क्या एआई आधारित नवाचार विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में सहायक हैं?: सीएम मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- एआई आधारित नवाचार भारत के 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक हैं।
- राज्य सरकार एआई नीति जल्द लाएगी।
- एआई शासन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएगा।
- मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ने का आश्वासन दिया।
- एआई का उपयोग विभिन्न सेक्टर्स में किया जाएगा।
भोपाल, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की राजधानी में आयोजित ‘मध्य प्रदेश रीजनल एआई इंपैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि एआई आधारित नवाचार, भारत को 2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इसके साथ ही, राज्य सरकार जल्द ही एक एआई नीति पेश करने जा रही है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक प्रणाली और प्रबंधन, तकनीकी एवं अकादमिक क्षेत्रों में नवाचार विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न क्षेत्रों में भारत के विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। मध्य प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य की साधना केंद्र भी है।
मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में एआई का उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में एआई शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति बन चुका है। राज्य जल्द ही एआई नीति लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड में व्यापक कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की अपार संभावनाएं हैं। मध्य प्रदेश एक संभावनाओं वाला राज्य है, जिसमें आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है। विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमारी सरकार हर कदम पर प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया और मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 का शुभारंभ किया। सीएम की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि एआई के उपयोग से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और नागरिक-केंद्रित होगी। यह कांफ्रेंस आगामी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 से पूर्व देश में एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। पीएम मोदी द्वारा निर्धारित सतत आर्थिक विकास लक्ष्य की प्राप्ति में गवर्नेंस में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।