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संबित पात्रा का '10 कदम, 10 का दम' रिपोर्ट कार्ड: मोदी के विदेशी दौरों से भारत बना इंडो-पैसिफिक की 'स्थिरता शक्ति'

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संबित पात्रा का '10 कदम, 10 का दम' रिपोर्ट कार्ड: मोदी के विदेशी दौरों से भारत बना इंडो-पैसिफिक की 'स्थिरता शक्ति'

सारांश

BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने '10 कदम, 10 का दम' रिपोर्ट कार्ड पेश कर दावा किया कि मोदी के सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरों से भारत इंडो-पैसिफिक में 'स्थिरता की ताकत' बनकर उभरा है — ब्रह्मोस सहयोग और सबांग पोर्ट जैसे कदम इसकी बानगी हैं।

मुख्य बातें

BJP सांसद संबित पात्रा ने 13 जुलाई 2025 को BJP मुख्यालय, नई दिल्ली में '10 कदम, 10 का दम' रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया।
पीएम मोदी के सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरों तथा जापान के शीर्ष नेतृत्व की भारत यात्रा को रणनीतिक उपलब्धि बताया गया।
इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सहयोग को भारत के रक्षा निर्यातक बनने का प्रमाण बताया।
न्यूजीलैंड के साथ समुद्री सुरक्षा और प्रशिक्षण के लिए मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर हस्ताक्षर।
सबांग पोर्ट (इंडोनेशिया) को मलक्का जलडमरूमध्य के निकट होने के कारण भारत की समुद्री रणनीति के लिए अहम बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने 13 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया विदेशी दौरों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने दावा किया कि सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरों के साथ-साथ जापान के शीर्ष नेतृत्व की भारत यात्रा से देश को रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय लाभ मिले हैं। पात्रा ने अपनी इस प्रस्तुति को '10 कदम, 10 का दम' नाम दिया।

इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती भूमिका

पात्रा ने कहा कि इन दौरों के माध्यम से भारत ने हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को और सुदृढ़ किया है। उनके अनुसार, भारत अब इस पूरे क्षेत्र में 'स्थिरता लाने वाली ताकत' के रूप में उभर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जहाँ कई देशों की सरकारें और नीतियाँ बदलती रहीं, वहीं भारत ने राजनीतिक स्थिरता, नीति निरंतरता और आर्थिक मजबूती के बल पर वैश्विक भरोसा अर्जित किया है।

सबांग पोर्ट और समुद्री रणनीति

पात्रा ने इंडोनेशिया के सबांग पोर्ट का विशेष उल्लेख किया, जो मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है — दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक। उन्होंने कहा कि इस बंदरगाह के विकास में इंडोनेशिया की रुचि भारत के लिए समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पहुँच को और विस्तार देगी।

रक्षा सहयोग और ब्रह्मोस निर्यात

BJP सांसद ने रक्षा और समुद्री सहयोग को किसी भी देश की सामरिक ताकत का आधार बताते हुए कहा कि भारत अब केवल हथियार आयात करने वाला देश नहीं, बल्कि रक्षा उपकरणों का साझेदार और निर्यातक भी बन चुका है। उन्होंने इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सहयोग को भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का प्रमाण बताया।

इसके अतिरिक्त, पात्रा ने न्यूजीलैंड के साथ हुए रक्षा समझौतों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, भारतीय नौसेना और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और आपसी सहयोग के लिए मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे दोनों देशों के रक्षा संबंध और प्रगाढ़ होंगे।

ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिज

पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के इन दौरों का एक अहम उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी रहा है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत अपनी रणनीतिक साझेदारियों को व्यापक आधार दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन दौरों से भारत की वैश्विक मंच पर भूमिका और अधिक प्रभावशाली हुई है।

आगे की दिशा

BJP की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में आई है जब भारत की विदेश नीति पर व्यापक चर्चा जारी है। पात्रा के अनुसार, मोदी सरकार का लक्ष्य भारत के राष्ट्रीय हितों को केंद्र में रखते हुए दुनिया के प्रमुख देशों के साथ दीर्घकालिक संबंध स्थापित करना है। गौरतलब है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की यह सक्रिय कूटनीति आने वाले समय में और अधिक महत्व रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे स्वतंत्र सत्यापन की कसौटी पर परखना जरूरी है। ब्रह्मोस सहयोग और सबांग पोर्ट जैसे कदम वास्तव में भारत की बढ़ती समुद्री कूटनीति के ठोस संकेत हैं, लेकिन 'स्थिरता की ताकत' जैसे दावों को तब तक अधूरा माना जाएगा जब तक इन समझौतों के क्रियान्वयन की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र सार्वजनिक नहीं होते। इंडो-पैसिफिक में भारत की सक्रियता निर्विवाद रूप से बढ़ी है, परंतु विपक्ष और स्वतंत्र विश्लेषकों द्वारा इन दौरों के ठोस आर्थिक परिणामों पर उठाए जाने वाले सवाल अभी अनुत्तरित हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संबित पात्रा का '10 कदम, 10 का दम' रिपोर्ट कार्ड क्या है?
यह BJP सांसद संबित पात्रा द्वारा 13 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में पेश की गई एक प्रस्तुति है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरों तथा जापान के शीर्ष नेतृत्व की भारत यात्रा से हुई कथित उपलब्धियों का ब्यौरा दिया गया। इसमें रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में हुए लाभों को रेखांकित किया गया।
भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल सहयोग क्या है?
पात्रा के अनुसार, भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाया गया है, जो भारत के रक्षा निर्यातक देश बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत की उस नीति का हिस्सा है जिसमें वह अब केवल हथियार खरीदने वाले से साझेदार और निर्यातक की भूमिका में आ रहा है।
सबांग पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
सबांग पोर्ट इंडोनेशिया में मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। पात्रा ने कहा कि इस बंदरगाह के विकास में भारत की भागीदारी हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक पहुँच को मजबूत करेगी।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच कौन-सा रक्षा समझौता हुआ है?
पात्रा के अनुसार, भारतीय नौसेना और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और आपसी सहयोग के लिए 'मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट' पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे दोनों देशों के रक्षा संबंध और अधिक प्रगाढ़ होने की उम्मीद है।
मोदी के विदेशी दौरों से भारत को क्या रणनीतिक लाभ मिले हैं?
BJP के अनुसार, इन दौरों से भारत ने इंडो-पैसिफिक और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति मजबूत की है, महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग बढ़ाया है, और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में नई साझेदारियाँ स्थापित की हैं। हालाँकि ये दावे BJP प्रवक्ता के हैं और स्वतंत्र सत्यापन अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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