सीएम योगी ने डोमिनगढ़ फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का निरीक्षण, जुलाई 2026 तक पूरा करने का निर्देश

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सीएम योगी ने डोमिनगढ़ फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का निरीक्षण, जुलाई 2026 तक पूरा करने का निर्देश

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में डोमिनगढ़ फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का निरीक्षण किया। ₹379.54 करोड़ की फोरलेन परियोजना को जुलाई 2026 तक और ₹132 करोड़ के आरओबी को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इन परियोजनाओं से लाखों लोगों को बाढ़ राहत और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अप्रैल 2025 को गोरखपुर में डोमिनगढ़ फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का स्थलीय निरीक्षण किया।
  • ₹379.54 करोड़ की लागत से बन रही 10.2 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क को जुलाई 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया।
  • राजघाट से जंगल कौड़िया-कालेसर तक 4.07 किमी फोरलेन पर 75%25 से अधिक काम पूरा, लागत ₹195.21 करोड़
  • 755 मीटर लंबे रेल उपरिगामी पुल का निर्माण ₹132.60 करोड़ में हो रहा है, दिसंबर 2027 तक पूरा होगा।
  • इन परियोजनाओं से घुनघुनकोठा, जगतबेला, टीपीनगर क्षेत्र के निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी और बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी।
  • महेसरा में वाटर बॉडी के पास ईको पार्क जैसे विकास का सुझाव दिया गया, नगर निगम को फोरलेन के अंतिम छोर को सुंदर बनाने के निर्देश।

गोरखपुर, 23 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 23 अप्रैल 2025 को गोरखपुर में निर्माणाधीन डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क के निर्माण की प्रगति की भी जानकारी ली।

तीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण

₹1055 करोड़ की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री योगी सीधे निर्माण स्थलों पर पहुंचे। सबसे पहले वह लालडिग्गी के आगे बंधे पर रुके, जहां उन्होंने फोरलेन सड़क परियोजना का ड्राइंग मैप देखा और कार्य की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद इलाहीबाग के पास बंधे पर रुककर उन्होंने निर्माण कार्य का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस फोरलेन का काम निर्धारित लक्ष्य सितंबर 2026 की बजाय जुलाई 2026 तक ही पूरा किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं से कहा कि काम में तेजी लाकर इसे जल्द से जल्द जनता को समर्पित करने की तैयारी करें।

महेसरा में ईको पार्क जैसे विकास का सुझाव

सीएम योगी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि महेसरा तक बनने वाले फोरलेन के अंतिम छोर को सुंदर और आकर्षक बनाने में नगर निगम भी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि महेसरा में सड़क से सटी वाटर बॉडी के पास की भूमि पर कचरा पड़ा रहता है, वहां भी ईको पार्क जैसा विकास किया जा सकता है। यह सुझाव शहरी सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल की प्रगति

फोरलेन निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने डोमिनगढ़ चौकी के निकट जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर निर्माणाधीन रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) की प्रगति की समीक्षा की। इस 755 मीटर लंबे पुल का निर्माण ₹132 करोड़ 60 लाख 78 हजार की लागत से किया जा रहा है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। ड्राइंग मैप देखने के बाद उन्होंने यहां भी निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

डोमिनगढ़ चौकी पर स्वागत के लिए जुटे नागरिकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस पुल के बन जाने से टीपीनगर, कालेसर, जंगल कौड़िया मार्ग को जोड़ते हुए रोहिन नदी के बाएं तट पर हाबर्ट तटबंध से माधोपुर तटबंध होते हुए मोहरीपुर का गोरखपुर-सोनौली मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।

परियोजनाओं का विवरण और वित्तीय आंकड़े

डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से बसियाडीह मंदिर होते हुए महेसरा पुल के पास गोरखपुर-सोनौली मार्ग तक 10.2 किलोमीटर लंबाई में ₹379.54 करोड़ की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण जारी है। इसकी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो है।

वहीं, राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक 4.07 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन में बदलने पर ₹195.21 करोड़ खर्च होंगे। इस परियोजना में 75 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और इसे मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है।

आम जनता पर असर और कनेक्टिविटी लाभ

सीएम योगी ने कहा कि हाबर्ट बंधा और डोमिनगढ़ बंधा पर फोरलेन सड़क तथा डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल के निर्माण से घुनघुनकोठा, जगतबेला और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। फोरलेन के रूप में तटबंध मजबूत होने से बाढ़ से बचाव भी सुनिश्चित होगा। इसके अलावा राजघाट, टीपीनगर से नेपाल जाने वाले यात्रियों को अब शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी — वे सीधे महेसरा से सोनौली मार्ग पर जा सकेंगे। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

गोरखपुर में इन तीनों परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शहर की बाहरी रिंग कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यह क्षेत्र विकास की दृष्टि से एक नए युग में प्रवेश करेगा। जुलाई 2026 की समय-सीमा तक फोरलेन का काम पूरा होना इस क्षेत्र के लाखों निवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।

Point of View

बल्कि गोरखपुर को उत्तर प्रदेश के सबसे सुनियोजित शहरों में शामिल करने की रणनीतिक कोशिश का हिस्सा है। तीन बड़ी परियोजनाओं पर लगभग ₹707 करोड़ का निवेश और समय-सीमा में कटौती का निर्देश यह संकेत देता है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले गोरखपुर में दृश्यमान विकास दिखाना सरकार की प्राथमिकता है। हालांकि, यह भी देखना होगा कि बाढ़ बचाव का दावा करने वाले ये तटबंध-आधारित फोरलेन रोहिन और राप्ती की बाढ़ के सामने कितने टिकाऊ साबित होते हैं — क्योंकि गोरखपुर का बाढ़ का इतिहास बताता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रकृति का संतुलन बेहद नाजुक है।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

सीएम योगी ने डोमिनगढ़ में किन परियोजनाओं का निरीक्षण किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) का निरीक्षण किया। साथ ही राजघाट पुल से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क की प्रगति की भी समीक्षा की।
डोमिनगढ़ फोरलेन सड़क कब तक पूरी होगी?
डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क का निर्धारित लक्ष्य सितंबर 2026 था, लेकिन सीएम योगी ने इसे जुलाई 2026 तक ही पूरा करने का निर्देश दिया है। यह ₹379.54 करोड़ की लागत से 10.2 किलोमीटर लंबाई में बन रही है।
डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल की लागत और लंबाई कितनी है?
डोमिनगढ़ में बन रहे रेल उपरिगामी पुल की लंबाई 755 मीटर है और इसकी निर्माण लागत ₹132 करोड़ 60 लाख 78 हजार रुपए है। इसे दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है।
इन परियोजनाओं से गोरखपुर के किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
इन परियोजनाओं से घुनघुनकोठा, जगतबेला, टीपीनगर, कालेसर और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। नेपाल-सोनौली मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी और बाढ़ से भी बचाव होगा।
राजघाट से जंगल कौड़िया-कालेसर तक फोरलेन सड़क का काम कितना पूरा हुआ?
राजघाट पुल से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक 4.07 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क पर 75 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना की लागत ₹195.21 करोड़ है और इसे मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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