लोकसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित, जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष का हंगामा
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के कारण दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने प्रश्नकाल में ही नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन में कोई कामकाज नहीं हो सका।
सत्र की शुरुआत और हंगामे की पृष्ठभूमि
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सत्र की शुरुआत ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सराहना करते हुए की। इसके तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी और सदन में अफरातफरी का माहौल बन गया। बिड़ला ने सदस्यों से प्रश्नकाल में बाधा न डालने की अपील की, लेकिन हंगामा थमा नहीं।
पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा की कोशिश
अध्यक्ष ने घोषणा की कि सदन दोपहर 2 बजे 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (अनफेयर प्रैक्टिसेज) अमेंडमेंट बिल, 2026' पर चर्चा करेगा। गौरतलब है कि सोमवार को कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सदन में पेश किया था, लेकिन उस दिन भी हंगामे के कारण कोई चर्चा नहीं हो सकी।
सरकार की अपील और विपक्ष का रुख
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से आग्रह किया कि पेपर लीक रोकने का यह कड़ा कानून विपक्ष की माँग पर ही लाया गया है, इसलिए इस पर चर्चा करना 'उनकी जिम्मेदारी' है। उन्होंने कांग्रेस सांसदों से विशेष रूप से अपील की कि वे युवाओं के भविष्य के लिए रचनात्मक बहस में हिस्सा लें। सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने भी सदस्यों से प्लेकार्ड हटाने और सार्थक चर्चा में भाग लेने की अपील की, यह कहते हुए कि इस विधेयक का छात्रों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा।
सदन स्थगित
सरकार और पीठासीन अधिकारी की बार-बार की अपीलों के बावजूद विपक्ष अपनी माँगों पर अड़ा रहा और नारेबाजी जारी रखी। शोर-शराबे में कोई कमी न आते देख टेनेटी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। यह ऐसे समय में आया है जब संसद सत्र में पहले से ही कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा लंबित है।
आगे क्या
दोपहर 2 बजे सदन के पुनः आरंभ होने पर पेपर लीक विरोधी संशोधन विधेयक पर चर्चा होनी है। सरकार और विपक्ष दोनों पक्षों के सदस्य इस विधेयक पर विस्तृत बहस के लिए तैयारी करके आए बताए जा रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या दोपहर बाद सदन में कामकाज सुचारु रूप से हो पाता है।