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मुद्रा और PMEGP योजना से बदली भागलपुर के उद्यमी राजीव प्रदीप की किस्मत, मोदी के 12 वर्ष पर बोले

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मुद्रा और PMEGP योजना से बदली भागलपुर के उद्यमी राजीव प्रदीप की किस्मत, मोदी के 12 वर्ष पर बोले

सारांश

भागलपुर के उद्यमी राजीव प्रदीप ने मुद्रा योजना और PMEGP के ज़रिये कुल ₹35 लाख का ऋण लेकर कंक्रीट उत्पाद कारोबार खड़ा किया। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उनकी कहानी उन लाखों छोटे उद्यमियों की आवाज़ है जिन्हें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण ने बिचौलियों से मुक्ति दिलाई।

मुख्य बातें

राजीव प्रदीप ने 2021 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹5 लाख का ऋण लेकर कारोबार शुरू किया।
2024 में PMEGP योजना के अंतर्गत ₹30 लाख का ऋण मिला, जिसमें से ₹7 लाख की सब्सिडी 6 महीने में सीधे बैंक खाते में आई।
कारोबार में पेवर्स, चेकर्स टाइल्स और आरसीसी बेंच का निर्माण शामिल है।
कर्मचारियों को उज्ज्वला योजना का भी लाभ मिल रहा है।
राजीव के अनुसार प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।

बिहार के भागलपुर निवासी उद्यमी राजीव प्रदीप ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) को अपनी आर्थिक तरक्की का आधार बताया है। 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल के अवसर पर राजीव ने कहा कि केंद्र सरकार की इन योजनाओं ने उन्हें एक सफल उद्यमी बनने का रास्ता दिखाया।

मुद्रा लोन से हुई कारोबार की शुरुआत

राजीव प्रदीप ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹5 लाख का ऋण लिया और उससे अपने छोटे कारोबार की नींव रखी। जैसे-जैसे व्यापार आगे बढ़ा, उन्होंने वर्ष 2024 में PMEGP योजना के अंतर्गत ₹30 लाख का ऋण प्राप्त किया, जिससे उनके कारोबार को नई ऊँचाई मिली।

कंक्रीट प्रोडक्ट्स का कारोबार और सब्सिडी का लाभ

आर्थिक सहायता मिलने के बाद राजीव ने पेवर्स, चेकर्स टाइल्स और आरसीसी बेंच के निर्माण का कारोबार शुरू किया। उन्होंने बताया कि PMEGP के तहत मिले ₹30 लाख के ऋण में से लगभग ₹7 लाख की सब्सिडी छह महीने के भीतर सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो गई।

पारदर्शी व्यवस्था और बिचौलियों का खात्मा

राजीव प्रदीप ने कहा, 'पहले सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में काफी दिक्कतें होती थीं, लेकिन अब बिना किसी भेदभाव के राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रही है। अब बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है और सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का लाभ आम लोगों को मिल रहा है।' यह बदलाव उन्हें सबसे अहम लगता है।

रोजगार और उज्ज्वला योजना का असर

राजीव के अनुसार उनके साथ जुड़े कई अन्य लोग भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके यहाँ काम करने वाले कर्मचारियों को केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना का भी लाभ मिल रहा है। उनके अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबार दोनों क्षेत्रों में तेज़ी से काम हो रहा है।

मोदी के 12 वर्ष पर राजीव का नज़रिया

प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल की सराहना करते हुए राजीव प्रदीप ने कहा कि यह दौर देश के लिए यादगार रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार की योजनाओं से देश के अधिकांश लोग लाभान्वित और संतुष्ट होंगे। यह व्यक्तिगत अनुभव उस बड़े बदलाव की एक बानगी है जो छोटे उद्यमियों के जीवन में आ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक व्यक्ति का अनुभव है — नीति का व्यापक मूल्यांकन नहीं। मुद्रा योजना के तहत करोड़ों ऋण वितरित हुए हैं, पर आलोचकों का कहना है कि NPA दर और वास्तविक रोजगार सृजन के आँकड़े अपेक्षाओं से पीछे रहे हैं। PMEGP सब्सिडी का सीधे खाते में आना निस्संदेह पारदर्शिता की दिशा में सुधार है, किंतु यह जानना ज़रूरी है कि ऐसे लाभार्थियों का प्रतिशत कितना है जो ऋण चुकाकर टिकाऊ कारोबार बना पाए। व्यक्तिगत सफलता की कहानियाँ नीति की दिशा बताती हैं — उसकी पूरी तस्वीर नहीं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है और इसका लाभ कैसे मिलता है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना केंद्र सरकार की एक ऋण योजना है जो छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है। भागलपुर के राजीव प्रदीप ने 2021 में इसी योजना के तहत ₹5 लाख का ऋण लेकर अपना कारोबार शुरू किया था।
PMEGP योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
PMEGP यानी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण राशि पर सब्सिडी का प्रावधान है जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होती है। राजीव प्रदीप के अनुसार उन्हें ₹30 लाख के ऋण पर लगभग ₹7 लाख की सब्सिडी छह महीने के भीतर मिली।
भागलपुर के राजीव प्रदीप ने किस तरह का कारोबार शुरू किया?
राजीव प्रदीप ने PMEGP ऋण की सहायता से कंक्रीट प्रोडक्ट्स का कारोबार शुरू किया, जिसमें पेवर्स, चेकर्स टाइल्स और आरसीसी बेंच का निर्माण होता है। यह कारोबार इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की बढ़ती माँग से जुड़ा है।
मोदी सरकार की योजनाओं से बिचौलियों की भूमिका कैसे खत्म हुई?
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रणाली के ज़रिये सब्सिडी और अनुदान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं। राजीव प्रदीप के अनुसार इससे पहले जहाँ योजनाओं का लाभ लेने में भेदभाव और दिक्कतें होती थीं, वहीं अब राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे खाते में पहुँचती है।
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का क्या महत्व है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2014 से केंद्र में सत्तारूढ़ हैं और 26 मई 2026 को उनके 12 वर्ष पूरे हुए। इस अवसर पर देशभर से उद्यमियों और लाभार्थियों ने सरकारी योजनाओं के अपने अनुभव साझा किए, जिनमें भागलपुर के राजीव प्रदीप भी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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