9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीति आयोग के प्रो. केवी राजू ने राजस्थान को बताया 'उपलब्धि संपन्न राज्य', पेयजल व ग्रामीण विकास की सराहना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीति आयोग के प्रो. केवी राजू ने राजस्थान को बताया 'उपलब्धि संपन्न राज्य', पेयजल व ग्रामीण विकास की सराहना

सारांश

नीति आयोग के प्रो. केवी राजू ने जयपुर में राजस्थान को 'उपलब्धि संपन्न राज्य' करार दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला-आधारित विकास मॉडल और 6,000 से अधिक सक्रिय स्टार्टअप का हवाला देते हुए 'विकसित भारत 2047' में राज्य की अग्रणी भूमिका का दावा किया।

मुख्य बातें

नीति आयोग के सदस्य प्रो.
केवी राजू ने 22 जून 2026 को जयपुर में राजस्थान को 'उपलब्धि संपन्न राज्य' की संज्ञा दी।
पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण विकास में राज्य की प्रगति की विशेष सराहना की गई।
राजू ने GSDP गणना में पर्यटन, कृषि, खनन और सौर ऊर्जा को बेहतर ढंग से शामिल करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित डेटाबेस की वकालत की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला घरेलू उत्पाद (DDP) बैठक में 'विकसित भारत 2047' में राजस्थान की अग्रणी भूमिका की बात कही।
राज्य में वर्तमान में 6,000 से अधिक सक्रिय स्टार्टअप कार्यरत हैं।
चूरू, भरतपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर के असंगठित उद्यमों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए वार्षिक उद्यम सर्वेक्षण जारी है।

नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर केवी राजू ने 22 जून 2026 को जयपुर में राजस्थान को 'उपलब्धि संपन्न राज्य' की संज्ञा दी और पेयजल आपूर्ति तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में राज्य द्वारा की गई प्रगति की विशेष प्रशंसा की। यह टिप्पणी जिला घरेलू उत्पाद (DDP) आकलन पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान आई, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने आधिकारिक आवास पर संबोधित किया।

मुख्य घटनाक्रम

प्रो. राजू ने राजस्थान में पर्यटन, कृषि, खनन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि इन क्षेत्रों के योगदान को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में अधिक प्रभावी ढंग से दर्शाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित डेटाबेस विकसित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी योजनाओं की निरंतर निगरानी, क्षमता निर्माण और असंगठित क्षेत्र में व्यापक सर्वेक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मुख्यमंत्री का विजन

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में कहा कि राजस्थान 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एक जिला-आधारित विकास मॉडल पर काम कर रही है, जो प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान, स्थानीय संसाधनों और आर्थिक शक्तियों को केंद्र में रखकर नया विकास ढाँचा तैयार करता है।

स्टार्टअप और निवेश परिदृश्य

शर्मा ने बताया कि राजस्थान का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेज़ी से विस्तार कर रहा है — राज्य में वर्तमान में 6,000 से अधिक सक्रिय स्टार्टअप कार्यरत हैं, जो रोज़गार सृजन के साथ-साथ युवाओं में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं। उद्योग, निवेश और सुशासन को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों के चलते राज्य विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित कर रहा है।

असंगठित क्षेत्र को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र में वार्षिक उद्यम सर्वेक्षण सक्रिय रूप से संचालित कर रही है। इसके अंतर्गत चूरू के हस्तशिल्प उद्योग, भरतपुर के सरसों आधारित उद्यमों और बांसवाड़ा एवं उदयपुर के पारंपरिक आदिवासी उत्पादों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। इन पहलों से इन उद्यमों का आर्थिक योगदान राज्य के GDP में परिलक्षित होगा और उन्हें सरकारी योजनाओं व वित्तीय सहायता तक पहुँच भी मिलेगी।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राजस्थान अपनी आर्थिक क्षमता को संरचित रूप से मापने और नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नीति आयोग की सक्रिय भागीदारी यह संकेत देती है कि राज्य का जिला-स्तरीय विकास मॉडल राष्ट्रीय नीति ढाँचे के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि GSDP और DDP के आँकड़े ज़मीनी बदलाव को कितना प्रतिबिंबित करते हैं। 6,000 स्टार्टअप और असंगठित क्षेत्र के सर्वेक्षण जैसे दावे उत्साहजनक हैं, पर इनकी स्वतंत्र पुष्टि और रोज़गार-गुणवत्ता के आँकड़े अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। जिला-आधारित विकास मॉडल की अवधारणा नई नहीं है — कई राज्य इसे आज़मा चुके हैं और क्रियान्वयन की खाई पुरानी चुनौती रही है। प्रौद्योगिकी-आधारित डेटाबेस का सुझाव सही दिशा में है, बशर्ते उसे केवल नीतिगत दस्तावेज़ तक सीमित न रखा जाए।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीति आयोग ने राजस्थान को 'उपलब्धि संपन्न राज्य' क्यों कहा?
नीति आयोग के सदस्य प्रो. केवी राजू ने पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण विकास में राजस्थान की उल्लेखनीय प्रगति के आधार पर राज्य को यह दर्जा दिया। उन्होंने पर्यटन, कृषि, खनन और सौर ऊर्जा में राज्य की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।
जिला घरेलू उत्पाद (DDP) बैठक में क्या निर्णय हुए?
बैठक में GSDP गणना को अधिक सटीक बनाने के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित डेटाबेस विकसित करने और असंगठित क्षेत्र के सर्वेक्षण विस्तार पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला-आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
राजस्थान में कितने सक्रिय स्टार्टअप हैं?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, राजस्थान में वर्तमान में 6,000 से अधिक सक्रिय स्टार्टअप कार्यरत हैं। ये स्टार्टअप रोज़गार सृजन के साथ-साथ युवाओं में नवाचार को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं।
असंगठित क्षेत्र को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए राजस्थान क्या कर रहा है?
राज्य सरकार वार्षिक उद्यम सर्वेक्षण संचालित कर रही है, जिसके तहत चूरू के हस्तशिल्प, भरतपुर के सरसों-आधारित उद्यम और बांसवाड़ा-उदयपुर के आदिवासी उत्पादों को GDP गणना में शामिल किया जा रहा है। इससे इन उद्यमों को सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता तक पहुँच भी मिल रही है।
'विकसित भारत 2047' में राजस्थान की क्या भूमिका है?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, राजस्थान समावेशी और सतत विकास को गति देते हुए 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राज्य का जिला-आधारित विकास मॉडल इसी लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले