5 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या 30 जून तक सभी 75 जिलों से प्रस्ताव भेजे जाएंगे, कार्य गुणवत्तापूर्ण होगा: सीएम योगी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 30 जून तक सभी 75 जिलों से प्रस्ताव भेजे जाएंगे, कार्य गुणवत्तापूर्ण होगा: सीएम योगी?

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए 30 जून तक सभी 75 जिलों से प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर कार्य करने पर जोर दिया और धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ने की योजना बनाई।

मुख्य बातें

30 जून तक सभी जिलों से प्रस्ताव भेजने का निर्देश।
स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार गुणवत्तापूर्ण विकास की योजना।
धार्मिक पर्यटन में आर्थिक विकास का योगदान।
सड़कों की स्थिति में सुधार हेतु गड्ढे नहीं दिखने चाहिए।
साप्ताहिक और मासिक बैठकें जनप्रतिनिधियों के साथ।

लखनऊ, 19 जून (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस वर्चुअल बैठक में विभागीय अधिकारी, सभी 75 जिलों के जिलाधिकारी, विभिन्न 403 विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग की 18 प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत सभी जिलों से 30 जून तक प्रस्ताव अनिवार्य रूप से प्राप्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रस्ताव तैयार करें और समयसीमा के भीतर उन्हें भेजें।

मुख्यमंत्री ने कहा, “विकास का लाभ राजनीतिक सीमा से नहीं, स्थानीय ज़रूरतों के आधार पर तय किया जाना चाहिए।” उन्होंने सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 2-3 योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने धार्मिक पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष प्रदेश के शीर्ष 50 धार्मिक स्थलों का चयन उनकी ऐतिहासिकता, महत्ता और श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर किया जाए और इन स्थलों को जोड़ने वाले सड़क मार्गों का सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता पर किया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वांचल, आगरा, यमुना, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे ने पूर्व-पश्चिम दिशा में राज्य को जोड़ा है, अब उत्तर और दक्षिण जिलों को भी एकीकृत करने का समय आ गया है, जिससे आंतरिक समरसता और गति को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी सड़कों पर गड्ढे नहीं दिखने चाहिए। ओवरस्पीडिंग और क्षतिग्रस्त सड़कें दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण हैं, इसलिए डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं। उन्होंने बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों के लिए पूर्व-तैयारी की रणनीति अपनाने के निर्देश दिए ताकि बरसात के बाद तुरंत कार्य शुरू किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नामित करने और साप्ताहिक समीक्षा की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। साथ ही मासिक और द्वैमासिक बैठकों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य करने की बात कही।

उन्होंने दागी और संदिग्ध ठेकेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ जांच व कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी ही टिकाऊ विकास की बुनियाद है।”

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बैठक न केवल विकास योजनाओं की समीक्षा करती है, बल्कि यह स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने का एक महत्वपूर्ण संकेत भी है। मुख्यमंत्री का यह कदम दर्शाता है कि विकास केवल राजनीतिक सीमाओं में नहीं, बल्कि स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर होना चाहिए।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री ने बैठक में क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री ने सभी 75 जिलों से 30 जून तक प्रस्ताव भेजने और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धार्मिक पर्यटन को किस प्रकार बढ़ावा दिया जाएगा?
मुख्यमंत्री ने शीर्ष 50 धार्मिक स्थलों का चयन करने और उनके लिए सड़क मार्गों का सुदृढ़ीकरण करने का निर्देश दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले