स्नान पूर्णिमा 2026: अयोध्या में रामलला और पुरी में जगन्नाथ के दर्शन को उमड़े लाखों श्रद्धालु
सारांश
मुख्य बातें
स्नान पूर्णिमा के पावन पर्व पर 29 जून 2026 को अयोध्या और पुरी में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। अयोध्या में सरयू नदी में पवित्र स्नान के बाद भक्त राम मंदिर में रामलला और हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन के लिए कतारबद्ध रहे, जबकि ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुँचे।
अयोध्या में श्रद्धा का सैलाब
बिहार से अयोध्या पहुँचे श्रद्धालु प्रकाश कुमार ने कहा, 'श्रीराम लला के दर्शन करके हमें बहुत अच्छा लगा। यहाँ की व्यवस्थाएँ काफी अच्छी हैं और अयोध्या नगरी देखकर मन प्रसन्न हो गया।' राजस्थान से आए एक अन्य श्रद्धालु ने भी राम मंदिर की प्रबंधन व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ का अनुभव अविस्मरणीय है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि रामलला के दर्शन करके मन को गहरी शांति मिली और अयोध्या की समग्र व्यवस्था शानदार है। तीनों श्रद्धालुओं ने हाल ही में सामने आए चढ़ावा विवाद पर एकसुर में इसे निंदनीय बताया और कहा कि भगवान राम के मंदिर में इस प्रकार की घटना अस्वीकार्य है।
पुरी में जगन्नाथ दर्शन और रथ यात्रा की तैयारी
ओडिशा के पुरी में स्नान पूर्णिमा का विशेष महत्व है, क्योंकि यह पर्व भगवान जगन्नाथ की प्रतिष्ठित रथ यात्रा से सीधे जुड़ा है। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी महाप्रभु के दर्शन किए। उन्होंने कहा, 'यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे महाप्रभु के दर्शन का अवसर मिला। स्नान पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर पहली बार यहाँ पहुँचा हूँ। महाप्रभु से प्रार्थना है कि समग्र मानव सभ्यता, भारत और ओडिशा को आगे ले जाएँ।'
उत्तराखंड से पुरी पहुँची एक श्रद्धालु ने कहा कि यह उनकी पहली पुरी यात्रा है और वे स्वयं को अत्यंत भाग्यशाली मानती हैं। उन्होंने कहा, 'पुरी केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक पवित्र धार्मिक तीर्थ है। लोगों को यहाँ भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने और स्वच्छता बनाए रखने के संकल्प के साथ आना चाहिए।'
चढ़ावा विवाद की छाया
अयोध्या में श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच राम मंदिर चढ़ावा विवाद की चर्चा भी रही। बिहार, राजस्थान और बाड़मेर से आए श्रद्धालुओं ने एकमत से इस घटना को 'गलत' और 'निंदनीय' बताया। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब मंदिर में आस्थावानों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
धार्मिक महत्व और आगे की तैयारियाँ
स्नान पूर्णिमा हिंदू पंचांग में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। पुरी में यह पर्व रथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत का संकेत देता है, जो कुछ ही दिनों में आयोजित होने वाली है। प्रशासन ने दोनों तीर्थ स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं।