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CM योगी का PWD अधिकारियों को निर्देश: मानसून से पहले गोरखपुर-आजमगढ़ में सड़क निर्माण तेज करें

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CM योगी का PWD अधिकारियों को निर्देश: मानसून से पहले गोरखपुर-आजमगढ़ में सड़क निर्माण तेज करें

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में PWD की समीक्षा कर साफ संदेश दिया — मानसून से पहले काम पूरा हो, गुणवत्ता से समझौता नहीं। देवरिया के 'मोहन सेतु' से लेकर 'बिलो टेंडर' ठेकेदारों तक, हर मोर्चे पर सख्ती के निर्देश।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 14 जून को गोरखपुर में PWD की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल में मानसून से पहले सड़क निर्माण पूरा करने का निर्देश।
जून के अंत तक सभी स्वीकृतियां प्राप्त कर तत्काल शिलान्यास कराने का आदेश।
देवरिया में निर्माणाधीन 'मोहन सेतु' की प्रगति की समीक्षा; निरीक्षण और गति बढ़ाने के निर्देश।
'बिलो टेंडर' लेने वाले ठेकेदारों को चिह्नित कर उन पर कड़ी नजर रखने का आदेश।
श्रमिकों के लिए सुरक्षा किट अनिवार्य; ऑनलाइन मॉनिटरिंग से निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 14 जून को गोरखपुर स्थित एनेक्सी भवन में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल में चल रही पुरानी और नई परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी प्राथमिकता वाले निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर सड़क निर्माण में गति लाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय की जाए और काम तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल सके। जून के अंत तक सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर शिलान्यास की प्रक्रिया पूरी की जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही कार्य प्रारंभ हो, ताकि बीच में काम न रुके। गौरतलब है कि अधूरे निर्माण कार्य प्रदेश में लंबे समय से जनशिकायतों का विषय रहे हैं।

वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के संदर्भ में PWD अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कराया जाए। कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, जिससे समय पर धनराशि स्वीकृत हो और टेंडर प्रक्रिया भी निर्धारित समय में पूरी की जा सके।

कार्यों में गति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित कमिश्नर और जिलाधिकारी अपने-अपने स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें करें — यह निर्देश मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दिया।

निगरानी और तकनीकी मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री ने कार्यों की प्रभावी निगरानी पर जोर देते हुए अधिकारियों को मौके का मुआयना करने और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के माध्यम से तकनीकी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।

श्रमिक सुरक्षा और सेतु निर्माण

योगी ने सेतु निगम के कार्यों में सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सुरक्षा किट का पूरा इंतजाम रहे।

मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन 'मोहन सेतु' की प्रगति की भी जानकारी ली और अधिकारियों को कार्यस्थल का निरीक्षण कर सेतु निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

ठेकेदारों पर कड़ी नजर

मुख्यमंत्री ने 'बिलो टेंडर' लेने वाले ठेकेदारों पर पैनी नजर रखने और ऐसे लोगों को चिह्नित करने का विशेष निर्देश दिया। यह कदम निर्माण गुणवत्ता में सुधार और वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की स्थिति ही बताएगी कि दोनों मंडलों में विकास कार्यों की रफ्तार वास्तव में बदली या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन निर्देशों का जमीनी क्रियान्वयन कितना होता है। 'बिलो टेंडर' ठेकेदारों पर नजर रखने का आदेश स्वागतयोग्य है, क्योंकि यह प्रथा गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करती है — लेकिन चिह्नित करने के बाद कार्रवाई का स्पष्ट तंत्र अभी भी अनुत्तरित है। मानसून की समय-सीमा दबाव बनाती है, पर अतीत में ऐसी डेडलाइनें अक्सर कागजों तक सिमटी रही हैं। ऑनलाइन मॉनिटरिंग का निर्देश सही दिशा में है, बशर्ते डेटा पारदर्शी रूप से सार्वजनिक हो।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने PWD समीक्षा बैठक में क्या मुख्य निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 जून को गोरखपुर में PWD अधिकारियों को मानसून से पहले सड़क निर्माण कार्य पूरे करने, जून के अंत तक सभी स्वीकृतियां लेने और तत्काल शिलान्यास कराने के निर्देश दिए। साथ ही 'बिलो टेंडर' ठेकेदारों पर कड़ी नजर रखने और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा।
गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल में PWD की कार्ययोजना क्या है?
वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत दोनों मंडलों के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। कार्ययोजना तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि समय पर धनराशि स्वीकृत हो और टेंडर प्रक्रिया भी समय से पूरी हो सके।
देवरिया का 'मोहन सेतु' क्या है और इसकी स्थिति क्या है?
देवरिया में 'मोहन सेतु' एक निर्माणाधीन पुल परियोजना है, जिसकी प्रगति की समीक्षा CM योगी ने इस बैठक में की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थल का निरीक्षण करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
'बिलो टेंडर' ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई होगी?
CM योगी ने निर्देश दिया कि 'बिलो टेंडर' लेने वाले ठेकेदारों पर पैनी नजर रखी जाए और ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाए। यह कदम निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने और वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
निर्माण कार्यों में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए क्या निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्री ने सेतु निगम के कार्यों में सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और उनके लिए सुरक्षा किट का पूरा इंतजाम रहे।
राष्ट्र प्रेस
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