सायोनी घोष का बयान: '2021 में माफी माँग चुकी हूँ', भाजपा पर जान से मारने की धमकी का आरोप

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सायोनी घोष का बयान: '2021 में माफी माँग चुकी हूँ', भाजपा पर जान से मारने की धमकी का आरोप

सारांश

TMC सांसद सायोनी घोष ने 2015 की आपत्तिजनक पोस्ट पर कहा — अकाउंट हैक था, 2021 में माफी माँच चुकी हूँ। साथ ही उन्होंने भाजपा नेताओं पर ₹1 करोड़ की सुपारी देने का गंभीर आरोप लगाया और इसे राजनीतिक दमन का हिस्सा बताया।

मुख्य बातें

TMC सांसद सायोनी घोष ने कहा कि 2015 की आपत्तिजनक पोस्ट उन्होंने नहीं, बल्कि हैक हुए अकाउंट से की गई थी।
2021 में मामला सामने आने पर उन्होंने पोस्ट हटवाई और सार्वजनिक माफी माँगी।
घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता खुलेआम उनके सिर पर ₹1 करोड़ की सुपारी की बात कर रहे हैं।
उनका कहना है कि यह पुराना विवाद अब उन्हें राजनीतिक रूप से दबाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
घोष ने बंगाल की महिला-सशक्तीकरण परंपरा का हवाला देते हुए भाजपा की महिला नीति पर सवाल उठाए।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सायोनी घोष ने 20 मई 2026 को कोलकाता में स्पष्ट किया कि साल 2015 की एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर वह 2021 में ही सार्वजनिक रूप से माफी माँग चुकी हैं और उनका किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पुराने विवाद का इस्तेमाल अब उन्हें राजनीतिक रूप से दबाने के लिए किया जा रहा है।

सायोनी घोष का पक्ष

घोष ने दावा किया कि विवादित पोस्ट उन्होंने स्वयं नहीं किया था — उनके अनुसार उस समय उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो गया था। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा से यही कहती आई हूँ कि वह पोस्ट मैंने नहीं किया था। 2021 में जब यह मामला दोबारा सामने आया, तब मैंने सार्वजनिक रूप से माफी भी माँगी थी। कोई भी किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाना चाहता। मैं खुद एक हिंदू हूँ।'

घोष ने यह भी बताया कि 2015 में वह मात्र 22 वर्ष की थीं और उस समय 'एक्स' (तत्कालीन ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म उनके लिए नए थे। उनका कहना है कि न तो उन्होंने वह कार्टून बनाया और न ही उसे पोस्ट किया।

जाँच की माँग और पोस्ट हटाने की बात

घोष ने कहा, 'अगर किसी की जाँच होनी चाहिए तो उस व्यक्ति की होनी चाहिए जिसने वह कार्टून बनाया। जब 2021 में यह मामला मेरे संज्ञान में आया, तब मैंने तुरंत वह पोस्ट हटवा दिया और सार्वजनिक रूप से माफी भी माँगी।' उनके खिलाफ उस दौरान पुलिस में शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं।

भाजपा पर जान से मारने की धमकी का आरोप

घोष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से उन्हें खुलेआम जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'लोग खुलेआम कह रहे हैं कि जो सायोनी घोष का सिर काटेगा, उसे ₹1 करोड़ का इनाम दिया जाएगा। भाजपा नेता और कार्यकर्ता सार्वजनिक रूप से ऐसी बातें कर रहे हैं। दूसरी तरफ वही लोग महिला आरक्षण और महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं। क्या ये दोनों बातें साथ चल सकती हैं? बिल्कुल नहीं।'

घोष का आरोप है कि वह संसद के भीतर और बाहर सरकार के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, 'भाजपा को विरोध की आवाज पसंद नहीं है — उन्हें लोकतंत्र में विपक्ष का अस्तित्व पसंद नहीं है।'

बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का हवाला

घोष ने कहा कि भाजपा महिलाओं की आवाज उठाने को पसंद नहीं करती, जबकि बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा हमेशा से महिलाओं को मजबूत और मुखर रहने की रही है। यह विवाद ऐसे समय में फिर उभरा है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

आगे क्या

घोष ने संकेत दिया कि वह धमकियों के मामले में कानूनी कार्रवाई पर विचार कर सकती हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी सांसद ने सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं पर इस प्रकार के आरोप लगाए हों — यह मामला संसदीय सुरक्षा और महिला जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे किसी भी दल के समर्थक करें, लोकतांत्रिक विमर्श की गंभीर गिरावट को दर्शाते हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस मामले को केवल TMC बनाम BJP की लड़ाई के रूप में देखती है, जबकि असली सवाल यह है कि महिला सांसदों को किस स्तर की सुरक्षा मिल रही है और क्या संसदीय तंत्र ऐसी धमकियों पर कार्रवाई करने में सक्षम है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सायोनी घोष विवाद क्या है?
यह विवाद 2015 की एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है जो TMC सांसद सायोनी घोष के अकाउंट से की गई थी। घोष का दावा है कि उस समय उनका अकाउंट हैक था और पोस्ट उन्होंने नहीं की थी।
सायोनी घोष ने माफी कब और क्यों माँगी?
2021 में जब यह मामला दोबारा सुर्खियों में आया, तब सायोनी घोष ने सार्वजनिक रूप से माफी माँगी और विवादित पोस्ट हटवाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था।
सायोनी घोष ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता खुलेआम उनके सिर पर ₹1 करोड़ की सुपारी देने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह पुराना विवाद राजनीतिक दमन के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्या सायोनी घोष के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज हुई थी?
हाँ, विवादित पोस्ट सामने आने के बाद सायोनी घोष के खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद उन्होंने बयान जारी कर पोस्ट से पल्ला झाड़ा था।
इस विवाद का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह विवाद पश्चिम बंगाल में भाजपा और TMC के बीच गहरे राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में फिर उभरा है। घोष का कहना है कि वह संसद में सरकार के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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