29 जून 2026
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स्नान पूर्णिमा 2026: अयोध्या में रामलला और पुरी में जगन्नाथ के दर्शन को उमड़े लाखों श्रद्धालु

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स्नान पूर्णिमा 2026: अयोध्या में रामलला और पुरी में जगन्नाथ के दर्शन को उमड़े लाखों श्रद्धालु

सारांश

स्नान पूर्णिमा पर अयोध्या और पुरी दोनों तीर्थ नगरियाँ श्रद्धा से सराबोर रहीं। सरयू में डुबकी लगाकर रामलला के दर्शन से लेकर जगन्नाथ महाप्रभु के आशीर्वाद तक — देशभर के श्रद्धालु उमड़े। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी पुरी पहुँचे, जबकि अयोध्या में चढ़ावा विवाद की गूँज भी सुनाई दी।

मुख्य बातें

स्नान पूर्णिमा पर 29 जून 2026 को अयोध्या और पुरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
अयोध्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में स्नान कर रामलला और हनुमान जी के दर्शन किए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और मानवता के कल्याण की प्रार्थना की।
बिहार , राजस्थान और उत्तराखंड सहित देशभर से श्रद्धालु दोनों तीर्थ स्थलों पर पहुँचे।
अयोध्या आए श्रद्धालुओं ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को निंदनीय बताया।
स्नान पूर्णिमा पुरी में आगामी रथ यात्रा की शुरुआत का संकेत देती है।

स्नान पूर्णिमा के पावन पर्व पर 29 जून 2026 को अयोध्या और पुरी में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। अयोध्या में सरयू नदी में पवित्र स्नान के बाद भक्त राम मंदिर में रामलला और हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन के लिए कतारबद्ध रहे, जबकि ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुँचे।

अयोध्या में श्रद्धा का सैलाब

बिहार से अयोध्या पहुँचे श्रद्धालु प्रकाश कुमार ने कहा, 'श्रीराम लला के दर्शन करके हमें बहुत अच्छा लगा। यहाँ की व्यवस्थाएँ काफी अच्छी हैं और अयोध्या नगरी देखकर मन प्रसन्न हो गया।' राजस्थान से आए एक अन्य श्रद्धालु ने भी राम मंदिर की प्रबंधन व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ का अनुभव अविस्मरणीय है।

राजस्थान के बाड़मेर जिले से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि रामलला के दर्शन करके मन को गहरी शांति मिली और अयोध्या की समग्र व्यवस्था शानदार है। तीनों श्रद्धालुओं ने हाल ही में सामने आए चढ़ावा विवाद पर एकसुर में इसे निंदनीय बताया और कहा कि भगवान राम के मंदिर में इस प्रकार की घटना अस्वीकार्य है।

पुरी में जगन्नाथ दर्शन और रथ यात्रा की तैयारी

ओडिशा के पुरी में स्नान पूर्णिमा का विशेष महत्व है, क्योंकि यह पर्व भगवान जगन्नाथ की प्रतिष्ठित रथ यात्रा से सीधे जुड़ा है। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी महाप्रभु के दर्शन किए। उन्होंने कहा, 'यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे महाप्रभु के दर्शन का अवसर मिला। स्नान पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर पहली बार यहाँ पहुँचा हूँ। महाप्रभु से प्रार्थना है कि समग्र मानव सभ्यता, भारत और ओडिशा को आगे ले जाएँ।'

उत्तराखंड से पुरी पहुँची एक श्रद्धालु ने कहा कि यह उनकी पहली पुरी यात्रा है और वे स्वयं को अत्यंत भाग्यशाली मानती हैं। उन्होंने कहा, 'पुरी केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक पवित्र धार्मिक तीर्थ है। लोगों को यहाँ भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने और स्वच्छता बनाए रखने के संकल्प के साथ आना चाहिए।'

चढ़ावा विवाद की छाया

अयोध्या में श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच राम मंदिर चढ़ावा विवाद की चर्चा भी रही। बिहार, राजस्थान और बाड़मेर से आए श्रद्धालुओं ने एकमत से इस घटना को 'गलत' और 'निंदनीय' बताया। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब मंदिर में आस्थावानों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

धार्मिक महत्व और आगे की तैयारियाँ

स्नान पूर्णिमा हिंदू पंचांग में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। पुरी में यह पर्व रथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत का संकेत देता है, जो कुछ ही दिनों में आयोजित होने वाली है। प्रशासन ने दोनों तीर्थ स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

श्रद्धालुओं के मुँह से बार-बार उठा चढ़ावा विवाद का ज़िक्र यह संकेत देता है कि मंदिर प्रशासन के प्रति जवाबदेही की माँग आस्था के साथ-साथ चल रही है। पुरी में केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति धार्मिक पर्यों के राजनीतिक महत्व को रेखांकित करती है, जो एक व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है। असली सवाल यह है कि इन तीर्थ स्थलों पर बढ़ती भीड़ के साथ प्रशासनिक पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की सुविधाएँ किस गति से बढ़ रही हैं।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्नान पूर्णिमा 2026 पर अयोध्या में क्या हुआ?
29 जून 2026 को स्नान पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में पवित्र स्नान किया और राम मंदिर में रामलला तथा हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन किए। बिहार, राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु अयोध्या पहुँचे।
पुरी में स्नान पूर्णिमा का क्या महत्व है?
पुरी में स्नान पूर्णिमा भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो रथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत का संकेत देता है। इस दिन देशभर से श्रद्धालु महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी पहुँचते हैं।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पुरी में क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्नान पूर्णिमा पर पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और कहा कि यह उनका सौभाग्य है। उन्होंने महाप्रभु से समग्र मानव सभ्यता, भारत और ओडिशा के कल्याण की प्रार्थना की।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
स्नान पूर्णिमा पर अयोध्या पहुँचे श्रद्धालुओं ने राम मंदिर में हुए चढ़ावा विवाद को निंदनीय बताया। बिहार और राजस्थान से आए श्रद्धालुओं ने एकमत से कहा कि भगवान राम के मंदिर में इस प्रकार की घटना अस्वीकार्य है, हालाँकि मंदिर की समग्र व्यवस्था की सराहना भी की।
स्नान पूर्णिमा कब और क्यों मनाई जाती है?
स्नान पूर्णिमा हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है और इसे अत्यंत पुण्यदायी तिथि माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है और तीर्थ स्थलों पर लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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