26 जुलाई 2026
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क्या लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने 6 श्रमिकों को रौंद दिया, 4 की मौत?

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क्या लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने 6 श्रमिकों को रौंद दिया, 4 की मौत?

सारांश

एक तेज रफ्तार कार ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 6 श्रमिकों को रौंद दिया, जिससे 4 की जान चली गई। यह दुर्घटना स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा सदमा बन गई है। प्रशासनिक कार्रवाई और न्याय की मांग की जा रही है।

मुख्य बातें

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा आवश्यक है।
तेज रफ्तार और अनियंत्रित गाड़ियों के कारण ऐसे हादसे होते हैं।
स्थानीय प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
परिजनों को न्याय की मांग करने का अधिकार है।

उन्नाव, 27 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। इस दुर्घटना में 4 लोगों की जान चली गई, जबकि 2 की हालत गंभीर बनी हुई है।

यह हादसा बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के पास माइलस्टोन 258 किलोमीटर पर हुआ, जब एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे के किनारे मेंटेनेंस कार्य कर रहे यूपीडा के छह श्रमिकों को रौंदते हुए दूसरी लेन में गिर गई। इस भीषण हादसे में चार श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल दो श्रमिकों को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हरियाणा नंबर (एचआर 51 सीसी 2380) की कार लखनऊ से आगरा की ओर जा रही थी। तेज गति और अचानक टायर फटने के कारण कार डिवाइडर से टकराई और सीधे श्रमिकों की ओर बढ़ गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि चार श्रमिकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार में सवार लोग फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया। परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग की। इस कारण लखनऊ से आगरा की ओर जाने वाला मार्ग लगभग दो घंटे तक पूरी तरह जाम रहा।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीओ बांगरमऊ और सीओ हसनगंज सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके अलावा एसपी जेपी सिंह, एएसपी अखिलेश सिंह और एएसपी प्रेमचंद ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। भीड़ को शांत करने और जाम खुलवाने के लिए पुलिस अधिकारियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। परिजनों को प्रशासनिक सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया गया।

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए और पीड़ित परिजनों को हर संभव मदद प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस सड़क हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस सड़क हादसे में कुल 6 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 4 की मौत हो गई और 2 गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
क्या प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई की है?
हाँ, प्रशासन ने घटना के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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