12 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुद्रा योजना से कविता हेरेकर ने खड़ा किया होटल व्यवसाय, सिंधुदुर्ग की गृहिणी बनीं उद्यमी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुद्रा योजना से कविता हेरेकर ने खड़ा किया होटल व्यवसाय, सिंधुदुर्ग की गृहिणी बनीं उद्यमी

सारांश

सिंधुदुर्ग की कविता हेरेकर ने मुद्रा योजना से ₹3.60 लाख का ऋण लेकर रेलवे स्टेशन के सामने होटल स्टार्टअप खड़ा किया। एक गृहिणी का यह सफर बताता है कि सही आर्थिक सहयोग मिले तो घरेलू हुनर भी स्थायी आजीविका बन सकता है।

मुख्य बातें

कविता हेरेकर महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कनकवली की रहने वाली गृहिणी हैं जो अब उद्यमी बन चुकी हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ₹3.60 लाख का ऋण मिला।
ऋण राशि से कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने होटल स्टार्टअप की स्थापना की।
खाना पकाने के घरेलू कौशल को व्यावसायिक अवसर में बदलकर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की।
कविता का कहना है कि महिलाओं को सही समय पर आर्थिक सहयोग मिलना उनकी उद्यमिता के लिए अनिवार्य है।

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कनकवली की रहने वाली कविता हेरेकर ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹3.60 लाख का ऋण लेकर रेलवे स्टेशन के सामने अपना होटल स्टार्टअप शुरू किया और एक साधारण गृहिणी से स्वावलंबी उद्यमी बनने का सफर तय किया। उनकी यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही वक्त पर आर्थिक सहयोग मिले तो महिलाएं अपने घरेलू हुनर को भी सफल व्यवसाय में बदल सकती हैं।

उद्यमिता की प्रेरणा कहाँ से मिली

कविता हेरेकर के पति पहले से एक स्वतंत्र कारोबार चला रहे थे। पति को व्यवसाय में सक्रिय देखकर कविता के मन में भी अपना कुछ काम खड़ा करने की इच्छा जागी। वह चाहती थीं कि अपने हुनर के बल पर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और परिवार की आर्थिक नींव को और मजबूत करने में योगदान दें।

कविता को बचपन से खाना पकाने का शौक था और उन्होंने इसी कौशल को अपने व्यवसाय का आधार बनाने का निर्णय लिया। होटल व्यवसाय शुरू करने का विचार तो था, लेकिन शुरुआती पूंजी का इंतजाम एक बड़ी चुनौती थी।

मुद्रा योजना से मिली राह

सीमित संसाधनों के बीच जब कविता पूंजी की तलाश में थीं, तभी उन्हें कनकवली स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की जानकारी मिली। उन्होंने बैंक से योजना का पूरा विवरण समझा और ऋण के लिए आवेदन किया।

बैंक ने उन्हें ₹3 लाख 60 हज़ार का ऋण स्वीकृत किया। इस राशि की मदद से कविता ने कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने अपना छोटा होटल स्टार्टअप स्थापित किया। कविता ने बताया, 'कारोबार शुरू करने के लिए पैसों की समस्या आ रही थी। मुद्रा योजना के बारे में जानकारी मिली, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से पूछताछ की और ₹3.60 लाख का ऋण मिला — इस मदद से व्यवसाय शुरू करना संभव हो सका।'

घरेलू कौशल से बना व्यावसायिक अवसर

कविता की कहानी की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि उन्होंने अपने रोज़मर्रा के घरेलू कौशल — खाना पकाने की कला — को एक स्थायी आजीविका में रूपांतरित किया। यह महज एक व्यवसाय की शुरुआत नहीं थी, बल्कि उनके लिए आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक निर्णायक कदम था।

कविता का कहना है कि यदि कोई महिला कुछ करना चाहती है, तो उसे सही समय पर सहयोग मिलना अनिवार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रति आभार व्यक्त किया।

आम महिलाओं के लिए संदेश

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना देशभर में छोटे उद्यमियों — विशेषकर महिलाओं — को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है। कविता हेरेकर जैसी महिलाओं की सफलता इस बात का उदाहरण है कि योजना का लाभ उठाकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी उद्यमिता की नई लहर उठ सकती है।

आने वाले समय में कविता अपने होटल व्यवसाय को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं — यह सफर एक गृहिणी से उद्यमी बनने तक का है, जो दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल की ओर भी इशारा करती है — मुद्रा योजना के तहत वितरित लाखों ऋणों में से कितने वास्तव में टिकाऊ व्यवसायों में परिणत हुए? सरकारी आँकड़े ऋण वितरण की संख्या तो बताते हैं, पर व्यवसाय की दीर्घकालिक सफलता दर पर पारदर्शी डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी महिला उद्यमियों के लिए ऋण के बाद मेंटरशिप, बाज़ार तक पहुँच और डिजिटल कौशल जैसी सहायता उतनी ही ज़रूरी है जितनी पूंजी — और यह अंतर अभी भी पाटा जाना बाकी है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है और इससे कैसे ऋण मिलता है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना केंद्र सरकार की एक योजना है जो छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है। इच्छुक आवेदक नज़दीकी सरकारी या निजी बैंक शाखा में जाकर आवेदन कर सकते हैं और व्यवसाय योजना के आधार पर ऋण स्वीकृत किया जाता है।
कविता हेरेकर को मुद्रा योजना से कितना ऋण मिला और उन्होंने इसका उपयोग कैसे किया?
कविता हेरेकर को कनकवली स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹3 लाख 60 हज़ार का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने कनकवली रेलवे स्टेशन के सामने अपना होटल स्टार्टअप स्थापित किया।
क्या मुद्रा योजना का लाभ महिलाएं भी उठा सकती हैं?
हाँ, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ महिला उद्यमियों सहित सभी पात्र नागरिक उठा सकते हैं। कविता हेरेकर जैसी गृहिणियाँ भी इस योजना के माध्यम से व्यवसाय शुरू कर सकती हैं, बशर्ते उनके पास एक स्पष्ट व्यवसाय योजना हो।
कविता हेरेकर की सफलता की कहानी अन्य महिलाओं के लिए क्या संदेश देती है?
कविता की कहानी यह संदेश देती है कि घरेलू कौशल — जैसे खाना पकाना — को भी एक सफल व्यवसाय का आधार बनाया जा सकता है। उनके अनुसार, महिलाओं को सही समय पर आर्थिक सहयोग मिले तो वे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकती हैं।
मुद्रा योजना के तहत अधिकतम कितना ऋण मिल सकता है?
मुद्रा योजना के तहत तीन श्रेणियों में ऋण मिलता है — शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख तक) और तरुण (₹5 लाख से ₹10 लाख तक)। कविता हेरेकर को किशोर श्रेणी के अंतर्गत ₹3.60 लाख का ऋण मिला।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले