क्या शिवराज सिंह चौहान ने दो किमी तक साइकिल चलाकर भारत को स्वस्थ बनाने का संदेश दिया?

सारांश
Key Takeaways
- शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में साइकिल चलाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई।
- उन्होंने स्वदेशी के महत्व पर जोर दिया।
- युवाओं के साथ संवाद करके उन्होंने उन्हें प्रेरित किया।
- स्वदेशी अपनाने से भारत आत्मनिर्भर बनेगा।
- स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कदम आवश्यक हैं।
भोपाल/नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लगभग दो किलोमीटर तक साइकिल चलाई और भारत को स्वस्थ बनाने का संदेश दिया।
विदिशा दौरे के समय केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह उत्साह और ऊर्जा से भरे हुए नजर आए। उन्होंने पूरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और जनता के साथ सीधा संवाद किया। जब शिवराज सिंह खेल महोत्सव के तहत आयोजित खेल दिवस कार्यक्रम के मंच पर पहुंचे, तो युवाओं का उत्साह बहुत ही देखने लायक था।
युवाओं से बातचीत के बाद शिवराज सिंह खुद भी मैदान में उतर आए। उन्होंने युवाओं और स्कूली बच्चों के साथ एसआईटी कॉलेज से लेकर आरटीओ दफ्तर तक लगभग दो किलोमीटर साइकिल चलाई। इस दौरान उन्होंने सबको यह संदेश दिया, “मन में रखो एक ही सपना, स्वस्थ बनाना है भारत अपना।”
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा था कि स्वदेशी ही भारत की असली ताकत है। अगर हमें आगे बढ़ना है, तो हमें स्वदेशी को अपनाना होगा। स्वदेशी केवल वस्त्र या वस्तु नहीं है, यह आत्मनिर्भरता का मंत्र है। यह हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है, हमारे कारीगरों के हुनर की पहचान है और हमारे उद्योग तथा युवाओं की ताकत है।
उन्होंने आगे कहा कि स्वदेशी का मतलब है अपनी माटी की खुशबू। स्वदेशी वह सामान है, जिसे बनाने में हमारे देशवासियों का पसीना बहा है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो हम केवल एक वस्तु नहीं चुनते, बल्कि भारत के भविष्य को चुनते हैं। स्वदेशी से ही गांव मजबूत होंगे, किसान संपन्न होंगे, उद्योग बढ़ेंगे और भारत आत्मनिर्भर बनेगा।