भजनलाल शर्मा की अधिकारियों को कड़ी चेतावनी: ₹15,890 करोड़ की परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 21 जुलाई 2025 को स्पष्ट कर दिया कि विकास परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करना और आम जनता तक समय पर लाभ पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सीधे शब्दों में चेताया कि लापरवाही और देरी के लिए अब कोई बहाना नहीं चलेगा।
राज उन्नति समीक्षा बैठक में क्या हुआ
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित सातवीं राज उन्नति समीक्षा बैठक में जारी किए। बैठक में सात विभागों की कुल ₹15,890 करोड़ की विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। इसके अलावा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, पंच गौरव योजना तथा ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।
शर्मा ने पिछली राज उन्नति बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति भी परखी और 'जीरो टोलरेंस' नीति पर अमल सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
जयपुर नॉर्दर्न रिंग रोड पर विशेष जोर
जयपुर रिंग रोड (उत्तर) परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वन विभाग और रेलवे के साथ समन्वय बनाकर लंबित अड़चनें दूर करने और तत्काल काम शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जयपुर में यातायात की समस्या से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड की अनुमानित लागत ₹11,700 करोड़ से अधिक है। यह मार्ग अजमेर राजमार्ग (NH-48) पर बागरू से शुरू होकर जयपुर-दिल्ली NH-48 और जयपुर-सीकर NH-52 से गुजरते हुए जयपुर-बांदीकुई स्पर तक जाएगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसे अनुमोदन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है।
पंच गौरव योजना पर मुख्य सचिव को निर्देश
मुख्यमंत्री ने पंच गौरव कार्यक्रम की समीक्षा में मुख्य सचिव को एक प्रभावी विस्तार योजना तैयार करने और उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पाद प्रत्येक जिले की आर्थिक समृद्धि की नींव हैं और इस योजना के माध्यम से उन्हें बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्थाएँ मजबूत होंगी।
जिन जिलों ने पिछले वर्ष आवंटित धनराशि का पूरा उपयोग नहीं किया, उन्हें क्रियान्वयन में तत्काल गति लाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक जिले में पंच गौरव के पाँच चिन्हित घटकों — उपज, उत्पाद, वनस्पति प्रजातियाँ, पर्यटन स्थल और खेल — के समग्र विकास, संवर्धन और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने का भी आह्वान किया गया। कम प्रदर्शन करने वाले जिलों को निर्देशित किया गया कि वे अपने लक्ष्य का 100 प्रतिशत शीघ्र हासिल करें।
आगे क्या
राज उन्नति बैठकों की यह श्रृंखला राज्य सरकार की जवाबदेही तंत्र का हिस्सा है, जिसके तहत विभागीय प्रगति की नियमित समीक्षा की जाती है। जयपुर रिंग रोड परियोजना के केंद्रीय अनुमोदन के बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण की समयरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह देखना अहम होगा कि 'जीरो टोलरेंस' की घोषणा ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से असर दिखाती है।