क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की जमानत रद्द, चिनसुराह कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की कानूनी मुश्किलें मंगलवार, 11 अगस्त को और गहरी हो गईं, जब चिनसुराह की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म के कथित मामले में उनकी जमानत रद्द करते हुए तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलने वाले इस क्रिकेटर को मोगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
मामले का पूरा घटनाक्रम
23 जून को कर्नाटक में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक युवती ने मोगरा पुलिस स्टेशन में अभिषेक पोरेल के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का कथित आरोप है कि अभिषेक उनके साथ करीब साढ़े तीन साल से संबंध में थे और शादी का वादा किया था। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों विदेश यात्रा पर भी साथ गए, लेकिन कुछ समय बाद रिश्ते में खटास आने लगी।
करीब डेढ़ साल पहले दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस को दखल देना पड़ा, हालाँकि उस समय कोई औपचारिक शिकायत नहीं हुई थी। जब मामला फिर से उभरा, तब पीड़िता ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
मोगरा पुलिस ने जाँच शुरू कर चंदन नगर स्थित क्रिकेटर के घर पर कई बार दस्तक दी, लेकिन अभिषेक वहाँ उपलब्ध नहीं मिले। इसके बाद पीड़िता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। न्यायालय ने क्रिकेटर की गिरफ्तारी का आदेश दिया, जिसके बाद मोगरा पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मंगलवार को चिनसुराह CJM कोर्ट में पेश किया, जहाँ जमानत रद्द करते हुए तीन दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की गई।
अभिषेक पोरेल का क्रिकेट करियर
अभिषेक पोरेल ने 2023 में अपना IPL डेब्यू किया था। अब तक वे दिल्ली कैपिटल्स के लिए 4 सीजन में 35 मैच खेल चुके हैं और 25.63 की औसत से 769 रन बनाए हैं, जिसमें 4 अर्धशतक शामिल हैं।
बाएँ हाथ के इस बल्लेबाज के प्रथम श्रेणी करियर में 32 मैचों में 31.28 की औसत से 1,408 रन शामिल हैं, जिनमें 1 शतक और 12 अर्धशतक हैं। 23 लिस्ट-ए मुकाबलों में उन्होंने 2 शतक और 5 अर्धशतकों की मदद से 833 रन बनाए हैं।
आगे क्या होगा
तीन दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जाँच एजेंसी पूछताछ करेगी। मामले की अगली सुनवाई में अदालत हिरासत विस्तार या जमानत पर पुनर्विचार कर सकती है। इस घटनाक्रम ने क्रिकेट जगत में खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।