सानंद स्थित रेलवे भूमि पर 2 लाख से अधिक पौधे पहले ही लगाए जा चुके हैं। मंडल रेलवे प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश के अनुसार, सानंद यार्ड और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) लाइन के बीच रेलवे की 1.20 लाख वर्ग मीटर भूमि पर कुल 4 लाख पौधे लगाने की योजना है। शेष पौधे बाद के चरणों में लगाए जाएंगे।
मुख्य स्थान और विस्तार
यह अभियान अहमदाबाद डिवीजन के 10 प्रमुख स्थानों पर चलाया जा रहा है — अंबली रोड-गोरघुमा, चारोदी-जाखवाड़ा, अंबली रोड-चांदलोडिया, गोरघुमा-सानंद, जाखवाड़ा रेलवे स्टेशन, सानंद-चारोदी, सानंद यार्ड-DFC लाइन और साबरमती व चांदलोडिया के बीच स्थित दो स्थान। साबरमती में 8,400 वर्ग मीटर क्षेत्र में 9,000 पौधे और अंबली रोड पर 2,200 वर्ग मीटर क्षेत्र में 1,020 पौधे लगाए गए हैं।
पौधों की विविधता
इस अभियान में विविध प्रजातियों के पौधे शामिल हैं — 75,000 फाउंटेन ग्रास, 51,000 बोगनविलिया, 18,000 बांस, 14,000 टेकोमा, 12,000 पलाश, 6,000 नागौद और स्थानीय मेहंदी, 4,000 करंज, पारिजात, कचनार और अमलतास के पौधे, तथा 2,000 स्थानीय बबूल के पौधे। यह विविधता न केवल हरित आवरण बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी समृद्ध करेगी।
सरकार और प्रशासन की भागीदारी
रेलवे प्रशासन और गुजरात वन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इस अभियान में भाग लिया। कार्यक्रम में DRM वेद प्रकाश, डॉ. मीनल जानी, सहायक वन संरक्षक (ACF) रुचि दवे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम राज्य सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के सहयोग से चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि इस राज्यव्यापी अभियान में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में भाग लिया।
व्यापक लक्ष्य और आगे की राह
राज्यव्यापी मेगा वृक्षारोपण अभियान का लक्ष्य एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाना है — जो इसे गुजरात के इतिहास के सबसे बड़े एकल-दिवसीय पर्यावरण अभियानों में से एक बनाता है। रेलवे प्रशासन और वन विभाग ने नागरिकों से इस अभियान में भागीदारी करने और नए लगाए गए पौधों की देखभाल में सहयोग देने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, यह संयुक्त पहल सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को समर्थन देने की दिशा में भी एक ठोस कदम है।