किरेन रिजिजू का विपक्ष को आह्वान: छात्र आंदोलन पर चर्चा को तैयार सरकार, अमित शाह का बयान सुनें
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 10 अगस्त को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में छात्र आंदोलनों और उनसे जुड़ी गतिविधियों पर सदन में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि चर्चा के दौरान सदन की कार्यवाही में कोई व्यवधान न डाला जाए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान शांतिपूर्वक सुना जाए। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच यह बयान संसदीय कार्यवाही को पटरी पर लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार का स्पष्ट प्रस्ताव
रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मैं यहाँ सरकार का स्पष्ट रुख रखने आया हूँ कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों और छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी गतिविधियों पर चर्चा के लिए तैयार है।' उन्होंने जोर दिया कि एक बार चर्चा शुरू होने के बाद सभी पहलुओं पर विस्तार से बात होनी चाहिए। रिजिजू ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से यह भरोसा दिलाने को कहा कि गृह मंत्री तथा सरकार की बात पूरी तरह सुनी जाएगी।
राम मंदिर और एसआईटी पर रिजिजू का रुख
रिजिजू ने राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर कहा कि एसआईटी के गठन के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा चुके हैं। उन्होंने इस विषय पर फिलहाल और कुछ कहने से परहेज किया। गौरतलब है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में हंगामा करता रहा है।
अन्य केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मौजूदा संसद सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पेश होने की संभावना है। उन्होंने परिसीमन की आवश्यकता स्वीकार करते हुए कहा कि इस पर आम सहमति बनाई जानी चाहिए और इसे राजनीति से दूर रखा जाए। अठावले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सवालों पर कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी गोलीबारी और लाठीचार्ज जैसी घटनाएँ हुई थीं, इसलिए यदि राहुल गांधी सवाल उठाना चाहते हैं तो उन्हें सदन में चर्चा के माध्यम से ऐसा करना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की संसद में भूमिका पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'राहुल गांधी लोकसभा अध्यक्ष नहीं हैं।' उन्होंने विपक्ष पर कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है। गिरिराज ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को अपने विचारों के लिए राहुल गांधी के प्रमाणपत्र की कोई आवश्यकता नहीं है और वे हाल ही में आईआईटी दिल्ली में युवाओं से सीधे संवाद कर चुके हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन और एफसीआरए विधेयक
केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने झारखंड में जारी छात्र विरोध-प्रदर्शन पर कहा कि सरकार ने छात्रों की कई माँगें मान ली हैं, लेकिन छात्र सीबीआई जाँच की माँग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने विरोध प्रदर्शन को छात्रों का मौलिक अधिकार बताया। भाजपा सांसद विष्णुदयाल राम ने झारखंड में जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस की भागीदारी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर कांग्रेस का रवैया दोहरा है।
एफसीआरए विधेयक को लेकर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर सदन में नारेबाजी को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद सुजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राइली मूर के एफसीआरए विधेयक से जुड़े कथित भ्रामक बयान के संदर्भ में पत्र लिखकर विधेयक की विभिन्न धाराओं की जानकारी देने का प्रयास किया है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री सभी दलों को विश्वास में लेकर महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश कराने का प्रयास कर रहे हैं। अब देखना होगा कि विपक्ष सरकार के इस प्रस्ताव पर सहमति जताता है या गतिरोध बना रहता है।