जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन बोले — ममता के कुशासन ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की राह आसान की

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जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन बोले — ममता के कुशासन ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की राह आसान की

सारांश

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने बंगाल नतीजों के बाद विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया और कहा कि ममता बनर्जी के कुशासन ने खुद भाजपा की राह आसान की। साथ ही उन्होंने बिहार में कैबिनेट विस्तार के संकेत दिए और नक्सलवाद को 'आखिरी साँसें गिनता' बताया।

मुख्य बातें

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने 5 मई 2026 को पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया दी।
ममता बनर्जी के कुशासन को भाजपा की जीत का प्रमुख कारण बताया गया।
विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप — केरल जीत स्वीकार, बंगाल में धांधली का दावा।
निशांत कुमार के प्रति बिहार में जनसमर्थन को 'अद्भुत और अप्रतिम' बताया।
बिहार कैबिनेट विस्तार 'बहुत जल्द' होने का संकेत।
नक्सलवाद को 'आखिरी साँसें गिनता' बताया, रेड कॉरिडोर के खात्मे का दावा।

जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने मंगलवार, 5 मई 2026 को पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के चुनावी नतीजों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के कुशासन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राह स्वयं आसान की, जबकि विपक्ष के दोहरे मापदंड एक बार फिर उजागर हो गए हैं।

विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप

राजीव रंजन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "विपक्ष जहाँ पर गड़बड़ियों को लेकर आरोप लगाता है और जनादेश की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।" उन्होंने सीधे प्रश्न उठाया कि क्या कांग्रेस केरल में मिली अपनी जीत को स्वीकार करती है। उनका तर्क था कि यदि केरल की जीत को कांग्रेस वैध मानती है, तो यह भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के बेहतर प्रबंधन की वजह से ही संभव हुई। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी ECI ने चाक-चौबंद व्यवस्था और निर्भीक मतदान सुनिश्चित किया, जहाँ बदलाव भाजपा के पक्ष में रहा। "ऐसे दोहरे मापदंडों से ममता बनर्जी, राहुल गांधी या अखिलेश यादव को बचना चाहिए" — यह उनकी स्पष्ट चेतावनी थी।

बंगाल में भाजपा की जीत — दशकों की साधना का परिणाम

बंगाल के चुनावी नतीजों को लेकर रंजन ने कहा, "यह कई दशकों की साधना का परिणाम है।" उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता हार और जीत की परवाह किए बिना लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे। उनके अनुसार, अंततः ममता बनर्जी के कुशासन ने भाजपा की राह आसान कर दी और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व भाजपा के लिए निर्णायक रहा। उन्होंने विपक्ष को आगाह किया कि यदि वे जनादेश के मर्म को नहीं समझे, तो "इससे भी बड़ी पराजय के लिए तैयार रहना होगा।" रंजन ने यह भी कहा कि बंगाल को नई गति और दिशा की जरूरत है तथा वहाँ निवेश लाना अनिवार्य है।

बिहार में निशांत कुमार को लेकर जनभावना

बिहार में निशांत कुमार के प्रति बढ़ते जनसमर्थन पर रंजन ने कहा कि यह "अद्भुत, अद्वितीय और अप्रतिम" है। उन्होंने कहा कि लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि निशांत में देख रहे हैं और जनभावनाएँ पार्टी के साथ हैं। उन्होंने 20 वर्षों में बिहार में हुए विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि उस निरंतरता को जारी रखने का कार्य सम्राट चौधरी कर रहे हैं।

कैबिनेट विस्तार और नक्सलवाद पर स्पष्ट संकेत

बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर रंजन ने कहा कि यह "बहुत जल्द" होगा और लोगों को मंत्रिपरिषद विस्तार की घोषणा की प्रतीक्षा है। नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि "नक्सलवाद आखिरी साँसें गिन रहा है।" उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ से लेकर देशभर में जो 'रेड कॉरिडोर' था, वह अब खात्मे की ओर बढ़ चुका है और गिनती के बचे अवशेषों का सफाया केंद्रीय बल शीघ्र करेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर आक्रामक है और सत्तारूढ़ गठबंधन चुनावी सफलता को विकास की स्वीकृति के रूप में पेश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो परोक्ष रूप से यह स्वीकार करना भी है कि भाजपा की जीत सकारात्मक जनादेश से अधिक नकारात्मक मतदान का परिणाम हो सकती है। नक्सलवाद के 'खात्मे' का दावा नया नहीं है — यह दावा पिछले एक दशक में कई बार दोहराया जा चुका है। बिहार में कैबिनेट विस्तार के संकेत और निशांत कुमार की चर्चा यह बताती है कि जदयू अपनी उत्तराधिकार राजनीति को सावधानी से आकार दे रहा है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने पश्चिम बंगाल चुनाव पर क्या कहा?
राजीव रंजन ने कहा कि ममता बनर्जी के कुशासन ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की राह आसान की और भारतीय निर्वाचन आयोग ने वहाँ निर्भीक मतदान सुनिश्चित किया। उन्होंने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप क्यों लगाया गया?
रंजन ने तर्क दिया कि कांग्रेस केरल में अपनी जीत को वैध मानती है लेकिन बंगाल में चुनावी धांधली का आरोप लगाती है — दोनों चुनाव एक ही निर्वाचन आयोग ने कराए। उनके अनुसार यह दोहरा मापदंड है जिससे ममता बनर्जी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव को बचना चाहिए।
बिहार में कैबिनेट विस्तार कब होगा?
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने संकेत दिया कि बिहार में कैबिनेट विस्तार 'बहुत जल्द' होगा। हालाँकि उन्होंने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
निशांत कुमार कौन हैं और उनकी चर्चा क्यों हो रही है?
निशांत कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हैं और जदयू प्रवक्ता के अनुसार बिहार में उनके प्रति जनसमर्थन 'अद्भुत और अप्रतिम' है। लोग उनमें नीतीश कुमार की छवि देख रहे हैं।
नक्सलवाद को लेकर जदयू का क्या कहना है?
राजीव रंजन ने दावा किया कि नक्सलवाद आखिरी साँसें गिन रहा है और छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में 'रेड कॉरिडोर' अब खात्मे की ओर है। उन्होंने कहा कि बचे हुए अवशेषों का सफाया केंद्रीय बल शीघ्र करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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