PM मोदी को FAO का सर्वोच्च 'एग्रीकोला मेडल', खाद्य सुरक्षा और किसान कल्याण में योगदान पर सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 20 मई 2026 को रोम स्थित संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित 'एग्रीकोला मेडल' प्रदान किया गया। यह FAO का सर्वोच्च सम्मान है, जो खाद्य सुरक्षा, कृषि विकास और किसानों के कल्याण में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। यह सम्मान ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक खाद्य नीति में एक निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर है।
समारोह और सम्मान का विवरण
FAO के महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने ऐतिहासिक FAO प्लेनरी हॉल में प्रधानमंत्री मोदी को यह पदक प्रदान किया। संगठन के अनुसार, यह सम्मान कृषि उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा मजबूत करने और किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
क्यू डोंग्यू ने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान मोदी की उस दृष्टि को मान्यता देता है, जिसने किसान-केंद्रित और तकनीक-आधारित नीतियों के ज़रिए भारत की कृषि व्यवस्था में गहरा बदलाव लाया है।
भारत की कृषि उपलब्धियाँ जो बनीं सम्मान का आधार
FAO प्रमुख ने भारत की प्रमुख खाद्य और कृषि योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद से लगभग 80 करोड़ लोगों को खाद्य सहायता प्रदान की गई और 11 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे आर्थिक सहायता पहुँचाई गई। गौरतलब है कि ये आँकड़े भारत को दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक का संचालक बनाते हैं।
क्यू डोंग्यू ने प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने FAO के साथ मिलकर 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स' के माध्यम से पौष्टिक मोटे अनाज को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करने की भारतीय पहल को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और G20 की भूमिका
FAO प्रमुख ने G20 अध्यक्षता के दौरान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारत के जोर को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, इस पहल से विकासशील देशों में डिजिटल तकनीक तक पहुँच बढ़ाने और सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुँचाने में सहायता मिली है। क्यू डोंग्यू ने यह भी कहा कि इन निरंतर प्रयासों की बदौलत भारत में लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में बड़ी मदद मिली है।
भूख और गरीबी के खिलाफ वैश्विक सहयोग
FAO महानिदेशक ने भूख और गरीबी से लड़ने, सार्वभौमिक खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाने में FAO के प्रयासों के लिए भारत के सहयोग की सराहना की। यह ऐसे वैश्विक परिदृश्य में आया है जब जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक तनाव के कारण खाद्य सुरक्षा एक बार फिर वैश्विक एजेंडे में सबसे ऊपर है।
आगे की राह
यह सम्मान भारत की कृषि कूटनीति को नई ऊँचाई देता है और आने वाले समय में FAO के साथ भारत के सहयोग को और गहरा करने का मार्ग प्रशस्त करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मान्यता से वैश्विक दक्षिण के देशों में भारत की कृषि नीतियों को एक मॉडल के रूप में अपनाने की संभावना बढ़ेगी।