लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज

सारांश

नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। जानिए इस प्रस्ताव का क्या हुआ और विपक्ष ने क्या आरोप लगाए।

Key Takeaways

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज किया गया।
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के बाद यह निर्णय लिया गया।
  • इस पर चर्चा के लिए १० घंटे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन चर्चा १३ घंटे तक चली।
  • विपक्ष ने ओम बिरला पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया।
  • यह प्रस्ताव ४२ सांसदों के समर्थन के साथ लाया गया था।

नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को बुधवार को खारिज कर दिया गया। सदन में ध्वनिमत से स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के बाद 'स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव' को ध्वनिमत से खारिज किया गया। संख्या बल को देखते हुए यह पहले से ही स्पष्ट था कि यह प्रस्ताव अस्वीकृत हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष के सामने करीब चार दशकों के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इस पर चर्चा के लिए १० घंटे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन चर्चा की अवधि बढ़कर लगभग १३ घंटे तक चली, जिसमें ४२ से अधिक सांसदों ने भाग लिया।

पिछले महीने फरवरी में विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। वहीं, ओम बिरला ने इस प्रस्ताव पर चर्चा और निर्णय होने तक सदन की कार्यवाही में भाग न लेने का निर्णय लिया था।

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि ओम बिरला सदन की कार्यवाही का संचालन निष्पक्षता से नहीं कर रहे हैं और सत्ता पक्ष के प्रति झुकाव दिखा रहे हैं।

विपक्षी दलों ने संविधान के अनुच्छेद ९४(सी) के तहत ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा था।

इस प्रस्ताव पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) जैसे कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया, जो अब ध्वनिमत से खारिज हो चुका है।

अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि ओम बिरला बार-बार उन्हें सदन में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का अवसर नहीं देते, जिससे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

Point of View

NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

अविश्वास प्रस्ताव क्या है?
अविश्वास प्रस्ताव एक औपचारिक प्रस्ताव है, जो यह दर्शाता है कि सदन के सदस्य किसी व्यक्ति या सरकार की कार्यप्रणाली पर विश्वास नहीं रखते हैं।
इस प्रस्ताव का क्या परिणाम हुआ?
इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया, जिससे ओम बिरला की अध्यक्षता बरकरार रही।
विपक्ष ने ओम बिरला के खिलाफ क्या आरोप लगाए?
विपक्ष ने आरोप लगाया कि ओम बिरला सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरतते और सत्ता पक्ष के पक्ष में झुकाव दिखाते हैं।
कितने सांसदों ने प्रस्ताव पर चर्चा की?
लगभग ४२ सांसदों ने इस प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लिया।
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का इतिहास क्या है?
यह लगभग चार दशकों में पहले बार हुआ है, जब लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया।
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