तृणमूल सांसद सायोनी घोष का खुलासा: आईपैक के 'दबदबे' से बनी संवाद की खाई, पार्टी में आत्ममंथन जरूरी
सारांश
मुख्य बातें
चुनावी झटके के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आत्ममंथन का दौर जारी है। इसी क्रम में TMC सांसद सायोनी घोष ने पहली बार स्वीकार किया कि पार्टी में 'संवाद की कमी' रही और इसके पीछे चुनावी रणनीति फर्म आईपैक (I-PAC) का बढ़ता 'दबदबा' एक अहम कारण था। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC के प्रदर्शन को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर सवाल उठ रहे हैं।
आईपैक का बढ़ता प्रभाव और संवाद की खाई
सायोनी घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक बेहद लोकतांत्रिक पार्टी है, लेकिन यह सच है कि समय के साथ आईपैक का प्रभाव लगातार बढ़ता गया। उन्होंने माना कि 2021 के विधानसभा चुनाव में आईपैक ने बेहतरीन काम किया था और 2024 के आम चुनाव में भी अच्छे नतीजे दिए थे, लेकिन इस बार वह वैसा प्रदर्शन नहीं कर सका।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल आईपैक ही नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस को भी आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। उनके शब्दों में, 'अगर लोग ऐसी बातें कह रहे हैं और उसके पीछे कोई वजह है, तो उस पर ध्यान देना जरूरी है।'
आंतरिक संघर्ष से इनकार, संतुलन की कोशिश
सायोनी घोष ने पार्टी के भीतर किसी तरह के आंतरिक संघर्ष की बात से स्पष्ट इनकार किया। उन्होंने कहा कि एक युवा नेता के रूप में उन्होंने हमेशा अपने कार्यालय, युवा कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।
घोष ने यह भी बताया कि वे पूरी तरह गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से आती हैं, इसके बावजूद उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व का भरपूर समर्थन मिला। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राजनीति में हर किसी को खुश रखना संभव नहीं होता।
सार्वजनिक आलोचना पर नाराजगी
पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से नेतृत्व पर सवाल उठाने पर सायोनी घोष ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'अगर किसी को शिकायत थी, तो पहले भी कही जा सकती थी। अब जब पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, तब टीवी पर आकर ऐसी बातें कहना सही नहीं है।' यह टिप्पणी उन नेताओं पर सीधा निशाना मानी जा रही है जो हाल ही में मीडिया में मुखर हुए हैं।
जान से मारने की धमकी और भाजपा पर आरोप
एक भाजपा नेता द्वारा जान से मारने की धमकी मिलने के मामले पर भी सायोनी घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिलाओं के खिलाफ नफरत और अपराध को सामान्य बनाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था, 'अगर एक सांसद होने के बावजूद मुझे ऐसी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है, तो देश के आम नागरिकों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।'
उन्होंने कहा कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे संसद के भीतर और बाहर हमेशा विरोध की आवाज उठाती रही हैं। घोष ने कहा कि उनके सीमित राजनीतिक अनुभव में उन्हें लगता है कि भाजपा को विरोध की आवाज और महिलाओं का खुलकर बोलना पसंद नहीं है।
ममता और बंगाली महिलाओं की मजबूती का हवाला
सायोनी घोष ने पश्चिम बंगाल की महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा, 'बंगाली महिलाएं बेहद मजबूत होती हैं। हमारी नेता ममता बनर्जी भी बेहद मजबूत हैं।' उन्होंने बताया कि उन्होंने इस धमकी को लेकर कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। आने वाले दिनों में TMC के भीतर यह आत्ममंथन किस दिशा में जाता है, यह देखना अहम होगा।