15 जुलाई 2026
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झारखंड सड़क परियोजनाएँ: CM हेमंत सोरेन ने दी चेतावनी, दो महीने में काम पूरा करें वरना होगी कार्रवाई

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झारखंड सड़क परियोजनाएँ: CM हेमंत सोरेन ने दी चेतावनी, दो महीने में काम पूरा करें वरना होगी कार्रवाई

सारांश

CM हेमंत सोरेन ने झारखंड की वर्षों से लंबित सड़क, फ्लाईओवर और पुल परियोजनाओं पर सख्त रुख अपनाया है। दो महीने का अल्टीमेटम, जियो-टैगिंग की अनिवार्यता और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी — मानसून के बीच यह बैठक जवाबदेही की माँग का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

CM हेमंत सोरेन ने 15 जुलाई को पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
प्रमुख सड़क, फ्लाईओवर और पुल परियोजनाएँ दो महीनों के भीतर पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया।
देरी पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की चेतावनी।
सभी परियोजनाओं की जियो-टैगिंग और अद्यतन डेटाबेस अनिवार्य करने के निर्देश।
मानसून में गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी और सड़क गुणवत्ता सुधारने पर विशेष बल।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार , सचिव सुनील कुमार और अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा उपस्थित रहे।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 जुलाई 2026 को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की सड़क, फ्लाईओवर और पुल परियोजनाओं में हो रही देरी पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रमुख निर्माण परियोजनाएँ अगले दो महीनों के भीतर पूरी की जाएँ, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक का घटनाक्रम

बुधवार को आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने पिछले पाँच वर्षों की योजनाओं, निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति की समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों ने सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पुल-पुलियों की मौजूदा स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार और अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जियो-टैगिंग और डेटाबेस पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं का अद्यतन डेटाबेस तैयार करने और उनकी जियो-टैगिंग अनिवार्य करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि प्रत्येक परियोजना की लागत, प्रगति और समय-सीमा का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए, ताकि निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। जियो-टैगिंग से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और परियोजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव होगी।

शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

सोरेन ने सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित किया जाए और कार्रवाई का अद्यतन रिकॉर्ड भी रखा जाए।

वर्षा ऋतु में सड़क सुरक्षा प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़कों की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष बल दिया। संकीर्ण सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की योजनाओं में तेज़ी लाने के भी निर्देश दिए गए। राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य हिस्सों में वर्षों से लंबित सड़क और पुल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया। बैठक में सोलर साइकिल ट्रैक सहित अन्य नई परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री ने पुल-पुलियों के किनारों को मज़बूत बनाने, जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने पर ज़ोर दिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मानसून की शुरुआत के साथ राज्य की कई सड़कों पर जलजमाव और गड्ढों की समस्या गंभीर होती जा रही है। अगले दो महीनों में यदि निर्माण लक्ष्य पूरे नहीं हुए, तो विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन झारखंड में सड़क परियोजनाओं की देरी कोई नई समस्या नहीं — यह ढाँचागत कमज़ोरियों और ठेकेदारों की जवाबदेही के अभाव का नतीजा है। जियो-टैगिंग और डेटाबेस जैसे तकनीकी उपाय पारदर्शिता बढ़ा सकते हैं, पर असली परीक्षा यह है कि दो महीने बाद विभागीय कार्रवाई वास्तव में होती है या सिर्फ बैठक की कार्यवाही में दर्ज रहती है। मानसून के दौरान निर्माण कार्यों की गति स्वाभाविक रूप से धीमी पड़ती है, जो इस समय-सीमा को और चुनौतीपूर्ण बनाती है। बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र के, यह अल्टीमेटम महज़ एक प्रशासनिक संकेत बनकर रह सकता है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM हेमंत सोरेन ने सड़क परियोजनाओं को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 जुलाई को समीक्षा बैठक में सभी प्रमुख सड़क, फ्लाईओवर और पुल परियोजनाएँ दो महीनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। देरी पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
झारखंड में सड़क परियोजनाओं की जियो-टैगिंग क्यों ज़रूरी की गई?
मुख्यमंत्री ने जियो-टैगिंग को अनिवार्य करने का निर्देश इसलिए दिया ताकि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़े और परियोजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग हो सके। इससे प्रत्येक परियोजना की लागत, प्रगति और समय-सीमा का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
झारखंड में सड़कों की खराब स्थिति पर क्या कदम उठाए जाएँगे?
CM सोरेन ने गड्ढों की तत्काल मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया और मीडिया से मिली शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
समीक्षा बैठक में कौन-से वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे?
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार और अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
झारखंड में मानसून के दौरान सड़क सुरक्षा के लिए क्या योजना है?
मुख्यमंत्री ने वर्षा ऋतु में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी सुधार और संकीर्ण सड़कों के चौड़ीकरण में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। रांची सहित राज्यभर में लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।
राष्ट्र प्रेस
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