बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की जीत तय — जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन का विपक्ष पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने 12 जुलाई 2026 को पटना में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — जिनमें बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव, पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह, तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया विदेश दौरे शामिल हैं। रंजन ने विपक्षी दलों पर तीखे निशाने साधते हुए एनडीए की स्थिति को मज़बूत बताया।
बांकीपुर उपचुनाव: एनडीए का दावा
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजीव रंजन ने कहा, 'सबसे पहली बात तो यह है कि प्रशांत किशोर और आरजेडी को आपस में तय करना चाहिए कि कौन दूसरे, तीसरे, चौथे या पांचवें स्थान पर रहेगा। पहली जगह तो पहले से ही लोगों के दिलों में पक्की है। जनता का समर्थन एनडीए उम्मीदवार के साथ है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत उनके अनुसार सुनिश्चित है।
कांग्रेस की आंतरिक कलह पर चिंता
रंजन ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी के लिए खुद को एकजुट रखना आसान नहीं होगा। उनके अनुसार, 'कांग्रेस कुछ मुद्दों पर जमीनी स्तर पर सक्रियता दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अपनी राज्य इकाइयों में बढ़ती नाराजगी के कारण पार्टी के लिए अपने आंतरिक मामलों को संभालना मुश्किल होता जा रहा है।' पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच का विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। रंजन के अनुसार, 'चुनाव टिकट बंटवारे से पहले या बाद में कांग्रेस का बिखरना निश्चित हो गया है।'
टीएमसी में टूट: ममता बनर्जी पर निशाना
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले अनुब्रत मंडल के TMC छोड़कर विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में शामिल होने के बाद रंजन ने कहा कि ममता बनर्जी की मुश्किलें तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि सुखेंदु शेखर, सुष्मिता देव, चंद्रिमा भट्टाचार्य और अब अनुब्रत मंडल — एक के बाद एक नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली है।
रंजन के अनुसार, 'संसदीय दल ने साथ छोड़ दिया, विधायक दल पहले ही हाथ से निकल चुका था। पार्टी संगठन पूरी तरह से उनके विरोधियों के खेमे में चली गई।' उन्होंने आगे कहा, 'राजनीति में जब आप लगातार गलतियां करते जाएंगे और पार्टी को जागीर समझकर आम कार्यकर्ताओं से दूरी बढ़ाते जाएंगे, तो टीएमसी का इस तरह टूटना अस्वाभाविक नहीं है।'
उमर अब्दुला के आरोप और मोदी का विदेश दौरा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर विधायक खरीदने के लगाए गए आरोपों पर रंजन ने कहा कि BJP ने आधिकारिक तौर पर इन आरोपों का खंडन कर दिया है। उन्होंने कहा कि उमर अब्दुला की सबसे बड़ी चुनौती अपनी खोई हुई साख और विश्वसनीयता को वापस हासिल करना है, और ये आरोप ध्यान भटकाने की कोशिश है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे को रंजन ने 'अभूतपूर्व' बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरे में लगभग ₹35,000 करोड़ की व्यापारिक साझेदारी का लक्ष्य रखा गया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।
आगे क्या
बांकीपुर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होना अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर जारी टूट और पंजाब में कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई आने वाले चुनावों में विपक्ष की एकजुटता की परीक्षा लेगी।