ओमान तट के पास ऑयल टैंकर में जोरदार धमाका, यूकेएमटीओ ने जारी किया अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) ने 1 अगस्त को पुष्टि की कि ओमान के तटीय क्षेत्र से लगभग 21 नॉटिकल मील (करीब 39 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में एक ऑयल टैंकर के पास जोरदार धमाका हुआ। चालक दल ने जहाज के अत्यंत निकट विस्फोट और पानी का विशाल गुबार उठने की सूचना दी, जिसके बाद इलाके में तत्काल अलर्ट जारी कर जाँच शुरू कर दी गई।
घटनाक्रम: क्या हुआ ओमान के खासाब के पास
यूकेएमटीओ के अनुसार, यह धमाका ओमान के खासाब शहर के निकट हुआ। चालक दल ने बताया कि विस्फोट जहाज के बेहद करीब था और पानी में बड़ा उछाल देखा गया। प्रारंभिक रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि धमाके से जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुँचा, जिससे पोत 'नियंत्रण से बाहर' हो गया — अर्थात उसे चलाना और दिशा बदलना अत्यंत कठिन हो गया।
यूकेएमटीओ ने स्पष्ट किया कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान पहुँचने की कोई सूचना नहीं है। घटना की जानकारी तत्काल कोस्ट गार्ड फोर्स को दी गई।
समुद्री सुरक्षा चेतावनी
यूकेएमटीओ ने क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह जारी की है। अधिकारी मामले की विस्तृत जाँच कर रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पहले से ही संवेदनशील बनी हुई है।
हूती विद्रोहियों की गतिविधियाँ
इस घटना के समानांतर, हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के आठ तेल टैंकरों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया। हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा, 'सशस्त्र बल इस बात की पुष्टि करते हैं कि वे सऊदी दुश्मन के खिलाफ घेराबंदी का अभियान जारी रखे हुए हैं और सशस्त्र बल उनके जहाजों तक वहाँ भी पहुँचेंगे, जहाँ तक वे पहुँच सकते हैं।' हालाँकि सरी ने यह नहीं बताया कि यह कार्रवाई कब की गई।
गौरतलब है कि हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी। उन्होंने हाल ही में उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि वे बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर शुल्क लगाएंगे।
व्यापक संदर्भ: खाड़ी में बढ़ता तनाव
यह घटना खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरों की एक और कड़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच हिंद महासागर और अरब सागर में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है। क्षेत्र में तैनात नौसैनिक बल और अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियाँ स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं।