नीति आयोग की 11वीं बैठक: CM भजनलाल शर्मा ने रखा विकसित राजस्थान-2047 का रोडमैप, ₹35 लाख करोड़ निवेश का ज़िक्र
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में राजस्थान का विकास-विजन, उपलब्धियाँ और भावी कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए विकसित राजस्थान-2047 का व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है।
आर्थिक लक्ष्य और निवेश परिदृश्य
शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2029 तक राजस्थान को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर 10.24 प्रतिशत है, जो इस दिशा में सकारात्मक संकेत देती है। उन्होंने बताया कि राज्य में ₹35 लाख करोड़ के निवेश संबंधी एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनमें से ₹9 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग पूरी हो चुकी है।
इसके अतिरिक्त राज्य को 9 एमएमटीपीए क्षमता की एक आधुनिक रिफाइनरी मिली है, जिसे राजस्थान के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर बताया जा रहा है। निवेश प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार ने 35 से अधिक नई नीतियाँ लागू की हैं।
युवा शक्ति और रोज़गार नीतियाँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 63 प्रतिशत युवा आबादी को विकास का मुख्य आधार बनाया जा रहा है। इसी दिशा में राजस्थान कौशल नीति-2025, राजस्थान युवा नीति-2025 और राजस्थान रोज़गार नीति-2026 लागू की गई हैं। 'माय भारत' अभियान के तहत राजस्थान में 18 लाख पंजीकृत युवाओं के साथ राज्य देशभर में दूसरे स्थान पर है।
सहकारिता, डेयरी विकास और 'एक जिला-एक उत्पाद' जैसी पहलों के ज़रिए स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
कृषि और किसान कल्याण
शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत राजस्थान में 2 करोड़ 19 लाख बीमा पॉलिसियाँ जारी की जा चुकी हैं। पीएम-कुसुम योजना (कम्पोनेंट-ए) के तहत 723 मेगावाट क्षमता की 496 सौर ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित की गई हैं। इन दोनों क्षेत्रों में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।
पीएम धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन से बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, नागौर, जालौर, चूरू और जोधपुर जैसे मरुस्थलीय जिलों में दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों के उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है।
महिला सशक्तीकरण और सामाजिक कल्याण
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' कार्यक्रमों के ज़रिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री पोषण योजना में राजस्थान लगातार दो वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में राज्य दूसरे स्थान पर है।
सुशासन, पर्यावरण और विरासत
सुशासन के मोर्चे पर शर्मा ने बताया कि 'राज उन्नति' प्लेटफॉर्म के ज़रिए अब तक ₹2 लाख करोड़ से अधिक लागत की 42 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की जा चुकी है। संपर्क पोर्टल के माध्यम से शिकायत निस्तारण की औसत अवधि 28 दिन से घटकर 14 दिन रह गई है और 98 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया गया है।
पर्यावरण के क्षेत्र में राज्य सरकार ने पाँच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक लगभग 20 करोड़ पौधों का रोपण हो चुका है। शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के तहत झुंझुनूं, चूरू और सीकर में 660 से अधिक हवेलियों को पर्यटन इकाई के रूप में विकसित किया जा रहा है। नीति आयोग की 2025-26 की तृतीय तिमाही रैंकिंग में नीमराना ब्लॉक ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा शक्ति, महिला सशक्तीकरण, कृषि समृद्धि, हरित ऊर्जा और सुशासन के समन्वित मॉडल के साथ राजस्थान 'विकसित राजस्थान-2047' के संकल्प को पूर्ण समर्पण से साकार करेगा।