25 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी पर नई एफआईआर: सेबाश्रय शिविर में रिसॉर्ट पर जबरन कब्जे का आरोप, ₹25 लाख से अधिक नुकसान का दावा

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अभिषेक बनर्जी पर नई एफआईआर: सेबाश्रय शिविर में रिसॉर्ट पर जबरन कब्जे का आरोप, ₹25 लाख से अधिक नुकसान का दावा

सारांश

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर मुसीबत का एक और बादल — इस बार डायमंड हार्बर में 'सेबाश्रय' शिविर के दौरान एक निजी रिसॉर्ट पर कथित 40 दिनों के जबरन कब्जे और ₹25 लाख से अधिक नुकसान का आरोप। उनके फरार PA सुमित रॉय भी आरोपी हैं।

मुख्य बातें

25 जुलाई 2026 को बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन , दक्षिण 24 परगना में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज।
उनके फरार पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय सहित कई अन्य लोग भी आरोपी।
मामला सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर के लिए एक निजी रिसॉर्ट पर कथित 40 दिनों के गैरकानूनी कब्जे से जुड़ा।
रिसॉर्ट मालिक ने ₹25 लाख से अधिक के आर्थिक नुकसान का दावा किया; बिना मुआवजे के डॉक्टरों के रहने-खाने की व्यवस्था कराने का आरोप।
शिकायत में तोड़फोड़ की धमकी देकर अनुमति लेने का भी आरोप लगाया गया है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें 25 जुलाई 2026 को और गहरी हो गईं, जब पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ तथा उनके फरार पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला उनके डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित 'सेबाश्रय' स्वास्थ्य शिविर से जुड़े एक निजी रिसॉर्ट पर कथित अवैध कब्जे से संबंधित है।

मामले की पृष्ठभूमि

शिकायत एक निजी टूरिस्ट रिसॉर्ट के मालिक ने दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए उनकी संपत्ति पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर लिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह कब्जा लगभग 40 दिनों तक बनाए रखा गया, जिससे रिसॉर्ट पर्यटन स्थल के रूप में संचालित नहीं हो सका।

आर्थिक नुकसान और जबरदस्ती के आरोप

रिसॉर्ट मालिक का दावा है कि शिविर में तैनात डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के रहने एवं खान-पान की व्यवस्था रिसॉर्ट प्रबंधन को बिना किसी मुआवजे के करनी पड़ी। इन सभी व्यवस्थाओं का पूरा खर्च रिसॉर्ट को स्वयं वहन करना पड़ा। शिकायतकर्ता ने कुल आर्थिक नुकसान ₹25 लाख से अधिक आँका है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ताओं ने धमकी दी थी कि यदि शिविर के लिए अनुमति नहीं दी गई, तो संपत्ति में तोड़फोड़ की जाएगी। इस दबाव के चलते रिसॉर्ट प्रबंधन के पास उनकी माँग मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

पुलिस की कार्रवाई

शिकायत के आधार पर डायमंड हार्बर जिला पुलिस ने अभिषेक बनर्जी, सुमित रॉय और कई अन्य लोगों के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। उल्लेखनीय है कि सुमित रॉय इस समय फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब अभिषेक बनर्जी पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर कार्यक्रम तृणमूल कांग्रेस की एक प्रमुख जन-कल्याण पहल रही है, जिसे अब आलोचकों के अनुसार विवादों ने घेर लिया है। विपक्षी दलों ने इस एफआईआर को लेकर TMC सरकार पर निशाना साधा है, जबकि पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आगे क्या होगा

मामले की जाँच डायमंड हार्बर जिला पुलिस के हाथों में है। सुमित रॉय की गिरफ्तारी और अभिषेक बनर्जी की संभावित पूछताछ इस मामले की अगली अहम कड़ी होगी। न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ ही राजनीतिक पारा और चढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अगर इन्हें चलाने के लिए निजी संपत्तियों पर जबरन कब्जे और धमकियों का सहारा लिया गया, तो यह उसी जन-कल्याणकारी छवि को खोखला करता है। फरार PA सुमित रॉय की अनुपस्थिति जाँच की दिशा और रफ्तार दोनों पर सवाल खड़े करती है। मुख्यधारा की कवरेज इस मामले को केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की नजर से देख रही है, जबकि असली मुद्दा यह है कि सत्ता के संरक्षण में सार्वजनिक कार्यक्रमों की आड़ में निजी नागरिकों के अधिकारों का हनन कितना सामान्य हो चुका है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नई एफआईआर किस मामले में दर्ज हुई है?
यह एफआईआर 'सेबाश्रय' स्वास्थ्य शिविर के दौरान दक्षिण 24 परगना के एक निजी टूरिस्ट रिसॉर्ट पर कथित गैरकानूनी कब्जे के आरोप में दर्ज की गई है। रिसॉर्ट मालिक का दावा है कि लगभग 40 दिनों तक जबरन कब्जा बनाए रखा गया और ₹25 लाख से अधिक का नुकसान हुआ।
सुमित रॉय कौन हैं और वे इस मामले में क्यों आरोपी हैं?
सुमित रॉय अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट हैं, जो फिलहाल फरार हैं। शिकायत के अनुसार, उन्होंने अभिषेक बनर्जी और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर रिसॉर्ट पर कब्जे और वहाँ शिविर संचालन में भूमिका निभाई।
सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर क्या है?
सेबाश्रय तृणमूल कांग्रेस सरकार की एक जन-स्वास्थ्य पहल है, जिसके तहत निर्वाचन क्षेत्रों में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाते हैं। यह शिविर अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित किया गया था।
रिसॉर्ट मालिक ने कितने नुकसान का दावा किया है और क्यों?
रिसॉर्ट मालिक ने ₹25 लाख से अधिक के नुकसान का दावा किया है। उनका कहना है कि 40 दिनों तक रिसॉर्ट पर्यटन के लिए बंद रहा और शिविर के डॉक्टरों व कर्मचारियों के रहने-खाने का पूरा खर्च बिना किसी मुआवजे के रिसॉर्ट को उठाना पड़ा।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
डायमंड हार्बर जिला पुलिस मामले की जाँच कर रही है। फरार सुमित रॉय की गिरफ्तारी और अभिषेक बनर्जी की संभावित पूछताछ अगले अहम कदम होंगे। यह मामला अदालत में जाने पर TMC के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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