मुद्रा योजना से कविता हेरेकर ने खड़ा किया होटल व्यवसाय, सिंधुदुर्ग की गृहिणी बनीं उद्यमी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कनकवली की रहने वाली कविता हेरेकर ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹3.60 लाख का ऋण लेकर रेलवे स्टेशन के सामने अपना होटल स्टार्टअप शुरू किया और एक साधारण गृहिणी से स्वावलंबी उद्यमी बनने का सफर तय किया। उनकी यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही वक्त पर आर्थिक सहयोग मिले तो महिलाएं अपने घरेलू हुनर को भी सफल व्यवसाय में बदल सकती हैं।
उद्यमिता की प्रेरणा कहाँ से मिली
कविता हेरेकर के पति पहले से एक स्वतंत्र कारोबार चला रहे थे। पति को व्यवसाय में सक्रिय देखकर कविता के मन में भी अपना कुछ काम खड़ा करने की इच्छा जागी। वह चाहती थीं कि अपने हुनर के बल पर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और परिवार की आर्थिक नींव को और मजबूत करने में योगदान दें।
कविता को बचपन से खाना पकाने का शौक था और उन्होंने इसी कौशल को अपने व्यवसाय का आधार बनाने का निर्णय लिया। होटल व्यवसाय शुरू करने का विचार तो था, लेकिन शुरुआती पूंजी का इंतजाम एक बड़ी चुनौती थी।
मुद्रा योजना से मिली राह
सीमित संसाधनों के बीच जब कविता पूंजी की तलाश में थीं, तभी उन्हें कनकवली स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की जानकारी मिली। उन्होंने बैंक से योजना का पूरा विवरण समझा और ऋण के लिए आवेदन किया।
बैंक ने उन्हें ₹3 लाख 60 हज़ार का ऋण स्वीकृत किया। इस राशि की मदद से कविता ने कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने अपना छोटा होटल स्टार्टअप स्थापित किया। कविता ने बताया, 'कारोबार शुरू करने के लिए पैसों की समस्या आ रही थी। मुद्रा योजना के बारे में जानकारी मिली, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से पूछताछ की और ₹3.60 लाख का ऋण मिला — इस मदद से व्यवसाय शुरू करना संभव हो सका।'
घरेलू कौशल से बना व्यावसायिक अवसर
कविता की कहानी की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि उन्होंने अपने रोज़मर्रा के घरेलू कौशल — खाना पकाने की कला — को एक स्थायी आजीविका में रूपांतरित किया। यह महज एक व्यवसाय की शुरुआत नहीं थी, बल्कि उनके लिए आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक निर्णायक कदम था।
कविता का कहना है कि यदि कोई महिला कुछ करना चाहती है, तो उसे सही समय पर सहयोग मिलना अनिवार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रति आभार व्यक्त किया।
आम महिलाओं के लिए संदेश
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना देशभर में छोटे उद्यमियों — विशेषकर महिलाओं — को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है। कविता हेरेकर जैसी महिलाओं की सफलता इस बात का उदाहरण है कि योजना का लाभ उठाकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी उद्यमिता की नई लहर उठ सकती है।
आने वाले समय में कविता अपने होटल व्यवसाय को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं — यह सफर एक गृहिणी से उद्यमी बनने तक का है, जो दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।