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सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: संभाग और जिला स्तर पर होंगे कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम

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सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: संभाग और जिला स्तर पर होंगे कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में युवाओं से सीधे संवाद करते हुए कृषि नवाचार को ज़मीनी स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया। अब यह कार्यक्रम संभाग और जिला स्तर पर भी होगा — पॉलीहाउस से मशरूम फार्मिंग तक, युवाओं को कम लागत में कृषि उद्यमिता की राह दिखाई जा रही है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 अगस्त को भोपाल के रवींद्र भवन में कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।
अब संभाग और जिला स्तर पर भी कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का लक्ष्य हर गाँव तक स्वच्छ पेयजल और हर खेत तक सिंचाई पहुँचाना है।
पॉलीहाउस , मशरूम फार्मिंग , पर्ल फार्मिंग और मधुमक्खी पालन को कम लागत वाले युवा उद्यमों के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 अगस्त को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में घोषणा की कि अब संभाग और जिला स्तर पर भी कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह पहल कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने और युवाओं को आधुनिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रवींद्र भवन में युवाओं के साथ सीधे संवाद करते हुए कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम अब केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक संभाग और जिले में भी आयोजित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीक और कृषि आधारित उद्यमिता को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाना है।

सरकार की प्राथमिकताएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान कृषि प्रधान राज्य के रूप में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में सिंचाई सुविधाओं का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हर गाँव तक स्वच्छ पेयजल और हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुँचे। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की माँग तेज़ हो रही है।

युवाओं के लिए कृषि उद्यमिता के अवसर

मोहन यादव ने युवाओं को नई तकनीक, नई फसलों, आधुनिक कृषि यंत्रों, उद्यानिकी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस में गुलाब सहित विभिन्न फूलों की खेती, मशरूम फार्मिंग, पर्ल फार्मिंग और मधुमक्खी पालन जैसे कार्य युवा कम लागत में शुरू कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मशरूम और पर्ल फार्मिंग घर के एक कमरे से भी शुरू की जा सकती है।

गौरतलब है कि किसान पॉलीहाउस, वेयरहाउस, फूड प्रोसेसिंग और अन्य कृषि आधारित उद्यम स्थापित कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। कम भूमि में अधिक लाभ के लिए उद्यानिकी फसलों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।

शिक्षा और नवाचार पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कृषि शिक्षा प्राप्त कर नई संभावनाओं के द्वार खोलें और कृषि की जड़ों से जुड़े रहते हुए नवाचार करें। यह पहल कृषि को महज परंपरागत पेशे से हटाकर एक आधुनिक और लाभकारी उद्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

आगे की राह

संभाग और जिला स्तर पर कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रमों के आयोजन से प्रदेश के दूरदराज़ के किसानों और युवाओं तक सीधे पहुँचना संभव होगा। मुख्यमंत्री की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं को रोज़गार के नए अवसर देने की दिशा में एक व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये कार्यक्रम महज़ आयोजन तक सीमित न रहें। मध्य प्रदेश में किसानों की औसत आय और कृषि उत्पादकता के आँकड़े बताते हैं कि नवाचार की बातें पहले भी होती रही हैं, पर ज़मीनी बदलाव की गति धीमी रही है। मशरूम और पर्ल फार्मिंग जैसे विकल्प व्यावहारिक हैं, लेकिन इनके लिए बाज़ार संपर्क, प्रशिक्षण और ऋण सुविधा की ज़रूरत है — जिनका उल्लेख इस घोषणा में स्पष्ट नहीं है। बिना ठोस क्रियान्वयन ढाँचे के, यह पहल युवाओं को प्रेरित तो करेगी, पर उन्हें टिकाऊ आजीविका देने में कितनी सफल होगी, यह देखना होगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार की एक पहल है जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव युवाओं से सीधे संवाद कर उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक और कृषि आधारित उद्यमिता के बारे में जागरूक करते हैं। इसका उद्देश्य कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करना और किसानों की आय बढ़ाना है।
संभाग और जिला स्तर पर ये कार्यक्रम कब से शुरू होंगे?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 अगस्त को भोपाल में इसकी घोषणा की है, हालाँकि संभाग और जिला स्तर के कार्यक्रमों की विशिष्ट तारीखों की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
युवा कम लागत में कौन-से कृषि उद्यम शुरू कर सकते हैं?
मुख्यमंत्री के अनुसार मशरूम फार्मिंग और पर्ल फार्मिंग घर के एक कमरे से भी शुरू की जा सकती है। इसके अलावा पॉलीहाउस में फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्यम भी कम लागत में शुरू किए जा सकते हैं।
इस पहल से मध्य प्रदेश के किसानों को क्या फायदा होगा?
इस पहल से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उद्यानिकी, जैविक खेती और कृषि आधारित उद्यमों की जानकारी मिलेगी, जिससे वे अपनी आय बढ़ा सकते हैं। संभाग और जिला स्तर पर कार्यक्रमों के विस्तार से दूरदराज़ के किसानों और युवाओं तक भी यह लाभ पहुँचेगा।
मध्य प्रदेश में कृषि शिक्षा के क्या नए अवसर हैं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। युवा इन संस्थानों से कृषि शिक्षा प्राप्त कर नवाचार के ज़रिए खेती को एक आधुनिक और लाभकारी पेशे के रूप में अपना सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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