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भजनलाल शर्मा की अधिकारियों को कड़ी चेतावनी: ₹15,890 करोड़ की परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं

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भजनलाल शर्मा की अधिकारियों को कड़ी चेतावनी: ₹15,890 करोड़ की परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं

सारांश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सातवीं राज उन्नति बैठक में अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया — ₹15,890 करोड़ की परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। ₹11,700 करोड़ की जयपुर नॉर्दर्न रिंग रोड से लेकर पंच गौरव योजना तक, 'जीरो टोलरेंस' नीति अब कागज़ से ज़मीन पर उतरने की परीक्षा में है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में सातवीं राज उन्नति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
सात विभागों की ₹15,890 करोड़ की विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रस्तावित जयपुर नॉर्दर्न रिंग रोड की अनुमानित लागत ₹11,700 करोड़ से अधिक ; DPR केंद्रीय मंत्रिमंडल को भेजी गई।
पंच गौरव योजना के पाँच घटकों — उपज, उत्पाद, वनस्पति, पर्यटन और खेल — के क्रियान्वयन में तेज़ी का निर्देश।
कम खर्च करने वाले जिलों को लक्ष्य का 100 प्रतिशत शीघ्र हासिल करने का आदेश।
अधिकारियों को 'जीरो टोलरेंस' नीति के तहत देरी के लिए बहाने बंद करने की हिदायत।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 21 जुलाई 2025 को स्पष्ट कर दिया कि विकास परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करना और आम जनता तक समय पर लाभ पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सीधे शब्दों में चेताया कि लापरवाही और देरी के लिए अब कोई बहाना नहीं चलेगा।

राज उन्नति समीक्षा बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री ने ये निर्देश जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित सातवीं राज उन्नति समीक्षा बैठक में जारी किए। बैठक में सात विभागों की कुल ₹15,890 करोड़ की विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। इसके अलावा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, पंच गौरव योजना तथा ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

शर्मा ने पिछली राज उन्नति बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति भी परखी और 'जीरो टोलरेंस' नीति पर अमल सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

जयपुर नॉर्दर्न रिंग रोड पर विशेष जोर

जयपुर रिंग रोड (उत्तर) परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वन विभाग और रेलवे के साथ समन्वय बनाकर लंबित अड़चनें दूर करने और तत्काल काम शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जयपुर में यातायात की समस्या से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।

प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड की अनुमानित लागत ₹11,700 करोड़ से अधिक है। यह मार्ग अजमेर राजमार्ग (NH-48) पर बागरू से शुरू होकर जयपुर-दिल्ली NH-48 और जयपुर-सीकर NH-52 से गुजरते हुए जयपुर-बांदीकुई स्पर तक जाएगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसे अनुमोदन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है।

पंच गौरव योजना पर मुख्य सचिव को निर्देश

मुख्यमंत्री ने पंच गौरव कार्यक्रम की समीक्षा में मुख्य सचिव को एक प्रभावी विस्तार योजना तैयार करने और उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पाद प्रत्येक जिले की आर्थिक समृद्धि की नींव हैं और इस योजना के माध्यम से उन्हें बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्थाएँ मजबूत होंगी।

जिन जिलों ने पिछले वर्ष आवंटित धनराशि का पूरा उपयोग नहीं किया, उन्हें क्रियान्वयन में तत्काल गति लाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक जिले में पंच गौरव के पाँच चिन्हित घटकों — उपज, उत्पाद, वनस्पति प्रजातियाँ, पर्यटन स्थल और खेल — के समग्र विकास, संवर्धन और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने का भी आह्वान किया गया। कम प्रदर्शन करने वाले जिलों को निर्देशित किया गया कि वे अपने लक्ष्य का 100 प्रतिशत शीघ्र हासिल करें।

आगे क्या

राज उन्नति बैठकों की यह श्रृंखला राज्य सरकार की जवाबदेही तंत्र का हिस्सा है, जिसके तहत विभागीय प्रगति की नियमित समीक्षा की जाती है। जयपुर रिंग रोड परियोजना के केंद्रीय अनुमोदन के बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण की समयरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह देखना अहम होगा कि 'जीरो टोलरेंस' की घोषणा ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से असर दिखाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

700 करोड़ की जयपुर रिंग रोड परियोजना वन विभाग और रेलवे की मंज़ूरियों में अटकी है, जो दर्शाता है कि बाधाएँ अधिकारियों की इच्छाशक्ति से नहीं, अंतर-विभागीय समन्वय की कमी से उपजती हैं। 'जीरो टोलरेंस' की घोषणा पहली बार नहीं हुई है; असली कसौटी यह है कि क्या इस बार जवाबदेही के लिए कोई मापने योग्य ढाँचा भी तैयार किया जाएगा। पंच गौरव योजना में कम खर्च करने वाले जिलों की उपस्थिति बताती है कि योजनाओं की घोषणा और उनके क्रियान्वयन के बीच की खाई को भरने के लिए शब्दों से ज़्यादा तंत्र चाहिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज उन्नति समीक्षा बैठक क्या है?
राज उन्नति समीक्षा बैठक राजस्थान सरकार की जवाबदेही प्रणाली का हिस्सा है, जिसमें मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हैं। 20 जुलाई 2025 को जयपुर में इसकी सातवीं बैठक आयोजित हुई।
जयपुर नॉर्दर्न रिंग रोड परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है?
₹11,700 करोड़ से अधिक लागत की इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के लिए भेजा गया है। वन विभाग और रेलवे से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाकर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंच गौरव योजना में कौन-से पाँच घटक शामिल हैं?
पंच गौरव योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में पाँच घटकों — उपज, उत्पाद, वनस्पति प्रजातियाँ, पर्यटन स्थल और खेल — का समग्र विकास, संवर्धन और संरक्षण किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कम प्रदर्शन करने वाले जिलों को लक्ष्य का 100 प्रतिशत शीघ्र हासिल करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को क्या चेतावनी दी?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं होगी और अधिकारी बहाने बनाना बंद करें। उन्होंने 'जीरो टोलरेंस' नीति के सख्त पालन के निर्देश दिए।
इस बैठक में कितनी धनराशि की परियोजनाओं की समीक्षा हुई?
बैठक में सात विभागों की कुल ₹15,890 करोड़ की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और पंच गौरव योजना के क्रियान्वयन का भी आकलन किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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