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मुद्रा योजना से कविता हेरेकर ने खोला होटल, सिंधुदुर्ग की गृहिणी बनीं उद्यमी

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मुद्रा योजना से कविता हेरेकर ने खोला होटल, सिंधुदुर्ग की गृहिणी बनीं उद्यमी

सारांश

एक गृहिणी से उद्यमी तक — सिंधुदुर्ग की कविता हेरेकर ने मुद्रा योजना से मिले ₹3.60 लाख के ऋण के दम पर कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने होटल खोला। उनकी कहानी बताती है कि घरेलू कौशल और सही आर्थिक सहयोग मिले तो महिलाएं भी अपना व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं।

मुख्य बातें

कविता हेरेकर , महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कनकवली की निवासी, ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर होटल व्यवसाय शुरू किया।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया , कनकवली शाखा से उन्हें ₹3 लाख 60 हजार का मुद्रा ऋण स्वीकृत हुआ।
कविता ने कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने अपना होटल स्टार्टअप स्थापित किया।
खाना पकाने के घरेलू कौशल को उन्होंने व्यावसायिक अवसर में बदला।
उनकी कहानी महिला आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कनकवली की रहने वाली कविता हेरेकर ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹3.60 लाख का ऋण लेकर रेलवे स्टेशन के सामने अपना होटल व्यवसाय शुरू किया और एक सामान्य गृहिणी से उद्यमी बनने की प्रेरणादायक मिसाल पेश की। 12 अगस्त को सामने आई इस कहानी ने यह साबित किया कि सही आर्थिक सहयोग और घरेलू कौशल के दम पर महिलाएं अपना स्वतंत्र व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं।

उद्यमिता की प्रेरणा कहाँ से मिली

कविता के पति पहले से ही अपना कारोबार चला रहे थे। पति को व्यवसाय करते देख कविता के मन में भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जागी। वह चाहती थीं कि अपने हुनर का उपयोग कर परिवार की आर्थिक स्थिति को और मज़बूत करें।

कविता को खाना पकाने का गहरा शौक और अनुभव था। उन्होंने इसी कुकिंग स्किल को अपने व्यवसाय की नींव बनाने का फैसला किया और होटल बिजनेस की ओर कदम बढ़ाया।

पूंजी की चुनौती और मुद्रा योजना की राह

कारोबार शुरू करने की सबसे बड़ी बाधा थी — शुरुआती पूंजी का इंतज़ाम। सीमित संसाधनों के कारण यह सवाल उनके सामने खड़ा था कि आगे कैसे बढ़ा जाए। इसी दौरान कनकवली स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की जानकारी मिली।

कविता ने बैंक में जाकर योजना के बारे में विस्तार से पूछताछ की और ऋण के लिए आवेदन दिया। उन्हें योजना के तहत ₹3 लाख 60 हजार का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसने उनके सपने को हकीकत में बदलने की राह खोल दी।

स्टार्टअप की शुरुआत

इस आर्थिक सहायता के बल पर कविता हेरेकर ने कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने अपना छोटा होटल स्टार्टअप खड़ा किया। उन्होंने बताया, 'कारोबार शुरू करने के लिए पैसों की समस्या आ रही थी। मुद्रा योजना के बारे में जानकारी मिली, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ₹3.60 लाख का ऋण मिला और मैं अपना व्यवसाय शुरू करने में सफल रही।'

उनके लिए यह केवल एक कारोबार की शुरुआत नहीं थी, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया एक निर्णायक कदम था।

महिला उद्यमिता का संदेश

कविता हेरेकर की कहानी की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने अपने घरेलू कौशल को रोज़गार और व्यवसाय के अवसर में रूपांतरित किया। उनका कहना है कि अगर कोई महिला कुछ करना चाहती है, तो उसे सही समय पर सहयोग मिलना बेहद ज़रूरी है।

कविता ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके उद्यमिता के सपने को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो अपने हुनर को पहचानकर आर्थिक स्वावलंबन की ओर बढ़ना चाहती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक व्यापक सवाल भी उठाती है — मुद्रा योजना के तहत वितरित ऋणों में से कितने वास्तव में टिकाऊ व्यवसायों में तब्दील होते हैं? सरकारी आँकड़ों के अनुसार योजना के तहत करोड़ों ऋण दिए गए हैं, लेकिन एनपीए (NPA) अनुपात और व्यवसाय की दीर्घकालिक सफलता दर पर स्वतंत्र आकलन सीमित हैं। व्यक्तिगत सफलता की कहानियाँ नीतिगत प्रभाव का पर्याय नहीं होतीं। असली मापदंड यह होना चाहिए कि इन उद्यमियों को शुरुआती ऋण के बाद कौशल विकास, बाज़ार तक पहुँच और आगे की वित्तीय सहायता मिल रही है या नहीं।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है और इससे कैसे मदद मिलती है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना केंद्र सरकार की एक वित्तीय सहायता योजना है जो छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना गारंटी के ऋण प्रदान करती है। इसके तहत ₹10 लाख तक का ऋण तीन श्रेणियों — शिशु, किशोर और तरुण — में दिया जाता है।
कविता हेरेकर को मुद्रा योजना से कितना ऋण मिला?
कविता हेरेकर को कनकवली स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹3 लाख 60 हजार का ऋण मिला। इसी राशि से उन्होंने कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने अपना होटल स्टार्टअप शुरू किया।
कविता हेरेकर ने किस व्यवसाय में मुद्रा ऋण का उपयोग किया?
कविता ने अपने खाना पकाने के कौशल को आधार बनाकर होटल व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने एक छोटा होटल स्टार्टअप स्थापित किया।
मुद्रा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
मुद्रा योजना के लिए किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या माइक्रोफाइनेंस संस्था में जाकर आवेदन किया जा सकता है। कविता हेरेकर ने कनकवली की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से जानकारी लेकर आवेदन किया और उन्हें ऋण स्वीकृत हुआ।
क्या मुद्रा योजना महिला उद्यमियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है?
मुद्रा योजना का लाभ सभी सूक्ष्म उद्यमी उठा सकते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी साबित हुई है क्योंकि इसमें गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। कविता हेरेकर जैसी गृहिणियाँ, जिनके पास सीमित संसाधन थे, इस योजना के ज़रिए उद्यमी बन सकीं।
राष्ट्र प्रेस
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